हमारे पुणे शहर में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की खबर पढ़कर मन सुन्न व दंग रह गया। शहर को संस्कृति, शिक्षा का मायका के रूप में देखा जाता है। इस शिक्षित पुणे शहर में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार निश्चित रूप से विचारोत्तेजक हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के बढ़ते ज्वार को उजागर करता है, इतना ही नहीं, यह विचारोत्तेजक भी है। लगभग 97 बलात्कार, 187 छेड़छाड़ और लगभग 227 अपराध दर्ज किए गए हैं। यह समाचार निश्चित रूप से हैरान करनेवाले हैं।
यह खबर आपको सुन्न करनेवाली है कि एकतरफा प्यार, शादी की लालसा, छेड़खानी, डिप्रेशन, कारण जो भी हो, ये बातें क्यों होती हैं? मुझे लगता है कि इस पर परिवार के सदस्यों के साथ-साथ समाज के सभी स्तरों को भी विचार करना चाहिए। अखबार खोलने के बाद एकतरफा प्यार से बलात्कार, छेड़छाड़, अपहरण, हत्या की खबरें दिमाग को सुन्न कर देनेवाली थीं। मुझे आश्चर्य है कि हम इसे क्यों अनदेखा करते हैं। अगर हम प्यार के लालच में पड़ जाते हैं, तो हमें गंभीरता से विचार करना चाहिए कि यह अनुपात बढ़ता है या नहीं! इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
आजकल शादी की आड़ में रेप की घटनाएं लगातार हो रही हैं। ऐसे समय में लड़कियों/महिलाओं को सावधान रहना चाहिए। लिव इन रिलेशनशिप हमारी संस्कृति नहीं है। यह अप्रत्याशित घटनाओं की ओर जाता है। परिवार के लोग भी प्रभावित होते हैं। वास्तव में, यह कहना सुरक्षित है कि केवल लड़कियों/महिलाओं को ही सतर्क रहना चाहिए। वहीं, एकतरफा प्यार करनेवाले बच्चों को भी सोचना चाहिए कि आपकी लापरवाह क्रियाओं के कारण, कार्यों से किसी का जीवन बर्बाद न हो, इस बात का ध्यान रखना चाहिए। वास्तव में एकतरफा प्रेम जैसी हरकतों से बचना चाहिए।
आखिर एक लड़की, एक औरत किसी की बेटी, पत्नी, मां हो सकती है! उनके जीवन में जहर घोलने का काम न करें। तभी हम अत्याचारों को कम कर सकते हैं या पूरी तरह खत्म भी कर सकते हैं।

0 टिप्पणियाँ