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युद्धस्तर पर मेट्रो व अन्य बुनियादी कार्य समयबद्ध तरीके से करें : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का वार रूम बैठक में दिए निर्देश

मुंबई, राज्य में बुनियादी परियोजनाओं को शीघ्र एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर कार्य करना चाहिए तथा लंबित मामलों को भी आवश्यक अनुमतियां तत्काल प्राप्त करनी चाहिए। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निर्देश दिया है कि अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेलवे (बुलेट ट्रेन) से संबंधित भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, सीटों के हस्तांतरण को 30 सितंबर से पहले मंजूरी दे दी जाए। मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मंत्रालय के वॉर रूम से आज राज्य में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के कार्यान्वयन की समीक्षा की।
यदि परियोजना में देरी होती है, तो इसकी लागत बढ़ जाती है और साथ ही लोगों को सुविधाएं मिलने में भी देरी होती है। मुख्यमंत्री ने आज की बैठक में इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दे रही है और राज्य को भी इसका लाभ उठाना चाहिए और योजनाओं को अमल में लाना चाहिए। आज की बैठक में रेलवे, मेट्रो, मल्टीमॉडल कॉरिडोर, तुलजापुर, पंढरपुर जैसी कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
बुलेट ट्रेन : जमीन अधिग्रहण, मुआवजा कार्य में तेजी लाई जाए
मुंबई से अहमदाबाद की दूरी 508.17 किमी है। एक लंबी हाई स्पीड रेलवे परियोजना (बुलेट ट्रेन) है और इसकी लागत एक लाख 8 हजार करोड़ रुपये है। गुजरात और महाराष्ट्र में मिलाकर कुल 12 स्टेशन हैं जिनमें से महाराष्ट्र में 4 स्टेशन हैं। मुंबई में 1 स्टेशन को छोड़कर बाकी सभी तीन स्टेशन एलिवेटेड टाइप के हैं। इसके लिए जापान सरकार ने कर्ज दिया है और लागत का 50 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि महाराष्ट्र सरकार 25 फीसदी और गुजरात सरकार 25 फीसदी वहन करेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने एमएमआरडीए को 30 सितंबर तक अंडरग्राउंड स्टेशन के लिए एमएमआरडीए में 4.8 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि पालघर और ठाणे जिला कलेक्टरों को भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, भूमि हस्तांतरण के मामलों को 30 सितंबर तक पूरा कर लेना चाहिए।
मेट्रो लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण तेजी से करें
आज की बैठक में बुलेट ट्रेन के अलावा मुंबई मेट्रो लाइन-3, 4, 5, 6, 9 और 11 के साथ-साथ मेट्रो लाइन 2ए (दहिसर पूर्व से डीएन नगर), मेट्रो लाइन-7 (अंधेरी पूर्व से दहिसर पूर्व) कार्य की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वडाला से कासरवडवली मेट्रो रूट-4 और ठाणे से कल्याण के लिए भिवंडी मेट्रो रूट-5 के मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण और हस्तांतरण का काम तेजी से पूरा किया जाए।
वडसा-गढ़चिरौली रेलवे लाइन
वडसा-गढ़चिरौली रेल लाइन परियोजना की लागत 1096 करोड़ रुपये हो गई है और इस संबंध में कैबिनेट प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी के लिए लाने का आदेश देते हुए उन्होंने वन विभाग को वन से संबंधित विभाग को लंबित मामलों को तुरंत निपटाने के भी निर्देश दिए। इस रेलवे लाइन के लिए राज्य सरकार पहले ही करीब 30 करोड़ रुपये का हिस्सा दे चुकी है।
उन्होंने शिवडी-वर्ली कनेक्टिंग रोड के साथ-साथ मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक को पूरा करने में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में बताया गया कि एमटीएचएल का काम 84 फीसदी पूरा हो चुका है और यह काम अगले साल अक्टूबर या नवंबर में पूरा कर लिया जाएगा।
पंढरपुर , तुलजापुर मंदिरों की विकास योजना
इस बैठक में पंढरपुर और तुलजापुर मंदिरों की विकास योजना दो माह में पेश की जाए, ताकि इन स्थानों पर श्रद्धालुओं को बड़े पैमाने पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। जिला कलेक्टर को भी पर्यटन विभाग के समन्वय से इस संबंध में तत्काल कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुणे-नासिक सेमी हाई स्पीड रेल
इस मार्ग को अप्रैल 2022 में नीति आयोग द्वारा भी अनुमोदित किया गया है और आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट समिति की मंजूरी के लिए लंबित है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने निजी भूमि के अधिग्रहण, सरकारी और वन भूमि के हस्तांतरण के मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने इस वॉर रूम बैठक में पुणे मेट्रो, पुरंदर में प्रस्तावित हवाई अड्डा, नागपुर में मेट्रो और हवाई अड्डे के कार्यों पर भी चर्चा की।
इस बैठक में मुख्य सचिव मनुकुमार श्रीवास्तव, राष्ट्रीय उच्च गति रेलवे निगम के प्रबंध निदेशक राजेंद्र प्रसाद के साथ एमएमआरडीए आयुक्त, कलेक्टर और संबंधित विभागों के सचिव उपस्थित थे।

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