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‘समृद्धि’ का महामार्ग!

नागपुर से मुंबई तक 701 किलोमीटर लंबाई के ‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग’में से नागपुर से शिर्डी इस 520 किलोमीटर लंबाई है. इस मार्ग के पहले चरण का लोकार्पण 11 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रमुख उपस्थिति में हुआ। इस औचित्य पर यह विशेष लेख...
किसी भी देश के सर्वोत्तम विकास के लिए अच्छी सड़कें और शिक्षा अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने भी राज्य के विकास के लिए सडकों और शिक्षा पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया है।  ‘गतिमान रास्ते, गतिमान विकास’ इस विकाससूत्र पर समृद्धि महामार्ग का निर्माण किया गया है। ‘हिंदुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग’ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना है। समूचे राज्य के, विशेषतः विदर्भ एवं मराठवाडा के परिवर्तन के लिए यह महामार्ग सक्षम साबित होगा। 
रोजगार के अवसर
महाराष्ट्र के विकास को गति देने के लिए और विकास से वंचित क्षेत्र को समृद्धि की राह पर लाने के लिए ‘समृद्धि’ महामार्गका निर्माण किया गया है। मुंबई -विदर्भ-मराठवाडा भूभाग की दूरी को खत्म करनेवाली कड़ी के रूप में यह मार्ग कारगिर साबित होगा। विदर्भ-मराठवाडा के किसान औरव्यापारियों को मुंबई एवम मुंबईसे अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा। कम समय में ज्यादा से ज्यादा दूरी आरामदायी व सुरक्षित रूप से पार हो सके,इसके लिए प्रवेश नियंत्रण (-ललशीी लेपीीेंश्रश्रशव) के साथ शीघ्रसंचार द्रुतगति मार्ग की रूपरेखा तैयार की गई है। इस महामार्ग पर निर्माण होनेवाले शहर औरलॅाजिस्टिक हब से नए रोजगार के अवसर भी निर्माण होंगे। 
विदर्भ के पांच जिलों का इस समृद्धि महामार्ग में समावेश किया गया है। जिसमें  नागपुर, वर्धा, अमरावती, वाशिम और बुलढाणा यह जिले शामिल है। विदर्भ के अनेक तहसीलों से यह महामार्ग गुजरनेवाला है और अनेक तहसील इस महामार्ग से जुड़ जाएंगी।
विशाल मंडी की उपलब्धता
किसानों को अपने खेतमाल के लिए अब मुंबई की विशाल मंडी उपलब्ध होगी और यह भी सिर्फ दस घंटे के भीतर। यवतमाल जिले के दारव्हा तहसील के बागवाडी इस गांव के किसानों को अपने खेत के संतरे को अगर बेचना है, तो वह सीधे कारंजा मार्ग से मुंबई को, और मुंबई के बंदरगाह के रास्ते  विदेश में भेज सकेंगे। हालांकि पहले इसे नागपुर के अलावा और कोई विकल्प नहीं था और न ही इसे अच्छा दाम भी मिलता था, किसानों को उनके हक का दाम और अच्छा बाजार मिलने में जो अड़चनें आती थी, वह अब समृद्धि महामार्ग की वजह से दूर होगी। 
विदर्भ और मराठवाडा का भाग देश के औरविश्व के नक्शे पर आएगा। विदर्भ और मराठवाडा के खेतमाल का परिवहन सीधे बंदरगाह तक किया जा सकेगा यह सबसे महत्वपूर्ण बात होगी। अनेक पर्यटनस्थल भी एक-दुसरें से जुड़ जाएंगे, जिससे पर्यटन वृद्धि को भो गति मिल सकेगी। लोणार, अजिंठा,  वेरूल लेणी,  पेंच राष्ट्रीय उद्यान,  शेगांव, सेवाग्राम, शिर्डी, दौलताबाद का किला, बीबी का मकबरा आदि विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल देश एवं विश्व के नक्शे पर आएंगे।
यह निश्चित यह है कि हिंदुहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग सही मायने में समूचे राज्य के लिए ‘समृद्धि’ का महामार्ग साबित होगा।
‘समृद्धि ’की विशेषताएं
* कुल 701 किलोमीटर लंबाई व 120 मीटर चौड़ाई की6 मार्गिकाए।
* 10 जिले, 26 तहसील और आसपास के 392 गांवों को जोड़नेवाला महामार्ग।
* नागपुर से मुंबई की दूरी सिर्फ 8 घंटे में तय करना होगा संभव।   
* प्रस्तावित वाहन की गति (डिझाईन स्पीड) होगी प्रति घंटे 150 किमी।
* महामार्ग से सटे होंगे 19 कृषि समृद्धि केंद्र।
* भारत के सबसे बड़े ग्रीनफिल्ड  समृद्धि महामार्ग के दोनों तरफ तकरीबन 11 लाख 31 हजार वृक्ष होंगे।     
* महामार्ग के प्रत्येकी पांच किमी की दूरी पर सीसीटीवी कैमेरे ।
* मुफ़्त दूरध्वनी सेवा।
* महामार्गपर सुरंग में विद्युत रोषणाई, पुलियां के सुशोभिकऱण, सुधारित पथदिपऔर डिजिटल सिग्नल ।   
* महामार्ग पर निर्धारित तथा विशेष स्थान पर विद्युत पर चलनेवाले वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन्स होंगे।
* 138.47 मेगावॅट उर्जा निर्माण करनेवाली सौर उर्जा परियोजना होगी।   
-श्री अतुल पांडे, सूचना अधिकारी, जिला सूचना कार्यालय, नागपुर

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