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सह्याद्री प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित ‘किल्ले बनाओ’ पहल को मिला नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा अच्छा प्रतिसाद

कान्हेवाडी बुद्रुक (ता. खेड) के सह्याद्री प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित की गई किल्ले बनाओ पहल को नन्हें-मुन्ने बच्चों का अच्छा प्रतिसाद मिला है।

हड़पसर, नवंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)

दिवाली के अवसर पर कान्हेवाडी बुद्रुक (ता. खेड) के सह्याद्री प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित किल्ले बनाओ पहल को नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा अच्छा प्रतिसाद मिला है। सभी शामिल बालकों को प्रतिष्ठान के पदाधिकारियों के शुभहाथों मिठाइयां बांटी गईं और सराहा गया। साथ ही भाग लेनेवाले बच्चों को प्रोत्साहित कर पुरस्कृत किया गया और उनकी प्रतिभा की सराहना की गई।
बच्चों को अपने इतिहास की, उनके गवाह के तौर पर गडकोट की जानकारी होनी चाहिए, उसी पृष्ठभूमि में ऐतिहासिक व्यक्तित्व, उनका स्वराज्य के निर्माण में    योगदान व कुल मिलाकर इसका अध्ययन बच्चों को करना चाहिए, इसके लिए उनका जुनून बढ़ना चाहिए, इस संबंध में हर वर्ष दिवाली के अवसर पर प्रतिष्ठान द्वारा किलेबंदी की पहल की जाती है। भाग लेनेवाले बच्चों को प्रोत्साहन पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाता है और उनकी प्रतिभा की सराहना की जाती है।
इस वर्ष प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित इस पहल में लगभग 51 बच्चों ने भाग लिया। अनेक बच्चों ने विभिन्न किलों की आकर्षक प्रतिकृतियां बनाई थीं। प्रितेश विलास कोबल, सक्षम प्रवीण आंबेकर, श्रेयश दत्तात्रय कोबल, श्रीकांत विट्ठल आंबेकर, अभिमन्यु शंकर कोबल, स्वरा उमेश भांबेकर, सर्वेश निलेश आनंदकर, मनीष दीपक नाईकडे, कौशिक सतीश करवंदे, वेदांत श्याम आंबेकर, राज विकास कोबल, सिद्धेश सोमनाथ शिंदे, आयुष आदिनाथ करवंदे, वैभवी उल्हास रणपिसे, सोहम रवींद्र कोबल, साईराज मंगेश कोबल, आर्यन कोबल, विराज गणेश कोबल, यश संजय गायकवाड, श्रीहरी ज्ञानेश्वर कोबल, आर्यन विशाल कोबल, काव्या अविनाश कोबल नन्हें-मुन्ने बच्चों ने कला के सुंदर कार्यों को प्रस्तुत किया था।
इन नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ शामिल सभी बालकों को प्रतिष्ठान के पदाधिकारी दिलीप मांजरे, विलास कोबल, संतोष सावंत, शंकर कोबल, विनायक रूके, अमोल रूके, स्वप्निल बेंडुरे, संतोष पवार के शुभ हाथों पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संयोजन रितेश कोबल द्वारा किया गया।

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