पुणे, मई (जिमाका)
राज्य की अर्थव्यवस्था में श्रम एक महत्वपूर्ण कारक है और श्रमिकों का कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश के सभी श्रमिकों को योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए प्रत्येक तालुका में सभी प्रकार के श्रमिक रजिस्ट्रेशन के लिए कामगार सेतु रजिस्ट्रेशन सेतु केंद्र नाके पर श्रमिकों के लिए एक श्रमिक आश्रय का निर्माण किया जाएगा। यह जानकारी श्रम मंत्री डॉ. सुरेश खाड़े ने दी है।
वे अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर चिंचवड़ के रामकृष्ण मोरे सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय श्रम सम्मान समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर सांसद श्रीरंग बारणे, विधायक उमा खापरे, अश्विनी जगताप, कामगार विभाग की प्रधान सचिव विनिता वेद सिंघल, कामगार आयुक्त सतीश देशमुख, महाराष्ट्र इमारत व अन्य बांधकाम कल्याणकारी मंडल के सचिव विवेक कुंभार, पुणे विभाग के अपर कामगार आयुक्त शैलेद्र पोल, कोकण विभाग के अपर कामगार आयुक्त शिरीन लोखंडे, औद्योगिक सुरक्षा व जन आरोग्य संचालनालय पुणे विभाग के संचालक एम. आर. पाटिल, बाष्पके विभाग पुणे विभाग के संचालक डी. पी. अंतापुरकर, कामगार कल्याण आयुक्त रविराज इलवे आदि उपस्थित थे।
डॉ. खाडे ने कहा कि हर जिले में श्रमिकों के भवन बनाए जाएंगे ताकि श्रमिकों को वह सभी सुविधाएं मिल सकें जिसके वे हकदार हैं। श्रमिकों को एक ही स्थान पर सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 6 मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसी तरह हर जिले में ऐसा अस्पताल स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
दुर्घटना के बाद श्रमिकों के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए बीमा कंपनी के साथ मिलकर योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा मंडल के कर्मचारी, आधा समय काम करनेवाले श्रमिकों को एक रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है।
डॉ. खाड़े ने आगे कहा कि सरकार की योजनाओं के बारे में श्रमिकों को सूचित करने वाली एक पुस्तिका का अनावरण किया गया है और इस पुस्तिका को सभी तालुकों में वितरित किया जाना चाहिए। श्रमिकों को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी और इसके लिए उनसे इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। ईमानदारी से काम करें, औद्योगिक विकास के लिए प्रयास करें। उन्होंने मजदूरों से पंजीकरण कराने की भी अपील करते हुए संदेश दिया कि उद्योग बचेगा तो मजदूर बचेंगे।
कामगार भूषण और मेधावी कार्यकर्ताओं की घोषणा
मंत्री डॉ. खाडे ने कामगार भूषण और मेधावी कार्यकर्ताओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पुरस्कार समारोह जल्द ही मुंबई में आयोजित किया जाएगा।
सांसद श्री बारणे ने कहा, पिंपरी-चिंचवड को मेहनती और कामगारों के शहर के रूप में जाना जाता है। श्रमिकों को सरकार की ओर से उचित आवास, मुफ्त इलाज, बीमा, बाल देखभाल छात्रवृत्ति, सुरक्षा आदि सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
श्रीमती सिंघल ने कहा, महाराष्ट्र औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जाता है। सरकार मजदूरों को हर तरह की सुविधा देने की कोशिश कर रही है।
श्री देशमुख ने प्रस्तावना में कहा, केंद्र और राज्य सरकारें श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न कल्याणकारी कानून पारित कर उनके जीवन स्तर में सुधार करने का प्रयास कर रही हैं। श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को समृद्ध करने के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य योजनाओं, वित्तीय और शैक्षिक सहायता योजनाओं के माध्यम से लाभ प्रदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर अटल पर्यवेक्षक कामगार आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पति के लिए 24 हजार रुपये, अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये, श्रमिकों को सुरक्षा किट एवं आवश्यक किट, सिलाई मशीन का वितरण किया गया. घरेलू कामगारों को सहायता मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
इस अवसर पर अटल बांधकाम कामगार आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत रजिस्ट्ररयुक्त बांधकाम श्रमिकों को 2 लाख रुपये अर्थिक मदद, बांधकाम की जगह दुर्घटना में हुई मृत्यु श्रमिक के वारिश को 5 लाख रुपये, नैसर्गिक मृत्यु हुए श्रमिक के वारिश को 2 लाख रुपये, बांधकाम श्रमिक की नैसर्गिक मृत्यु होन पर उसकी पत्नी अथवा स्त्री कामगार की विधुर पति को 24 हजार रुपये, अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये, श्रमिक सुरक्षा संच व अत्यावश्यक संच वितरण, सिलाई मशीन वितरण की गई। घरेलु श्रमिकों को मदद और होशियार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
