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स्लम सॉकर के प्रणेता विजय बारसे को ‘पद्म व महाराष्ट्र भूषण’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाए

अल्फा ओमेगा ख्रिश्चन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष शिंदे द्वारा मांग
हड़पसर, मार्च (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
स्लम सॉकर के प्रणेता विजय बारसे को पद्म व महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जाए। यह मांग अल्फा ओमेगा ख्रिश्चन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष शिंदे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से की है। 
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए आशीष शिंदे ने बताया कि नागराज मंजुले द्वारा दिग्दर्शित झुंड फिल्म में विजय बारसे ने झोपड़पट्टी के बच्चों के लिए किया गया महान कार्य विश्व के सामने लाया है। उनके इस कार्य को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने उन्हें पद्म व महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार से सम्मानित करना चाहिए। विजय बारसे 2000 साल में नागपुर के हिसलॉप कॉलेज में खेल प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने झोपड़पट्टी के बच्चों को फुटबॉल की ट्रेनिंग देकर उन्हे खिलाड़ी बनाया था। उनके इस कार्य की सभी तरफ प्रशंसा की गई थी। साथ ही उन्होंने ‘स्लम सॉकर’ नाम से लीग की भी स्थापना की थी। आमिर खान के ‘सत्यमेव जयते’ कार्यक्रम में भी विजय बारसे की प्रेरणादायी कथा दिखाई गई थी। उन्होंने वर्ष 2002 में ‘झोपड़पट्टी फुटबॉल लीग’ शुरूआत की। कुछ समय के बाद यही खेल ‘स्लम सॉकर’ के नाम से मशहूर हुआ। लोगों ने उनसे पूछा कि आपने इस लीग का नाम ‘झोपड़पट्टी फुटबॉल’ ऐसा क्यों रखा? तब उन्होंने बताया कि मुझे पता है कि यह सभी बच्चे झोपड़पट्टी से आए हैं और मुझे इन बच्चों के लिए काम करना है, इसलिए मैंने यह नाम रखा है।
अंत में प्रदेश अध्यक्ष आशीष शिंदे ने बताया कि विजय बारसे ने स्लम सॉकर को विश्वस्तर पर जाकर रखा है और यह एक अद्भुत कार्य उन्होंने किया है। समाज की आपराधिक प्रवृत्तियों को सही मोड़ देकर अपने भारत देश का नाम विश्व में रोशन करने का महान कार्य विजय बारसे ने किया है। उनके इस कार्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ‘पद्म’ व महाराष्ट्र शासन द्वारा ‘महाराष्ट्र भूषण’ पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाना चाहिए।

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