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अंटार्कटिका को फतह करने वाली पहली भारतीय आईएएस अधिकारी ‘चारुलता सोमल’

अंटार्कटिका को फतह करने वाली भारत की पहली आईएएस अधिकारी चारुलता सोमल हैं? आईएएस चारुलता सोमल एक ऐसी ही सख्त अधिकारी हैं, जिन्होंने न केवल दक्षिणी ध्रुव का दौरा किया बल्कि देश में जलवायु परिवर्तन के लिए भी काम कर रही हैं। वह उन आईएएस अधिकारियों में से एक हैं जो मानव जाति के लाभ के लिए काम करने के लिए अपने ज्ञान का उपयोग कर रही हैं।
चारुलता सोमल 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह उपायुक्त, कोडागु के पद पर तैनात हैं। चारुलता सोमल का जन्म 7 मार्च 1988 को मुंबई में हुआ था। वह बचपन से ही एक महत्वाकांक्षी लड़की थीं। चारुलता ने सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स पूरा किया। उन्होंने वहां फर्स्ट डिवीजन से ग्रेजुएशन पास किया। ग्रेजुएशन के बाद चारुलता ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। इसके लिए पहले उन्होंने कोचिंग का सहारा लिया और बाद में वह खुद तैयारी करने लगीं। वह यूपीएससी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों से कहती हैं, कुछ नहीं जानना भी ठीक है, इसलिए जब आपको किसी सवाल का उत्तर नहीं पता हो, तो बुरा नहीं मानना चाहिए।
साल 2011 में चारुलता सोमल को सफलता मिली और वह एक आईएएस अधिकारी बनीं। उनकी पहली पोस्टिंग बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई। इस दौरान उन्होंने अपने कर्मचारियों के साथ संवाद करने के लिए कन्नड़ भी सीखी। बाद में वह कोडागु में जिला पंचायत के सीईओ के रूप में स्थानांतरित हो गईं।
कोडागु में जिला पंचायत के सीईओ के पद पर तैनात होने के बाद चारुलता को क्षेत्र के वन विभाग में भेजा गया। वहां वह प्रकृति से घिरी रहती थीं और अपना काम करती थीं। इसी दौरान प्रकृति और उसकी गतिविधियों में उनकी रुचि विकसित हुई। उन दिनों उन्हें दो बार अंटार्कटिका के एक अभियान पर जाने का मौका मिला। सोमल अंटार्कटिक अभियान पर जाने के लिए 30 देशों के 140 ट्रेकर्स में से एक थीं। टीम में आईएएस चारुलता सोमल समेत 17 भारतीय थे। हालांकि, वह उस समय एकमात्र आईएएस अधिकारी थीं। वह 13 से 26 मार्च 2016 तक अंटार्टिक में रहीं।

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