राज्य की अर्थव्यवस्था में श्रम एक महत्वपूर्ण कारक है और श्रमिकों का कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश के सभी श्रमिकों को योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए प्रत्येक तालुका में सभी प्रकार के श्रमिक रजिस्ट्रेशन के लिए कामगार सेतु रजिस्ट्रेशन सेतु केंद्र नाके पर श्रमिकों के लिए एक श्रमिक आश्रय का निर्माण किया जाएगा। यह जानकारी श्रम मंत्री डॉ. सुरेश खाड़े ने दी है।
वे अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर चिंचवड़ के रामकृष्ण मोरे सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय श्रम सम्मान समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर सांसद श्रीरंग बारणे, विधायक उमा खापरे, अश्विनी जगताप, कामगार विभाग की प्रधान सचिव विनिता वेद सिंघल, कामगार आयुक्त सतीश देशमुख, महाराष्ट्र इमारत व अन्य बांधकाम कल्याणकारी मंडल के सचिव विवेक कुंभार, पुणे विभाग के अपर कामगार आयुक्त शैलेद्र पोल, कोकण विभाग के अपर कामगार आयुक्त शिरीन लोखंडे, औद्योगिक सुरक्षा व जन आरोग्य संचालनालय पुणे विभाग के संचालक एम. आर. पाटिल, बाष्पके विभाग पुणे विभाग के संचालक डी. पी. अंतापुरकर, कामगार कल्याण आयुक्त रविराज इलवे आदि उपस्थित थे।
डॉ. खाडे ने कहा कि हर जिले में श्रमिकों के भवन बनाए जाएंगे ताकि श्रमिकों को वह सभी सुविधाएं मिल सकें जिसके वे हकदार हैं। श्रमिकों को एक ही स्थान पर सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 6 मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसी तरह हर जिले में ऐसा अस्पताल स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
दुर्घटना के बाद श्रमिकों के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए बीमा कंपनी के साथ मिलकर योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा मंडल के कर्मचारी, आधा समय काम करनेवाले श्रमिकों को एक रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है।
डॉ. खाड़े ने आगे कहा कि सरकार की योजनाओं के बारे में श्रमिकों को सूचित करने वाली एक पुस्तिका का अनावरण किया गया है और इस पुस्तिका को सभी तालुकों में वितरित किया जाना चाहिए। श्रमिकों को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी और इसके लिए उनसे इस क्षेत्र के विशेषज्ञों की राय ली जाएगी। ईमानदारी से काम करें, औद्योगिक विकास के लिए प्रयास करें। उन्होंने मजदूरों से पंजीकरण कराने की भी अपील करते हुए संदेश दिया कि उद्योग बचेगा तो मजदूर बचेंगे।
कामगार भूषण और मेधावी कार्यकर्ताओं की घोषणा
मंत्री डॉ. खाडे ने कामगार भूषण और मेधावी कार्यकर्ताओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पुरस्कार समारोह जल्द ही मुंबई में आयोजित किया जाएगा।
सांसद श्री बारणे ने कहा, पिंपरी-चिंचवड को मेहनती और कामगारों के शहर के रूप में जाना जाता है। श्रमिकों को सरकार की ओर से उचित आवास, मुफ्त इलाज, बीमा, बाल देखभाल छात्रवृत्ति, सुरक्षा आदि सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
श्रीमती सिंघल ने कहा, महाराष्ट्र औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जाता है। सरकार मजदूरों को हर तरह की सुविधा देने की कोशिश कर रही है।
श्री देशमुख ने प्रस्तावना में कहा, केंद्र और राज्य सरकारें श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न कल्याणकारी कानून पारित कर उनके जीवन स्तर में सुधार करने का प्रयास कर रही हैं। श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को समृद्ध करने के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य योजनाओं, वित्तीय और शैक्षिक सहायता योजनाओं के माध्यम से लाभ प्रदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर अटल पर्यवेक्षक कामगार आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पति के लिए 24 हजार रुपये, अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये, श्रमिकों को सुरक्षा किट एवं आवश्यक किट, सिलाई मशीन का वितरण किया गया. घरेलू कामगारों को सहायता मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
इस अवसर पर अटल बांधकाम कामगार आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत रजिस्ट्ररयुक्त बांधकाम श्रमिकों को 2 लाख रुपये अर्थिक मदद, बांधकाम की जगह दुर्घटना में हुई मृत्यु श्रमिक के वारिश को 5 लाख रुपये, नैसर्गिक मृत्यु हुए श्रमिक के वारिश को 2 लाख रुपये, बांधकाम श्रमिक की नैसर्गिक मृत्यु होन पर उसकी पत्नी अथवा स्त्री कामगार की विधुर पति को 24 हजार रुपये, अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये, श्रमिक सुरक्षा संच व अत्यावश्यक संच वितरण, सिलाई मशीन वितरण की गई। घरेलु श्रमिकों को मदद और होशियार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई।






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