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कृषि यांत्रिकीकरण उप-अभियान के अंतर्गत ड्रोन खरीदी के लिए अनुदान

पुणे, फरवरी (जिमाका)

खेती क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग को प्रोत्साहन देने के लिए कृषि यांत्रिकीकरण उप अभियान के अंतर्गत ड्रोन प्रौद्योगिकी आधारित छिड़काव प्रदर्शन करने के लिए कृषि उपकरण व उपकरण निरीक्षण संस्थान, भारतीय कृषि संशोधन परिषद से संलग्न संस्था (आईसीएआर से संलग्न संस्था), कृषि विज्ञान केन्द्र, किसान उत्पादन संस्था व कृषि विद्यापीठों को ड्रोन खरीदने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य में विभिन्न प्रकार की फसलें विभाग और मौसम के अनुसार उगाई जाती हैं। फसलों पर कीट एवं रोगों के नियंत्रण हेतु कीट एवं कीटनाशक का छिड़काव व वृद्धि के लिए आवश्यक मूलद्रव्यों का छिड़काव भी करता है। फिलहाल छिड़काव मजदूरों द्वारा या ट्रैक्टर चालित पंप से किया जा रहा है। इस पर ड्रोन से छिड़काव का विकल्प सामने आया है। केंद्र सरकार ने ड्रोन के जरिए किसानों को स्प्रे सेवाएं मुहैया कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
गाइडलाइंस के मुताबिक इस तरह के प्रदर्शन कृषि मशीनरी और उपकरण निरीक्षण संस्थानों, आईसीएआर से संबद्ध संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि उत्पादन संस्थानों और विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा सकते हैं। कृषि अनुसंधान संस्थान, कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालयों को ड्रोन और उनके पुर्जों की खरीद के लिए 100 प्रतिशत यानी 10 लाख रुपयों का अनुदान दिया जाएगा। किसानों के खेतों पर ड्रोन छिड़काव प्रदर्शनों को लागू करने के लिए ड्रोन की खरीद के लिए 75% यानी 7050 लाख का अनुदान दिया जाएगा।
ड्रोन खरीदे बिना ड्रोन किराए पर लेकर प्रदर्शन को लागू करने वाली संबंधित प्रणाली को किराया व अनुषंगिक खर्च के लिए प्रति हेक्टेयर 6 हजार अनुदान दिया जाएगा एवं ड्रोन खरीद कर प्रदर्शन क्रियान्यवन तकनीक को खुदरा खर्च के लिए प्रति हेक्टेयर 3 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा।
मशीन उपकरण परीक्षण संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, आईसीएआर से संबद्ध संस्थान अपने प्रस्ताव केन्द्र शासन के संबंधित विभाग व किसान उत्पादन कंपनियां अपने प्रस्ताव राज्य शासन के कृषि विभाग द्वारा 31 मार्च 2023 तक पेश करें।
मौजूदा सेवा केंद्रों को ड्रोन की मूल लागत का 40 प्रतिशत या 4 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। नए सेवा सुविधा केन्द्र स्थापित करने वाली इच्छुक सहकारी संस्था, किसान उत्पादक संस्था या ग्रामीण नए उद्यमियों को भी सेवा सुविधा केन्द्र की मशीन सामग्री में ड्रोन का समावेश कर योजना का लाभ दिया जाएगा, इसके लिए पहल करने वाले कृषि स्नातकों को ड्रोन की खरीद के लिए 50 प्रतिशत या 5 लाख रुपये से कम का अनुदान दिया जाएगा। ऐसी सेवाएं प्रदान करने वाले सुविधा केंद्रों द्वारा दी जाने वाली उचित दरों के संबंध में जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी द्वारा पर्यवेक्षण किया जाएगा।
ग्रामीण नव उद्यमी को कम से कम दसवीं पास होना व उसके पास डीजीसीए द्वारा निर्देशित किए गए संस्था या किसी भी प्राधिकृत रिमोट प्रशिक्षण संस्था से रिमोट पायलट लाइसेंस होना आवश्यक है। यह जानकारी कृषि विभाग के संचालक (निविष्ठा व गुणनियंत्रण) दिलीप झेंडे द्वारा दी गई है।

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