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दिन-रात मरीजों की सेवा करनेवाली नर्सें चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ हैं : नर्सें सम्मानित

नर्सिंग डे के अवसर पर नर्सों और कर्मचारियों को सांसद डॉ. अमोल कोल्हे के शुभहाथों प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। यहां हड़पसर मेडिकल असोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शंतनु जगदाले, असोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सचिन आबणे उपस्थित थे।

हड़पसर, मई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क) 

नर्सिंग डे 12 मई 2022 को पूर्व एचएमए अध्यक्ष डॉ. शंतनु जगदाले के विशेष प्रयासों से इस पहल का प्रतीकात्मक समापन सांसद डॉ. अमोल कोल्हे की प्रमुख उपस्थिति में नवीन शासकीय विश्रामगृह में हुआ। समारोह में उपस्थित नर्सों और कर्मचारियों को सांसद डॉ. अमोल कोल्हे के शुभहाथों प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। 
इस अवसर पर उपस्थितों को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने कहा कि कैसे डॉक्टरों को सेवा और व्यवसाय के फिसलन पथ पर मार्गक्रमण करना पड़ता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आनेवाले युग में सहानुभूति के गुण को अपनाने वाली नर्स के महत्व पर भी विस्तार से बताया। उन्होंने इंद्रायणी मेडिसिटी की महत्वाकांक्षी चिकित्सा परियोजना के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी। 
6 मई से 12 मई तक पूरी दुनिया में नर्सिंग वीक के रूप में मनाया जाता है और 12 मई को नर्सिंग डे के रूप में मनाया जाता है। दिन-रात मरीजों की सेवा करनेवाली नर्सें सही मायने में चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ हैं। चाहे युद्ध की स्थिति हो, प्राकृतिक आपदा हो या फिर कोविड जैसी वैश्विक महामारी, ये नर्सें मरीज की देखभाल के अपने संकल्प को लगातार निभा रही हैं और इसीलिए हड़पसर मेडिकल असोसिएशन ने इन नर्सों के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया। हड़पसर मेडिकल असोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सचिन आबणे की अवधारणा से ‘मी ही एक देवदूत’ यह बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) प्रशिक्षण परियोजना लागू की गई थी। यह जानकारी हड़पसर मेडिकल असोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शंतनु जगदाले ने दी। 
इस पहल के माध्यम से नोबल हॉस्पिटल, सह्याद्री हॉस्पिटल, विलू पूनावाला हॉस्पिटल, यश हॉस्पिटल, महेश स्मृति हॉस्पिटल, शिवम हॉस्पिटल, लोणी, विश्वराज हॉस्पिटल, लोणी व चिंतामणी हॉस्पिटल ऊरुलीकांचन इन मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स के सहयोग से 1000 से अधिक नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, गैर-नैदानिक (क्लीनिकल) कर्मचारियों के लिए बीएलएस प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन    कार्यशालाओं से प्रशिक्षणार्थियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रदर्शन के साथ-साथ अध्ययन भी कराया गया। प्रशिक्षण वर्ग को सफलतापूर्वक पूरा करनेवाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। 12 मई को यू-ट्यूब के माध्यम से नर्सों के लिए इमर्जेंसी 108 के लिए सरकारी चिकित्सा सेवा प्रणाली के मुख्य समन्वयक डॉ. साकेत टिलेकर द्वारा एक प्रेरक व्याख्यान आयोजित किया गया था। 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे के अवसर पर एक सद्भावना रैली का आयोजन करने जा रहे हैं। हम डॉक्टरों और समाज के बीच घटते संचार और घटती विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों के लिए एक परिसंवाद  का आयोजन करेंगे। यह जानकारी हड़पसर मेडिकल असोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सचिन आबणे ने दी है।
कार्यक्रम का संचालन एचएमए की ओर से संयुक्त सचिव डॉ. हिमांशु पेंडसे, डॉ. वंदना आबणे और सह-कोषाध्यक्ष डॉ. राज कोद्रे, डॉ. सत्यवान आटपाडकर द्वारा किया गया।
इस पहल को सफल बनाने  के लिए असोसिएशन के सचिव डॉ. अजय माने, कोषाध्यक्ष डॉ. स्वप्निल लडकत, नियोजित अध्यक्ष डॉ.चंद्रकांत हरपले, पूर्व अध्यक्ष डॉ. शंतनु जगदाले, डॉ.मंगेश वाघ, डॉ.प्रशांत चौधरी, उपाध्यक्ष डॉ. राहुल झांजूर्णे, डॉ. मनोज कुंभार, डॉ. सुनीता घुले, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. सुशांत शिंदे, डॉ.मनोज कुलकर्णी, डॉ. विशाल सालुंके, डॉ. मालोजीराजे तनपुरे, डॉ. अतुल होले, डॉ. सतीश सोनवणे, डॉ. अतुल कांबले, डॉ. आनंद कांबले, डॉ.मनीषा सोनवणे, डॉ. राहुल ससाणे, डॉ. शिवांजली आटपाडकर, डॉ. सुनील बांदल, डॉ. कुलभूषण शितोले, डॉ. दीपक शिंदे का मूल्यवान सहयोग था।

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