हड़पसर, दिसंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
मांजराई दिव्यांग सेवा व महिला विकास संस्था, महाराष्ट्र भ्रमण संस्था व भक्ति सेवा फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से विकलांग दिन के अवसर पर विकलांग, गन्ना काटनेवाले व ईंट भट्टी श्रमिक, साथ ही पारधी परिवार के जरूरतमंद बच्चों को सर्दी के कपड़े व कंबल बांटकर जरूरतमंदों को माया की दरियादिली का एहसास दिया। यह जानकारी मांजराई दिव्यांग सेवा व महिला विकास संस्था की संस्थापिका व सचिव रत्नमालाताई घुले ने दी है।
इस अवसर पर पुरंदर क्लस्टर कॉर्डिनेटर नवनाथ चोरमले, समाजसेविका डॉ. वैष्णवी भाटे, संस्थापक/सचिव रत्नमाला जयवंत घुले, अध्यक्षा पूनम अजीत घुले, उपाध्यक्ष वर्षा गायकवाड, स्कूल न जानेवाले बच्चों के गुरुजी अजीत चाचर, नवनाथ चोरमले, राहुल शिंदे, रूपाली भोसले, अनिल चाचर, नवनाथ चोरमले, राहुल शिंदे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
मांडकी गांव में गन्ना श्रमिकों के परिवारों को ठंड से बचाव के लिए 100 कंबल वितरित किए गए। इसी प्रकार पिसुटा में स्थानांतरित गन्ना श्रमिकों को कुल 120 कंबल व पारधी परिवार के जरूरतमंद 120 बच्चों को सर्दी के कपड़े वितरित किए गए। इस समय मजदूरों के साथ संवाद करते हुए समाजसेविका डॉ. वैष्णवी भाटे और रत्नमाला घुले ने कहा कि चौबीसों घंटे काम करते हुए और इतनी दूर से आकर मेहनत करनेवाले अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल में भेजना चाहिए। निवासी विद्यालय में रखें, मौसमी आवास में रखें। आपका स्थानांतरण हो तो आपके नजदीकी स्कूल में सबसे पहले स्कूल में दाखिला करवाएं, लेकिन अपने बच्चे की पढ़ाई न रुकने दें, शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।
अंत में डॉ. वैष्णवी भाटे और रत्नमाला घुले ने कहा कि स्थानांतरित मजदूरों को खुले मैदान में रहना पड़ रहा है। ऐसे में श्रमिकों सहित उनके परिवार के सदस्यों को गर्मी, हवा, बारिश और ठंड से सुरक्षा मिले, इस मुख्य उद्देश्य से हमारी संस्था की ओर से जरूरतमंद बच्चों को सर्दी के कपड़े व कंबल बांटकर उन्हें राहत देने में अहम भूमिका निभाई गई है।
मांजराई दिव्यांग सेवा व महिला विकास संस्था, महाराष्ट्र भ्रमण संस्था व भक्ति सेवा फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से विकलांग दिन के अवसर पर विकलांग, गन्ना काटनेवाले व ईंट भट्टी श्रमिक, साथ ही पारधी परिवार के जरूरतमंद बच्चों को सर्दी के कपड़े व कंबल बांटकर जरूरतमंदों को माया की दरियादिली का एहसास दिया। यह जानकारी मांजराई दिव्यांग सेवा व महिला विकास संस्था की संस्थापिका व सचिव रत्नमालाताई घुले ने दी है।
इस अवसर पर पुरंदर क्लस्टर कॉर्डिनेटर नवनाथ चोरमले, समाजसेविका डॉ. वैष्णवी भाटे, संस्थापक/सचिव रत्नमाला जयवंत घुले, अध्यक्षा पूनम अजीत घुले, उपाध्यक्ष वर्षा गायकवाड, स्कूल न जानेवाले बच्चों के गुरुजी अजीत चाचर, नवनाथ चोरमले, राहुल शिंदे, रूपाली भोसले, अनिल चाचर, नवनाथ चोरमले, राहुल शिंदे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
मांडकी गांव में गन्ना श्रमिकों के परिवारों को ठंड से बचाव के लिए 100 कंबल वितरित किए गए। इसी प्रकार पिसुटा में स्थानांतरित गन्ना श्रमिकों को कुल 120 कंबल व पारधी परिवार के जरूरतमंद 120 बच्चों को सर्दी के कपड़े वितरित किए गए। इस समय मजदूरों के साथ संवाद करते हुए समाजसेविका डॉ. वैष्णवी भाटे और रत्नमाला घुले ने कहा कि चौबीसों घंटे काम करते हुए और इतनी दूर से आकर मेहनत करनेवाले अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल में भेजना चाहिए। निवासी विद्यालय में रखें, मौसमी आवास में रखें। आपका स्थानांतरण हो तो आपके नजदीकी स्कूल में सबसे पहले स्कूल में दाखिला करवाएं, लेकिन अपने बच्चे की पढ़ाई न रुकने दें, शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।
अंत में डॉ. वैष्णवी भाटे और रत्नमाला घुले ने कहा कि स्थानांतरित मजदूरों को खुले मैदान में रहना पड़ रहा है। ऐसे में श्रमिकों सहित उनके परिवार के सदस्यों को गर्मी, हवा, बारिश और ठंड से सुरक्षा मिले, इस मुख्य उद्देश्य से हमारी संस्था की ओर से जरूरतमंद बच्चों को सर्दी के कपड़े व कंबल बांटकर उन्हें राहत देने में अहम भूमिका निभाई गई है।

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