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भाकृअनुप-राअंअनुकें के कृषि-व्यवसाय उद्भवन (एबीआई) केंद्र ने किये दो कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर

मांजरी, नवंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
भाकृअनुप -राअंअनुकें के एबीआई केंद्र को हाल ही में कुछ प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से दो प्रस्तावों की समीक्षा, मूल्यांकन किया गया और एबीआई की सलाहकार समिति की बैठकों में गहन चर्चा के बाद दोनों प्रस्तावों को समर्थन प्रदान करने के लिए उपयुक्त पाया गया। मैत्रीबला बागवानी किसान उत्पादक कंपनी लि., विजयपुरा (कर्नाटक) को ‘निर्यात गुणवत्ता वाले किशमिश का    उत्पादन’ नामक प्रस्ताव के लिए तकनीकी सहायता के लिए चिन्हित किया गया था। इस कंपनी का लक्ष्य निर्यात गुणवत्ता वाले अंगूर और किशमिश का उत्पादन करना है। इसके अलावा, पूरे देश में उपज की आपूर्ति करने के लिए और दुनिया भर के प्रसिद्ध किशमिश बाजारों में उपस्थिति बनाने का इरादा है। 
पुणे की एक अन्य कंपनी मैसर्स एग्रियोटिक्स टेक्नोलॉजीज प्रा. लिमिटेड ‘प्रिसिजन फार्मिंग बेस्ड एनालिटिकल सर्विसेज’ नामक परियोजना में शामिल है। (रिमोट एडवाइजरी) इस कंपनी को पौध संरक्षण और मृदा विज्ञान घटकों पर आधारित सभी अनुप्रयोग प्रोग्रामन अंतराफलक (एपीआई)प्रदान करके समर्थन दिया जाएगा।
23 नवम्बर, 2022 को दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाकृअनुप -राअंअनुकें, पुणे के एबीआई केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए। मैत्रीबाला हॉर्टिकल्चर फार्मर प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड के श्री कृष्णाजी कांडसर और एग्रियोटिक्स टेक्नोलॉजीज प्रा. लि. की श्रीमती प्रतिभा रावने, राअंअनुकें के निदेशक डॉ. आर. जी. सोमकुवर के साथ समझौता ज्ञापन पर  हस्ताक्षर किए। 
यह कार्यक्रम एबीआई केंद्र के प्रमुख अन्वेषक डॉ. अजय कुमार शर्मातथा राअंअनुकें के विशेषज्ञ  डॉ. अनुराधा उपाध्याय, डॉ. अजय कुमार उपाध्याय, डॉ. सुजॉय साहा, डॉ. सोमनाथ होलकर और डॉ. प्रशांत निकुंभे, और कंपनियों के अन्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया था।   कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. आर. जी. सोमकुवार ने की। डॉ. प्रशांत निकुंभे द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।

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