हड़पसर, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
सिद्धेश्वर व शिवसमर्थ संस्था द्वारा पर्यावरणपूरक गणपति बप्पा मूर्ति बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया था। श्री गणराय का रूप धारण करते-करते बच्चे खो गए थे। गणपति बप्पा विभिन्न रूपों में शाडू की मिट्टी से आकार ले रहे थे। इस अद्भुत कला का आनंद महात्मा फुले वसाहत के स्कूली छात्रों ने लिया। कार्यशाला में शाडू की मिट्टी से सभी धर्मी के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने ‘श्री गणेश’ की सुंदर मूर्तियां बनाईं। शाडू की मिट्टी से छात्रों द्वारा बनाई गई पर्यावरणपूरक गणपति बप्पा मूर्ति देखकर छात्रों की प्रतिभा को देखते हुए उनके माता-पिता ने प्रशंसा में उनकी पीठ थपथपाई।
पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाया जाए इसलिए इसका प्रबोधन करना व बच्चों की प्रतिभा को उभारने के मुख्य उद्देश्य से महात्मा फुले वसाहत के स्कूल के छात्रों के लिए शाडू की मिट्टी से श्री गणेश प्रतिमा बनाने का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जिसमें 80 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया गया। हड़पसर के डॉ. गणपत शितोले ने प्रशिक्षण कार्यशाला में शामिल स्कूल के छात्रों को प्रशिक्षण दिया। साथ ही ‘पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव समय की जरूरत’ विषय पर मार्गदर्शन भी किया। इस अवसर पर यहां संजय शिंदे, शीतल शिंदे, सुषमा पिसाल, जयप्रकाश वाघमारे आदि उपस्थित थे। उक्त पहल का आयोजन शिवसमर्थ संस्था की अध्यक्षा मनीषा दीपक वाघमारे, सचिव आरती जगताप व सिद्धेश्वर संस्था के अध्यक्ष डॉ. शंतनु जगदाले द्वारा किया गया।
सिद्धेश्वर व शिवसमर्थ संस्था द्वारा पर्यावरणपूरक गणपति बप्पा मूर्ति बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया था। श्री गणराय का रूप धारण करते-करते बच्चे खो गए थे। गणपति बप्पा विभिन्न रूपों में शाडू की मिट्टी से आकार ले रहे थे। इस अद्भुत कला का आनंद महात्मा फुले वसाहत के स्कूली छात्रों ने लिया। कार्यशाला में शाडू की मिट्टी से सभी धर्मी के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने ‘श्री गणेश’ की सुंदर मूर्तियां बनाईं। शाडू की मिट्टी से छात्रों द्वारा बनाई गई पर्यावरणपूरक गणपति बप्पा मूर्ति देखकर छात्रों की प्रतिभा को देखते हुए उनके माता-पिता ने प्रशंसा में उनकी पीठ थपथपाई।
पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाया जाए इसलिए इसका प्रबोधन करना व बच्चों की प्रतिभा को उभारने के मुख्य उद्देश्य से महात्मा फुले वसाहत के स्कूल के छात्रों के लिए शाडू की मिट्टी से श्री गणेश प्रतिमा बनाने का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जिसमें 80 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रशिक्षण नि:शुल्क दिया गया। हड़पसर के डॉ. गणपत शितोले ने प्रशिक्षण कार्यशाला में शामिल स्कूल के छात्रों को प्रशिक्षण दिया। साथ ही ‘पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव समय की जरूरत’ विषय पर मार्गदर्शन भी किया। इस अवसर पर यहां संजय शिंदे, शीतल शिंदे, सुषमा पिसाल, जयप्रकाश वाघमारे आदि उपस्थित थे। उक्त पहल का आयोजन शिवसमर्थ संस्था की अध्यक्षा मनीषा दीपक वाघमारे, सचिव आरती जगताप व सिद्धेश्वर संस्था के अध्यक्ष डॉ. शंतनु जगदाले द्वारा किया गया।
सभी धर्म के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने शाडू की मिट्टी से श्री गणेश प्रतिमा बनाने की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में बड़े उत्साह भाग लिया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश हर जगह दिया जाता है। सरकार की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हमें पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी पहल करनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि कम उम्र में ही छात्रों में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की संस्कृति का समावेश किया जाए। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह जानकारी पहल के आयोजक शिवसमर्थ संस्था की अध्यक्षा मनीषा दीपक वाघमारे व सिद्धेश्वर संस्था के अध्यक्ष डॉ.शंतनु जगदाले ने दी है।

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