पुणे, दिसंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
शिंदे-फडणवीस सरकार जनता के मुद्दों की उपेक्षा कर रही है। महत्वपूर्ण प्रश्नों को हल करें अन्यथा नागपुर सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा। यह संकेत शिंदे-फडणवीस सरकार को आम आदमी पार्टी पुणे शहर के अध्यक्ष मुकुंद किर्दत ने दिए हैं।
चार महीने पहले सत्ता में आई शिंदे फडणवीस सरकार के असंवेदनशील प्रबंधन के कारण शिक्षा, आश्रय, बिजली, सरकारी नौकरी, किसान-खेती मजदूर और कृषि आदि के क्षेत्र में रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान करना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी पुणे जिले की ओर से उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को निवेदन आम आदमी पार्टी पुणे शहर के अध्यक्ष मुकुंद किर्दत ने दिया है। इस अवसर पर यहां आम आदमी पार्टी पुणे शहर समन्वयक संदेश दिवेकर व संघटन सचिव अक्षय शिंदे आदि उपस्थित थे।
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए मुकुंद किर्दत ने बताया कि निवेदन के माध्यम से शिंदे-फडणवीस सरकार केे पास निम्नलिखित मांगें की हैं- पूरे प्रदेश में गीला सूखा घोषित (ओला दुष्काळ) कर प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। फसल बीमा कंपनी को फसल बीमा देना अनिवार्य किया जाए। कृषि मजदूरों को रोजगार गारंटी योजना के तहत काम दिया जाए। कृषि क्षेत्र को दिन में 12 घंटे बिजली दी जाए, अतिदेय बिजली बिल और कृषि ऋण माफ किया जाना चाहिए। सभी विभागों में रिक्त पदों को भरने का तत्काल निर्णय लें, अंशकालिक कर्मचारियों को तत्काल हमेशा के लिए रखा जाए। सरकारी स्कूलों को दिल्ली की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण किया जाए, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कम छात्र संख्यावाला कोई भी स्कूल बंद न हो। निजी स्कूल प्रशासन द्वारा अभिभावकों की आर्थिक लूट को रोकने के लिए फीस पर नियंत्रण किया जाना चाहिए और शिक्षा के अधिकार अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना की रुकी हुई राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। आदिवासियों और गैर आदिवासियों को वर्षों से लंबित वन भूमि के पट्टे देने का मामला सुलझाया जाए और वहितदारों को पट्टे दिए जाएं। जंगली जानवरों के प्रबंधन के लिए मौजूदा कानून में बदलाव होना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि इन मांगों को नहीं माना गया तो शीतकालीन सत्र के दौरान नागपुर में आम आदमी पार्टी की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
शिंदे-फडणवीस सरकार जनता के मुद्दों की उपेक्षा कर रही है। महत्वपूर्ण प्रश्नों को हल करें अन्यथा नागपुर सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा। यह संकेत शिंदे-फडणवीस सरकार को आम आदमी पार्टी पुणे शहर के अध्यक्ष मुकुंद किर्दत ने दिए हैं।
चार महीने पहले सत्ता में आई शिंदे फडणवीस सरकार के असंवेदनशील प्रबंधन के कारण शिक्षा, आश्रय, बिजली, सरकारी नौकरी, किसान-खेती मजदूर और कृषि आदि के क्षेत्र में रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान करना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी पुणे जिले की ओर से उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को निवेदन आम आदमी पार्टी पुणे शहर के अध्यक्ष मुकुंद किर्दत ने दिया है। इस अवसर पर यहां आम आदमी पार्टी पुणे शहर समन्वयक संदेश दिवेकर व संघटन सचिव अक्षय शिंदे आदि उपस्थित थे।
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए मुकुंद किर्दत ने बताया कि निवेदन के माध्यम से शिंदे-फडणवीस सरकार केे पास निम्नलिखित मांगें की हैं- पूरे प्रदेश में गीला सूखा घोषित (ओला दुष्काळ) कर प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। फसल बीमा कंपनी को फसल बीमा देना अनिवार्य किया जाए। कृषि मजदूरों को रोजगार गारंटी योजना के तहत काम दिया जाए। कृषि क्षेत्र को दिन में 12 घंटे बिजली दी जाए, अतिदेय बिजली बिल और कृषि ऋण माफ किया जाना चाहिए। सभी विभागों में रिक्त पदों को भरने का तत्काल निर्णय लें, अंशकालिक कर्मचारियों को तत्काल हमेशा के लिए रखा जाए। सरकारी स्कूलों को दिल्ली की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण किया जाए, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कम छात्र संख्यावाला कोई भी स्कूल बंद न हो। निजी स्कूल प्रशासन द्वारा अभिभावकों की आर्थिक लूट को रोकने के लिए फीस पर नियंत्रण किया जाना चाहिए और शिक्षा के अधिकार अधिनियम को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना की रुकी हुई राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। आदिवासियों और गैर आदिवासियों को वर्षों से लंबित वन भूमि के पट्टे देने का मामला सुलझाया जाए और वहितदारों को पट्टे दिए जाएं। जंगली जानवरों के प्रबंधन के लिए मौजूदा कानून में बदलाव होना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि इन मांगों को नहीं माना गया तो शीतकालीन सत्र के दौरान नागपुर में आम आदमी पार्टी की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा।

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