कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी के जन्मदिन के अवसर पर कंबल बांटते हुए पुणे शहर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रमेश बागवे, साथ में नसीम शेख, इमरान शेख व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, दिसंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
कांग्रेस का हाथ, आम जनता के साथ का नारा पूरी तरह से साकार करते हुए आम जनता को मदद का हाथ देकर उनका ख्याल जिस तरह से दीया फाउंडेशन कर रहा है वो सही मायने में बहुत ही काबिले तारीफ है। पुणे महानगर पालिका के होने जा रहे आगामी चुनाव में कांग्रेस पार्टी जनसेविका नसीम अम्मी शेख और जनसेवक इमरान शेख के पीछे पूरे समर्थन के साथ डटकर खड़ी रहेगी। यह प्रतिपादन पूर्व राज्यमंत्री तथा पुणे शहर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रमेश बागवे ने व्यक्त किया।
कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी के जन्मदिन के अवसर पर जनसेविका नसीम शेख व जनसेवक इमरान शेख की ओर से जरूरतमंदों को कंबल बांटे गए, तब आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां पूर्व राज्यमंत्री बालासाहेब शिवरकर, शिरीन शेख, साधना सहकारी बैंक के चेयरमैन आबा गोंधले, क्लासिक फायर सर्विस के संचालक तौफिक शेख के साथ अन्य अतिथिगण प्रमुख रूप से उपस्थित थे। प्रमुख अतिथिगणों का स्वागत इमरान शेख ने किया।
पूर्व राज्यमंत्री बालासाहेब शिवरकर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के गरीबी हटाओ से प्रेरित होकर ही दीया फाउंडेशन का कार्य जारी है। आम जनता का साथी दीया फाउंडेशन है। उनके द्वारा जारी सामाजिक कार्यों का मैं हमेशा समर्थन करूंगा।
दीया फाउंडेशन की प्रमुख जनसेविका नसीम शेख ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि संकट की घड़ी में समाजसेवी संस्था के रूप में जरूरतमंद लोगों के लिए दीया फाउंडेशन द्वारा जनसेवा को समर्पित होकर कार्य किया जा रहा है। मानवता की सेवा ही भगवान की पूजा है। दीन हीन की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य कार्य होता है।
कार्यक्रम के आयोजक इमरान शेख ने प्रास्ताविक करते हुए बताया कि दीया फाउंडेशन की ओर से अब तक कई सामाजिक पहलों को लागू किया गया है, सामाजिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई है। कोरोना काल में अन्नदान, रक्तदान शिविर, नेत्र जांच शिविर, पानी की प्याऊ, नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों के साथ दीया फाउंडेशन आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए स्थायी रूप से काम कर रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मतीन शेख, अनिल हावले, अक्षय बहिरट, इमरान पानसरे, अतिफ शेख, बालासाहब साबले, अमित गवली के साथ दीया फाउंडेशन के सदस्यों ने अथक परिश्रम किया।
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