लोककल्याण भूषण पुरस्कार से समाजसेवक मुरलीधर कचरे को सम्मानित करते हुए पद्मश्री गिरीष प्रभुणे, साथ में लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले, श्रीनाथ म्हस्कोबा साखर कारखाना के उपाध्यक्ष विकास रासकर व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
तुकाई दर्शन, अक्टूबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
जब कोविड पूरे देश और दुनिया में व्याप्त था, तब लोककल्याण प्रतिष्ठान के माध्यम से राजाभाऊ होले और कार्यकर्ताओं ने लोगों की मदद की और उनका उत्साहवर्धन किया। जरूरतमंदों को राशन, भोजन वितरण के साथ-साथ चिकित्सा सहायता करते हुए बनी खाई को भरने का जो प्रयास किया गया है वह काबिले तारीफ है। यह मत पद्मश्री गिरीष प्रभुणे ने व्यक्त किए।
तुकाईदर्शन में लोककल्याण प्रतिष्ठान की ओर से प्रदान किया जानेवाला इस साल का बीसवां ‘लोककल्याण भूषण पुरस्कार’ समाजसेवक मुरलीधर कचरे को पद्मश्री गिरीष प्रभुणे के शुभहाथों प्रदान किया गया, तब आयोजित किए गए समारोह में वे बोल रहे थे। समारोह के अध्यक्षता लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले ने की। प्रमुख अतिथि के रूप में पूर्व पंचायत समिति के सदस्य शंकर हरपले, श्रीनाथ म्हस्कोबा साखर कारखाना के उपाध्यक्ष विकास रासकर, नितिन गावडे, दिलीप भामे, विनोद सातव, राजाराम गायकवाड, इंद्रपाल हत्तरसंग, राजूशेठ गर्जे, मोतीराम कोरे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
मानचिन्ह, मानपत्र, शाल, श्रीफल ‘लोककल्याण भूषण पुरस्कार’ का स्वरुप था। साथ ही पद्मश्री गिरीष प्रभुणे को भी प्रतिष्ठान की ओर से लोककल्याण गौरव स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मानद पठन सुभाष कदम ने किया।
पद्मश्री गिरीष प्रभुणे ने आगे कहा कि लगातार काम करनेवाले लोगों को सम्मानित करने और उन्हें समाज तक पहुंचाने का लोककल्याण प्रतिष्ठान का काम प्रशंसनीय है।
समाजसेवक मुरलीधर कचरे ने पुरस्कार का जवाब देते हुए कहा कि विकलांग, दीनों की सेवा के लिए, प्रश्नों के लिए किया गया काम, सेवा का प्रतीक ‘लोककल्याण भूषण पुरस्कार’ मैं मानता हूं। बाकी जीवन में यह कार्य जारी रखने का जिम्मा निभाता रहूंगा।
समारोह के अध्यक्षता करते हुए लोककल्याण प्रतिष्ठान के अध्यक्ष राजाभाऊ होले ने कहा कि समाज में समर्पित भावनाओं के साथ काम करने के लिए अधिक ऊर्जा प्राप्त हो व दूसरों को भी इसमें से कार्य करने हेतु प्रेरित करना, इस पुरस्कार देने के पीछे की भावना है।
इस अवसर पर प्रमुख अतिथि पूर्व पंचायत समिति के सदस्य शंकर हरपले और श्रीनाथ म्हस्कोबा साखर कारखाना के उपाध्यक्ष विकास रासकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह का प्रास्ताविक वर्षा शेंडे ने किया। सूत्र-संचालन प्रदीप जगताप और आभार प्रदर्शन हरिश्चंद्र कुलकर्णी ने किया।

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