मुंबई, जून (महासंवाद)
राज्य में नई शिक्षा नीति (एनईपी) का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। इसमें तेजी लाने के लिए सुकाणू समिति का गठन किया गया है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने निर्देश दिया कि इस समिति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगामी शैक्षणिक वर्ष से सभी विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में ‘एनईपी’ के क्रियान्वयन के लिए अंतिम योजना तैयार की जाए।
राज्य में नई शिक्षा नीति को लागू करने को लेकर सुकाणू समिति व सभी कुलपतियों की सह्याद्री अतिथि गृह में बैठक का आयोजन किया गया। उसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए मंत्री श्री पाटिल बोल रहे थे।
मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तैयार की गई है। इस नीति के अनुसार भारतीय शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने के लिए बौद्धिक विकास और अध्ययन के सिद्धांतों पर आधारित पाठ्यक्रम और अध्ययन, शाखाओं की संरचना, अवसर, समानता, समावेश और शैक्षिक गुणवत्ता, नवीन शोध इस नीति के उद्देश्य हैं। इस वर्ष इस नीति का क्रियान्वयन उन सभी गैर-कृषि विश्वविद्यालयों, स्वायत्त महाविद्यालयों एवं संस्थानों में किया जा रहा है, जिन्होंने शैक्षिक उपाय किए हैं। आगामी शैक्षणिक वर्ष में सभी विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में इस नीति को शत-प्रतिशत लागू करने हेतु 30 सितम्बर 2023 तक सभी विश्वविद्यालय संभावित समस्याओं एवं समाधानों का अध्ययन कर 31 दिसम्बर 2023 तक शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से अंतिम योजना एवं संलग्न नीति को क्रियान्वित करने के निर्देश दिये गये हैं।
मंत्री श्री पाटिल ने इस अवसर पर कहा कि इस नीति को लागू करते समय छात्रों, अभिभावकों और प्राध्यापकों को होने वाली कठिनाइयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण से सभी विषयों पर सकारात्मक नीति तय की जाएगी।
सभी विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर संशोधित पाठ्यक्रम लागू करने के लिए पिछले वर्ष से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। गठित की गई सुकाणू समिति ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, प्र. कुलपतियों, अधिष्ठाता एवं अन्य संबंधित निकायों से पिछले छह माह में चर्चा कर संशोधित पाठ्यक्रम तैयार किया है। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से विश्वविद्यालय प्रांगण के शैक्षणिक विभागों एवं राज्य के परम्परागत स्वशासी महाविद्यालयों में डिग्री एवं स्नातकोत्तर स्तर पर बी.ए., बी. कॉम और बी.एससी के साथ-साथ एमए, एम.कॉम और एम.एससी और सरकार के 20 अप्रैल 2023 के निर्णय में उल्लिखित अन्य पारंपरिक पाठ्यक्रम और सभी संबद्ध कॉलेजों में स्नातकोत्तर एमए, एम.कॉम और एम.एससी पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति के अनुसार क्रेडिट योजना लागू की जाएगी। शेष स्वायत्त संबद्ध महाविद्यालयों में वर्तमान पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि बैठक में सभी कुलपतियों ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए और समय की आवश्यकता होगी।
उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विकासचंद्र रस्तोगी, उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के संचालक डॉ.शैलेंद्र देवलाणकर, तकनीकी शिक्षा संचालक विनोद मोहितकर, शैक्षणिक नीति 2020 क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष व सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ के पूर्व कुलगुरू डॉ. नितिन करमलकर, मुंबई विद्यापीठ के कुलगुरु डॉ. रवींद्र कुलकर्णी, संत गाडगेबाबा, अमरावती विद्यापीठ के पूर्व कुलगुरु डॉ. मुरलीधर चांदेकर, जलगांव स्थित कवयित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विद्यापीठ केे कुलगुरु डॉ. वी. एल. माहेश्वरी, एम.जे. कॉलेज जलगांव के निवृत्त प्राचार्य अनिल राव, उद्योजक महेश दाबक, एसवीकेएम के अध्यक्ष डॉ. माधव एन. वेलिंग सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य में नई शिक्षा नीति (एनईपी) का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। इसमें तेजी लाने के लिए सुकाणू समिति का गठन किया गया है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने निर्देश दिया कि इस समिति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगामी शैक्षणिक वर्ष से सभी विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में ‘एनईपी’ के क्रियान्वयन के लिए अंतिम योजना तैयार की जाए।
राज्य में नई शिक्षा नीति को लागू करने को लेकर सुकाणू समिति व सभी कुलपतियों की सह्याद्री अतिथि गृह में बैठक का आयोजन किया गया। उसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए मंत्री श्री पाटिल बोल रहे थे।
मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तैयार की गई है। इस नीति के अनुसार भारतीय शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने के लिए बौद्धिक विकास और अध्ययन के सिद्धांतों पर आधारित पाठ्यक्रम और अध्ययन, शाखाओं की संरचना, अवसर, समानता, समावेश और शैक्षिक गुणवत्ता, नवीन शोध इस नीति के उद्देश्य हैं। इस वर्ष इस नीति का क्रियान्वयन उन सभी गैर-कृषि विश्वविद्यालयों, स्वायत्त महाविद्यालयों एवं संस्थानों में किया जा रहा है, जिन्होंने शैक्षिक उपाय किए हैं। आगामी शैक्षणिक वर्ष में सभी विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में इस नीति को शत-प्रतिशत लागू करने हेतु 30 सितम्बर 2023 तक सभी विश्वविद्यालय संभावित समस्याओं एवं समाधानों का अध्ययन कर 31 दिसम्बर 2023 तक शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से अंतिम योजना एवं संलग्न नीति को क्रियान्वित करने के निर्देश दिये गये हैं।
