‘दारू नको दुध प्या’ का नारा लगाकर नागरिकों को मसाला दूध बांटते हुए अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
(हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
हड़पसर, शराब पीना भारतीय संस्कृति नहीं बल्कि पश्चिमी देशों की विकृति है। आनेवाली पीढ़ियां पश्चिम देशों की विकृतियों का अनुकरण करने लगी हैं। स्वस्थ और मजबूत आगामी पीढ़ी के निर्माण के लिए व्यसनमुक्ति होनी चाहिए। व्यसन को जड़ों से मिटाना होगा। यह अपील अरुण दादा बेल्हेकर युवा राष्ट्र निर्माण संस्था संलग्न नेहरु युवा केंद्र पुणे युवा कार्यक्रम व क्रीड़ा मंत्रालय भारत सरकार के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर ने की।
अरुण दादा बेल्हेकर युवा राष्ट्र निर्माण संस्था की ओर से ‘दारू नको दुध प्या’ (शराब नहीं दूध पीओ) पहल शुरू की थी, तब वे बोल रहे थे। हड़पसर सब्जी मंडी, रिक्शा स्टैंड, उड्डाण पुल के नीचे का मजूर अड्डा ऐसी अनेक जगहों पर मसाला दूध बांटकर व्यसन मुक्ति जनजागृति की गई। एक छोटे से लाउडस्पीकर से नागरिकों ने नव वर्ष का स्वागत करते वक्त आइए बिना शराब पार्टियों के दूध पीकर अपनी भारतीय संस्कृति को बचाएं, यह अपील की गई। इस दौरान करीब डेढ़ हजार नागरिकों को मसाला दूध बांटा गया।
इस पहल का सफलतापूर्वक संयोजन अरुण दादा बेल्हेकर युवा राष्ट्र निर्माण संस्था के अध्यक्ष शैलेंद्र बेल्हेकर, अतुल रासकर, समिर घुले, बबन जगताप, रेश्मा लोणारे, मिनाक्षी कुमकर, गोरख आडेकर, महेश गळगे, सत्यवान घुले, किशोर टिलेकर, शंकर बावकर, सुबोध येनपुरे व राहुल चांदणे के द्वारा किया गया।
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