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माँ


मात भवानी तुझे नमन,
प्राण दायिनी तुझे नमन।
जल थल पावक गगन तुम्हीं हो,
पत्र पुष्प रस गंध पवन तुम्हीं हो।
जीवन दायिनी तुझे नमन,
मात भवानी तुझे नमन।

अन्न फल फूल प्रदायिनी तुम्हीं हो,
मंदाग्नि जठराग्नि मात तुम्हीं हो।
षडरिपु संहारिणी तुझे नमन,
मात भवानी तुझे नमन।

संसार की जगमग मात तुम्हीं हो,
जीवन की चमक हे मात तुम्हीं हो।
सब प्राणी पालिनी तुझे नमन,
मात भवानी तुझे नमन।

हमरे सारे करम मात तुम्हीं हो,
सब कर्मों का फल भी तुम्हीं हो।
लेउ हमें चरणन शरण,
मात भवानी तुझे नमन।

-श्री सत्येंद्र सिंह

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