मंत्री श्री पाटिल ने इस अवसर पर कहा कि इस नीति को लागू करते समय छात्रों, अभिभावकों और प्राध्यापकों को होने वाली कठिनाइयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण से सभी विषयों पर सकारात्मक नीति तय की जाएगी।
सभी विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर संशोधित पाठ्यक्रम लागू करने के लिए पिछले वर्ष से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। गठित की गई सुकाणू समिति ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, प्र. कुलपतियों, अधिष्ठाता एवं अन्य संबंधित निकायों से पिछले छह माह में चर्चा कर संशोधित पाठ्यक्रम तैयार किया है। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से विश्वविद्यालय प्रांगण के शैक्षणिक विभागों एवं राज्य के परम्परागत स्वशासी महाविद्यालयों में डिग्री एवं स्नातकोत्तर स्तर पर बी.ए., बी. कॉम और बी.एससी के साथ-साथ एमए, एम.कॉम और एम.एससी और सरकार के 20 अप्रैल 2023 के निर्णय में उल्लिखित अन्य पारंपरिक पाठ्यक्रम और सभी संबद्ध कॉलेजों में स्नातकोत्तर एमए, एम.कॉम और एम.एससी पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति के अनुसार क्रेडिट योजना लागू की जाएगी। शेष स्वायत्त संबद्ध महाविद्यालयों में वर्तमान पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि बैठक में सभी कुलपतियों ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए और समय की आवश्यकता होगी।
सावित्री देवी फुले राजकीय छात्रावास में जो घटना हुई वह दुर्भाग्यपूर्ण है; दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई : मंत्री चंद्रकांत पाटिल
सावित्री देवी फुले राजकीय छात्रावास में हुई घटना पीड़ादायक है और सरकार ने इस पर गंभीरता से संज्ञान लिया है। घटना की गहन जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी शासकीय छात्रावासों की सुरक्षा की समीक्षा के लिए उच्च शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। यह जानकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री पाटिल ने पत्रकार वार्ता में दी है।केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की रैंकिंग की घोषणा की जाएगी
केंद्र सरकार ने भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग की वर्ष 2023 की रिपोर्ट जारी कर दी है। इसमें और प्रयास करने होंगे कि महाराष्ट्र के विश्वविद्यालय और संस्थान सूची में शीर्ष पर रहें, इसलिए केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की रैंकिंग घोषित की जाएगी। इसके लिए मंत्री श्री पाटिल ने अपील की कि राज्य के सभी विश्वविद्यालय इसमें भाग लें।उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल की अध्यक्षता में सुकाणू समिति की बैठक
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन हेतु गठित सुकाणू समिति की बैठक उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री पाटिल की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित की गई।उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विकासचंद्र रस्तोगी, उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के संचालक डॉ.शैलेंद्र देवलाणकर, तकनीकी शिक्षा संचालक विनोद मोहितकर, शैक्षणिक नीति 2020 क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष व सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ के पूर्व कुलगुरू डॉ. नितिन करमलकर, मुंबई विद्यापीठ के कुलगुरु डॉ. रवींद्र कुलकर्णी, संत गाडगेबाबा, अमरावती विद्यापीठ के पूर्व कुलगुरु डॉ. मुरलीधर चांदेकर, जलगांव स्थित कवयित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विद्यापीठ केे कुलगुरु डॉ. वी. एल. माहेश्वरी, एम.जे. कॉलेज जलगांव के निवृत्त प्राचार्य अनिल राव, उद्योजक महेश दाबक, एसवीकेएम के अध्यक्ष डॉ. माधव एन. वेलिंग सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन को लेकर राज्य के गैर कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक
इस बैठक में उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विकासचंद्र रस्तोगी, उच्च शिक्षा संचालक डॉ. देवलाणकर, तकनीकी शिक्षा संचालक डॉ. मोहितकर, मुंबई विद्यापीठ के कुलगुरू डॉ. रवींद्र कुलकर्णी, सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ के कुलगुरू डॉ.सुरेश गोसावी, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर तकनीकी शास्त्र विद्यापीठ के कुलगुरू डॉ. कारभारी काले, एसएनडीटी महिला विद्यापीठ की कुलगुरू डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाडा विद्यापीठ के कुलगुरू डॉ. प्रमोद येवले, शिवाजी विद्यापीठ के कुलगुरू डॉ.दिगंबर शिर्के, स्वामी रामानंदतीर्थ मराठवाडा विद्यापीठ के कुलगुरु डॉ. उद्धव भोसले, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर विद्यापीठ सोलापुर के प्रभारी कुलगुरू डॉ.आर.के. कामत, गोंडवाना विद्यापीठ के कुलगुरू डॉ. प्रशांत बोकारे, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज विद्यापीठ नागपुर के डॉ. सुभाष चौधरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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