पुणे, अप्रैल (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
पिछले चार दिनों में महावितरण ने बिजली चोरों पर विशेष कार्रवाई शुरू की है। इसमें पुणे, सोलापुर, सांगली, सातारा और कोल्हापुर जिलों में 7,220 अनधिकृत कनेक्शनों को हटा दिया गया है और इसके लिए उपयोग किए जाने वाले पंप, केबल और स्टार्टर को भी जब्त कर लिया गया है।
आकडेमुक्त बिजली लाइन के लिए यह कार्यवाही आगे भी कायम रहेगी। यह निर्देश प्रादेशिक संचालक (प्र.) श्री. अंकुश नाले ने दिए हैं।
हाल के कॉर्पोरेट घोटालों के परिणामस्वरूप इस विशेषता की मांग में काफी वृद्धि हुई है। बिजली चोरी के खिलाफ यह विशेष अभियान इसलिए शुरू किया गया है क्योंकि ये अनाधिकृत आकड़े मांग के अनुरूप बिजली की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। पिछले चार दिनों में देखा गया कि 7,220 स्थानों पर अनाधिकृत आकड़े फेंककर बिजली चोरी शुरू हो रही है। आकड़े तत्काल हटाने के साथ ही केबल, पंप, स्टार्टर और इस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अन्य सामग्री को जब्त कर लिया गया है।
अब तक सोलापुर जिले में 3021, सातारा जिले में 703, कोल्हापुर में 35, सांगली में 457 और पुणे ग्रामीण, गणेशखिंड, रास्तापेठ मंडल में 573 और पुणे जिले के बारामती ग्रामीण मंडल में 2431 आकड़े पाए गए हैं और उन्हें तुरंत हटा दिया गया है। बिजली चोरी के अधिकांश आंकड़े कृषि उपयोग के लिए थे। इस कार्रवाई से लो वोल्टेज बिजली आपूर्ति, बिजली लाइन या रोहित्रा का ओवरलोड, रोहित्रों का टूटना, बिजली दुर्घटना आदि से बचा जा रहा है। आधिकारिक कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह उपाय काफी पूरक बनता जा रहा है।
बिजली चोरी के खिलाफ नियमित कार्रवाई के साथ पिछले साल से पश्चिमी महाराष्ट्र में विशेष रूप से एक दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। इन विशेष अभियानों में अब तक पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर जिलों में 6 हजार 428 स्थानों पर 7 करोड़ 71 लाख 45 हजार रुपये की अनधिकृत बिजली खपत उजागर हुई है। अन्य स्थानों से आकड़े या केबल चोरी करना और चोरी के माध्यम से बिजली का उपयोग करना अपने, घर के छोटे और बड़े लोगों या क्षेत्र के नागरिकों के जीवन को खतरे में डाल सकता है। घातक दुर्घटना की संभावना बनी रहती है, इसलिए महावितरण ने बिजली चोरी करने के बजाय आधिकारिक बिजली कनेक्शन लेने की अपील की है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।
पिछले चार दिनों में महावितरण ने बिजली चोरों पर विशेष कार्रवाई शुरू की है। इसमें पुणे, सोलापुर, सांगली, सातारा और कोल्हापुर जिलों में 7,220 अनधिकृत कनेक्शनों को हटा दिया गया है और इसके लिए उपयोग किए जाने वाले पंप, केबल और स्टार्टर को भी जब्त कर लिया गया है।
आकडेमुक्त बिजली लाइन के लिए यह कार्यवाही आगे भी कायम रहेगी। यह निर्देश प्रादेशिक संचालक (प्र.) श्री. अंकुश नाले ने दिए हैं।
हाल के कॉर्पोरेट घोटालों के परिणामस्वरूप इस विशेषता की मांग में काफी वृद्धि हुई है। बिजली चोरी के खिलाफ यह विशेष अभियान इसलिए शुरू किया गया है क्योंकि ये अनाधिकृत आकड़े मांग के अनुरूप बिजली की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। पिछले चार दिनों में देखा गया कि 7,220 स्थानों पर अनाधिकृत आकड़े फेंककर बिजली चोरी शुरू हो रही है। आकड़े तत्काल हटाने के साथ ही केबल, पंप, स्टार्टर और इस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अन्य सामग्री को जब्त कर लिया गया है।
अब तक सोलापुर जिले में 3021, सातारा जिले में 703, कोल्हापुर में 35, सांगली में 457 और पुणे ग्रामीण, गणेशखिंड, रास्तापेठ मंडल में 573 और पुणे जिले के बारामती ग्रामीण मंडल में 2431 आकड़े पाए गए हैं और उन्हें तुरंत हटा दिया गया है। बिजली चोरी के अधिकांश आंकड़े कृषि उपयोग के लिए थे। इस कार्रवाई से लो वोल्टेज बिजली आपूर्ति, बिजली लाइन या रोहित्रा का ओवरलोड, रोहित्रों का टूटना, बिजली दुर्घटना आदि से बचा जा रहा है। आधिकारिक कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह उपाय काफी पूरक बनता जा रहा है।
बिजली चोरी के खिलाफ नियमित कार्रवाई के साथ पिछले साल से पश्चिमी महाराष्ट्र में विशेष रूप से एक दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। इन विशेष अभियानों में अब तक पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर जिलों में 6 हजार 428 स्थानों पर 7 करोड़ 71 लाख 45 हजार रुपये की अनधिकृत बिजली खपत उजागर हुई है। अन्य स्थानों से आकड़े या केबल चोरी करना और चोरी के माध्यम से बिजली का उपयोग करना अपने, घर के छोटे और बड़े लोगों या क्षेत्र के नागरिकों के जीवन को खतरे में डाल सकता है। घातक दुर्घटना की संभावना बनी रहती है, इसलिए महावितरण ने बिजली चोरी करने के बजाय आधिकारिक बिजली कनेक्शन लेने की अपील की है।
यह जानकारी पुणे महावितरण कंपनी के मुख्य अभियंता कार्यालय, पुणे परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री निशिकांत राऊत द्वारा दी गई है।
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