मुंबई, मई (महासंवाद)
राज्य में सर्व समावेशी फसल बीमा योजना लागू करने का निर्णय आज हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। जैसा कि उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि किसानों को केवल एक रुपये का भुगतान करके फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे के निर्धारण के लिए फसलों के औसत नुकसान की गणना करते समय कम से कम 30 प्रतिशत प्रौद्योगिकी आधारित उत्पादन और फसल कटाई प्रयोगों के तहत प्राप्त उत्पादन का निर्धारण किया जाएगा। यह योजना खरीफ एवं रबी मौसम 2023-24 से 2025-26 तक तीन वर्ष की अवधि के लिए निविदा प्रक्रिया से क्रियान्वित की जायेगी। बीमा प्रीमियम दरों की तुलनात्मक जानकारी के आधार पर लाभ-हानि शेयरिंग मॉडल या कप एंड कैप मॉडल (80:110) को उपयुक्त विकल्प के साथ मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्यस्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति के अनुमोदन से लागू किया जाएगा।
योजना के कार्यान्वयन तंत्र के चयन के बाद, चालू होने के समय केंद्र और राज्य सरकारों के एस्को खाते में पिछले सीजन की राज्य शेयर बीमा प्रीमियम राशि का 50 प्रतिशत जमा करने की मंजूरी दी गई थी।
राज्य में सर्व समावेशी फसल बीमा योजना लागू करने का निर्णय आज हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। जैसा कि उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि किसानों को केवल एक रुपये का भुगतान करके फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे के निर्धारण के लिए फसलों के औसत नुकसान की गणना करते समय कम से कम 30 प्रतिशत प्रौद्योगिकी आधारित उत्पादन और फसल कटाई प्रयोगों के तहत प्राप्त उत्पादन का निर्धारण किया जाएगा। यह योजना खरीफ एवं रबी मौसम 2023-24 से 2025-26 तक तीन वर्ष की अवधि के लिए निविदा प्रक्रिया से क्रियान्वित की जायेगी। बीमा प्रीमियम दरों की तुलनात्मक जानकारी के आधार पर लाभ-हानि शेयरिंग मॉडल या कप एंड कैप मॉडल (80:110) को उपयुक्त विकल्प के साथ मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्यस्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति के अनुमोदन से लागू किया जाएगा।
योजना के कार्यान्वयन तंत्र के चयन के बाद, चालू होने के समय केंद्र और राज्य सरकारों के एस्को खाते में पिछले सीजन की राज्य शेयर बीमा प्रीमियम राशि का 50 प्रतिशत जमा करने की मंजूरी दी गई थी।

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