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पुणे जिला प्रशासन द्वारा पालकी समारोह की जोरदार तैयारी : पानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर

पुणे, मई (जिमाका)
आषाढ़ी वारी पालखी समारोह के अवसर पर पालक मंत्री चंद्रकान्तदा पाटिल के मार्गदर्शन में पुणे जिला प्रशासन ने स्वच्छता, जलापूर्ति और स्वास्थ्य को लेकर सफलतापूर्वक तैयारी कर ली है। पालकियों में 106 टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाएगी और पालकी प्रवास पर करीब 2 हजार 700 शौचालयों की योजना बनाई गई है।
इस साल अधिक मास होने के कारण पालकी करीब एक माह पहले रवाना हो रही है। श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी का प्रस्थान समारोह 11 जून को होगा और श्री संत तुकाराम महाराज की पालकी का प्रस्थान समारोह 10 जून को होगा।
श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी 11 जून को दर्शन मंडप भवन आलंदी संस्थान, 12 व 13 जून को पालकी विठोबा मंदिर भवानीपेठ, पुणे में, 14 व 15 जून को सासवड़, 16 जून को जेजूरी, 17 जून को वाल्हे में रहेगी। 18 जून को नीरा से सातारा जिले में प्रवेश करेंगे। जबकि श्री संत तुकाराम महाराज का पालकी प्रवास 10 जून को इनामदार साहेब वाड़ा देहू, 11 जून को आकुर्डी, 12 व 13 जून को नानापेठ पुणे, 14 जून को लोनी कलभोर, 15 जून को यवत, 16 जून को वरवंड, 17 जून को उंदवड़ी गल्याची, 18 जून को बारामती, 19 जून को सणसर, 20 जून को आंथुर्णे, 21 जून निमगांव केतकी, 22 जून को इंदापुर, 23 जून को सराटी में विश्राम करेगी और 24 जून को सोलापुर जिले में प्रवेश करेगी।
गर्मी के दिनों में पालकी समारोह के चलते प्रशासन ने पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी के लिए 54 टैंकर उपलब्ध कराये जायेंगे तथा 29 टैंकर भरने के स्थान निर्धारित किये गये हैं। श्री संत तुकाराम महाराज पालकी के लिए 45 टैंकर और 16 टैंकर फिलिंग प्वाइंट, श्री संत सोपंकाका महाराज पालकी के लिए 3 टैंकर, श्री संत चैतन्य महाराज पालकी और श्री संत चंगवतेश्वर महाराज पालकी के लिए 2-2 टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाएगी। साथ ही पालकी मार्ग पर स्थित गांव के जलस्रोत का शुद्धिकरण किया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर जल के नमूने लेकर जल की शुद्धता सुनिश्चित की जायेगी।
पालकी विश्राम की जगह 4 दिन पहले ही शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी के ठहरने के प्रत्येक स्थान पर 1 हजार 500 शौचालय बनवाए जाएंगे। संत तुकाराम महाराज पालकी के लिए 1000 और संत सोपानकाका महाराज पालकी के लिए 200 शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। शौचालयों में नियमित जलापूर्ति की योजना बनाई जाएगी तथा उपयोग के बाद सफाई के लिए अधिक से अधिक संख्या में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से वारकरियों की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, मोबाइल स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने, दोनों पालकियों के बीच 1 किमी की दूरी के अंदर 108 एंबुलेंस सेवा की 15-15 एंबुलेंस और 102 सेवा की संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी के लिए 35 एंबुलेंस और संत तुकाराम महाराज पालकी के लिए 75 एंबुलेंस तैयार रखी जाएंगी। 
गर्मी की समस्या को ध्यान में रखते हुए सभी स्वास्थ्य टीमों की जगह ओआरएस का भंडार, दवा का पर्याप्त स्टॉक रखा जा रहा है। दिवे घाट पर चढ़ने के बाद श्रद्धालुओं को परेशानी की संभावना को ध्यान में रखते हुए झेंडेवाडी विसावा क्षेत्र में 10 बिस्तरों का एक विशेष इनपेशेंट वार्ड बनाया जाएगा, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए 5-5 बेड होंगे।
हर 2 किमी पर 87 आउट पेशेंट एम्बुलेंस टीमों द्वारा मरीजों का इलाज किया जाएगा। इनमें संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी के लिए 29 और संत तुकाराम महाराज पालकी के लिए 58 एंबुलेंस टीमें नियुक्त की जाएंगी। कुल 8 ग्रामीण अस्पतालों में संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी के लिए 3 और संत तुकाराम महाराज पालकी के लिए 5 उपचार केंद्र होने जा रहे हैं। इसी तरह कुल 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्रमश: 5 और 11 पालकी विश्राम चिकित्सा केंद्र बनने जा रहे हैं। संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी के लिए 10 और संत तुकाराम महाराज पालकी के लिए 23 सहित कुल 33 चिकित्सा उपकेंद्र मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके अलावा दोनों पालकियों में से प्रत्येक के लिए 1 मोबाइल मेडिकल टीम स्थायी रहेगी। जिला प्रशासन ने बताया कि इस दौरान पालकी समारोह मार्ग के निजी अस्पतालों में 10 प्रतिशत बेड आरक्षित रहेंगे। यह जानकारी जिला प्रशासन द्वारा दी गई है।

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