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सुंदर प्राकृतिक वातावरण स्नेहमिलन में पुरानी यादें ताजा : 38 साल बाद मिले 12वीं के सहपाठी!

हड़पसर, दिसंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
38 साल पहले 12वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक एक साथ पढ़नेवाले सहपाठियों और दोस्तों का स्नेहमिलन समारोह शनिवार, 19 नवंबर को पुणे जिले के यवत के पास शेरू रिजॉर्ट में प्राकृतिक वातावरण में बड़ी मस्ती और आनंदोत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर पुरानी यादें ताजा हो गईं, साथ ही कविताओं और फिल्मी गानों का लुत्फ उठाया।
38 साल पहले हड़पसर, पुणे के अण्णासाहेब मगर कॉलेज और पुणे शहर के गरवारे कॉलेज में साथ पढ़नेवाले दोस्त शादी के बाद और काम की वजह से अलग हो गए, लेकिन फेसबुक के जरिए उनमें से कुछ फिर से एक-दूसरे के संपर्क में आए, जबकि अन्य पहले से ही एक-दूसरे के संपर्क में थे। इस बीच में सतीश हिंगणे ने ए. एम. कॉलेज के नाम से व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाया, जिसमें संपर्क में रहने वाले चार-पांच लोग ही शामिल थे और कुछ दिनों में और जुड़ गए। इसमें पुणे से सबसे दूर विदर्भ के अकोला के पत्रकार रुबेन वालके ने स्नेहमिलन समारोह का विचार ग्रुप में सभी के समक्ष रखा, जिसे ग्रुप के अन्य सदस्यों ने भी खुशी से हां कह दिया, लेकिन मिलने की तारीख फिक्स नहीं हो पा रही थी। कई बार ग्रुप पर चर्चा,  कॉल भी हुए, लेकिन कुछ न कुछ कारणवश समय नहीं मिल पा रहा था। आखिरकार 19 नवंबर की तारीख तय हुई और ग्रुप के सभी लोग तैयारी में लग गए। पुणे में रहनवाले महेंद्र शेवते, हेमंत शिंदे, संजय बोर्हाडे, सतीश हिंगणे व पोपटराव गायकवाड ने बैठक लेकर यवत के नजदीक शेरू रिसॉर्ट पर स्नेहमिलन का आयोजन निश्चित किया और योजना के अनुसार, 16 सहपाठी मिलन समारोह के लिए एक साथ आए। 38 साल बाद हो रही इस अभूतपूर्व मुलाकात के दौरान सभी एक दूसरे से मिलने के बाद भावुक हो गए थे। एक दूसरे की आस्था के साथ पूछताछ करके उनकी आत्मीयता से हर कोई पिछले 38 साल की घटनाओं को उजागर करने में लगा हुआ था। सामने आनेवाली चुनौतियां, कठिन यात्रा और अंत में खुशहाल परिवार, लड़के और लड़कियों के बारे में जानकारी साझा की गई। दोपहर के खाने का लुत्फ उठाने के बाद फोटो सेशन, बोटिंग, ट्रैक्टर जंगल सफारी जैसे विभिन्न कार्यक्रमों ने इस स्नेहमिलन समारोह में खूब रंग जमाया। शाम के सत्र में कविता व फिल्मी गीतों की मैफिल ने चार चाँद लगा दिए। इसमें कलाकार श्रीधर आठवले के सुंदर गीत प्रस्तुत किए गए। साथ ही रुबेन वालके, संजय बोर्हाडे, सतीश हिंगणे ने भी कुछ गीतों को अपने-अपने अंदाज में प्रस्तुत कर सराहना बटोरी। 
स्नेहमिलन समारोह के समापन के अवसर पर किसान पोपटराव गायकवाड ने सभी सहपाठियों को अपने खेतों से गमले और फल पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। महेंद्र शेवते ने इस मित्रता समारोह की याद दिलाते हुए सभी को स्नेह की याद में उपहार प्रदान किया। 
स्नेहमिलन समारोह में सतीश हिंगणे, पोपटराव गायकवाड, संजय बोर्हाडे, रुबेन वालके, सुरेश बारी, हेमंत शिंदे, महेंद्र शेवते, श्रीधर आठवले, वामन कालभोर, अशोक कांबले, दीपक हरपले, सुनील गायकवाड, आशा हिंगणे, जयश्री दोंदे (कांबले), सुनंदा हरिभक्त (कांबले) व सुहिता काले (जगदाले) शामिल हुए।

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