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पुणे में पुलिस को अंतरराष्ट्रीय दर्जे का क्रीड़ा सुविधा देनेवाला क्रीड़ा संकुल स्थापित किया जाएगा : उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

पुणे, नवंबर (जिमाका)
पुलिस को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं प्रदान करने के लिए पुणे में एक सर्व-समावेशी खेल परिसर और खेल छात्रावास स्थापित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी।
राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री व जिला पालक मंत्री चंद्रकांत दादा पाटिल, खेल मंत्री गिरीश महाजन, विधायक माधुरी मिसल, विधायक भीमराव तपकीर, विधायक महेश लांडगे, राज्य पुलिस महानिदेशक रजनीश सेठ, अपर निदेशक आईबी नई दिल्ली आर. ए. चंद्रशेखर, राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) अनूप कुमार सिंह, राज्य रिजर्व पुलिस बल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चिरंजीव प्रसाद, पुणे के पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता और अन्य उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि 2019 में हुई पुलिस प्रतियोगिता के दौरान इस तरह का खेल परिसर बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन कोविड के कारण यह संभव नहीं हो सका। अब यह काम जल्द ही हाथ में लिया जाएगा। खेल परिसर में एथलेटिक ट्रैक, सिंथेटिक टर्फ हॉकी मैदान, सिंथेटिक टर्फ फुटबॉल मैदान, बहुउद्देश्यीय हॉल, स्विमिंग पूल, छात्रावास आदि सभी सुविधाएं होंगी। इससे राज्य के एथलीटों को लाभ होगा और राज्य को प्रमुख खेल आयोजनों की मेजबानी का अवसर मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि खेल हमारे मन और बुद्धि को स्वस्थ और सक्रिय रखते हैं। खेलों में खेल भावना महत्वपूर्ण है। खेल जीवन के किसी भी पड़ाव पर चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है। खेल जीतने की आदत के साथ-साथ हार पचाने की क्षमता भी पैदा करता है। खिलाड़ी हार नहीं मानता और हर हार के बाद नई सफलता के लिए प्रयास करता है, इसीलिए सुरक्षा बलों में खेलों का विशेष महत्व होता है और खिलाड़ियों को विशेष महत्व दिया जाता है। महाराष्ट्र में भी अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को पुलिस उपाधीक्षक पद पर सीधे नियुक्त किया जाता है।
महाराष्ट्र की एक परंपरा है और देश की अर्थव्यवस्था में इसका विशेष स्थान है। यह कहते हुए कि राज्य को देश के ‘आर्थिक पावर हाउस’ के रूप में जाना जाता है, मुंबई को वित्तीय राजधानी के रूप में जाना जाता है, जबकि पुणे को विनिर्माण, शिक्षा और नवाचार राजधानी के रूप में जाना जाता है। उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने सफल एथलीटों को बधाई दी और उनके अच्छे होने की कामना की। यह कहना कि देश की जनता सेना और पुलिस बल के कारण सुरक्षित है, पुरुषों के साथ प्रतियोगिता में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भारत का बदलता दृश्य और देश के लिए गर्व का विषय है।
पुलिस महानिदेशक श्री सेठ ने कहा कि प्रतियोगिता में 7 खेल शामिल थे। कुश्ती के साथ-साथ कबड्डी, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, बाजू कुश्ती, पावरलिफ्टिंग और बॉडी बिल्डिंग ने पहली बार इस प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतियोगिता में नामांकित खिलाड़ियों ने भाग लिया। इससे पहले महाराष्ट्र ने 2010 और 2017 में इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी। इस प्रतियोगिता में 25 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों और 6 अर्धसैनिक बलों, रेलवे पुलिस की 37 टीमों ने भाग लिया। टूर्नामेंट में 2000 पुरुष और 600 महिला खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। महाराष्ट्र पुलिस बल में खेलों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य पुलिस बल ने कई नामी खिलाड़ियों को नियुक्त कर उन्हें अच्छा मौका दिया है।
अखिल भारतीय पुलिस खेल नियामक बोर्ड के प्रतिनिधि एवं आईबी नई दिल्ली के अपर निदेशक आर. ए. चंद्रशेखर ने प्रस्ताविक किया। विजेता खिलाड़ियों को उप मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कप भेंट कर सम्मानित किया। प्रारंभ में सभी प्रतिभागी टीमों ने आकर्षक संचलन कर मानवंदना दी।
पंजाब पहले और महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर रहा
प्रतियोगिता में पंजाब पुलिस फोर्स ने 17 स्वर्ण, 9 रजत और 15 कांस्य पदक सहित 41 पदक जीते। दूसरे स्थान पर रहने वाली भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने 15 स्वर्ण, 10 रजत और 16 कांस्य पदक सहित कुल 41 पदक जीते। महाराष्ट्र पुलिस बल ने 12 स्वर्ण, 7 रजत और 11 कांस्य पदक सहित कुल 30 पदक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।

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