मांजरी, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
पैसा कमाने के लिए किसी भी क्षेत्र में कैरियर न बनाएं। मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने पसंदीदा क्षेत्र में कैरियर बनाएं, अपने आप आपको धन, शोहरत, मान-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान स्वत: प्राप्त होगा। यह विचार कैरियर मार्गदर्शक प्रा. विजय नवले ने व्यक्त किया।
अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था की ओर से मांजरी बुद्रुक स्थित के.के.घुले विद्यालय में दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए वे बोल रहे थे। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष शैलेन्द्र बेल्हेकर ने जरूरतमंद छात्रों के लिए घर-घर जाकर जुटाई गई किताबों का वितरण भी किया गया।
प्रा. विजय नवले ने आगे कहा कि कैरियर बनाते समय अपनी बौद्धिक व शारीरिक क्षमताओं का स्व-मूल्यांकन करना आवश्यक है। हमारे यहां माता-पिता ऐसे क्षेत्रों का चयन करते हैं जो बच्चों को पसंद नहीं हैं, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों में आगे डिप्रेशन होता है। बच्चों को अपने माता-पिता को अपनी रुचि के क्षेत्र के बारे में बताना चाहिए, उनकी भूमिका सकारात्मक भी हो सकती है।
कार्यक्रम का संयोजन के.के. घुले विद्यालय के प्राचार्य एस.एस.पाटिल, समीर घुले, बालासाहब घुले, सागर प्रभुणे, गोरख आडेकर, शंकर बावकर द्वारा किया गया।
पैसा कमाने के लिए किसी भी क्षेत्र में कैरियर न बनाएं। मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने पसंदीदा क्षेत्र में कैरियर बनाएं, अपने आप आपको धन, शोहरत, मान-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान स्वत: प्राप्त होगा। यह विचार कैरियर मार्गदर्शक प्रा. विजय नवले ने व्यक्त किया।
अरुणदादा बेल्हेकर युवा राष्ट्रनिर्माण संस्था की ओर से मांजरी बुद्रुक स्थित के.के.घुले विद्यालय में दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए वे बोल रहे थे। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष शैलेन्द्र बेल्हेकर ने जरूरतमंद छात्रों के लिए घर-घर जाकर जुटाई गई किताबों का वितरण भी किया गया।
प्रा. विजय नवले ने आगे कहा कि कैरियर बनाते समय अपनी बौद्धिक व शारीरिक क्षमताओं का स्व-मूल्यांकन करना आवश्यक है। हमारे यहां माता-पिता ऐसे क्षेत्रों का चयन करते हैं जो बच्चों को पसंद नहीं हैं, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों में आगे डिप्रेशन होता है। बच्चों को अपने माता-पिता को अपनी रुचि के क्षेत्र के बारे में बताना चाहिए, उनकी भूमिका सकारात्मक भी हो सकती है।
कार्यक्रम का संयोजन के.के. घुले विद्यालय के प्राचार्य एस.एस.पाटिल, समीर घुले, बालासाहब घुले, सागर प्रभुणे, गोरख आडेकर, शंकर बावकर द्वारा किया गया।

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