मुंबई, जुलाई (महासंवाद)
महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना को राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों, अधिवास प्रमाण पत्र धारकों के लिए लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसलिए, राज्य के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रति कुटुंब प्रति वर्ष डेढ़ लाख रुपये से 5 लाख रूपये करने का निर्णय 28 जून, 2023 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था, जिसके अनुसार एकत्रिज योजना पर अमल शासन निर्णय दिनांक 28 जुलाई, 2023 को जारी किया गया है।
सरकारी निर्णय के लाभ और विशेषताएं :
-पहले राज्य में इस योजना का लाभ केवल नारंगी राशन कार्ड और अंत्योदय राशन कार्ड वाले नागरिकों को ही मिल रहा था। हालाँकि, अब से राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों, मूल निवास प्रमाण पत्र वाले नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिल गया है। इस प्रकार, महाराष्ट्र उन राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने केंद्र और राज्य की संयुक्त योजना लागू की है।
-स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये है। अब महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष कर दिया गया है।
-आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के संयुक्त कार्यान्वयन के कारण, लाभार्थी को दोनों योजनाओं में शामिल उपचार का लाभ मिलेगा। साथ ही दोनों योजनाओं के स्वीकृत अस्पतालों में इलाज कराया जा सकेगा। महात्मा फुले जन आरोग्य योजना में 996 उपचार हैं, जबकि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 1209 उपचार हैं। इनमें से 181 गैर-मांग वाले उपचारों को बाहर कर दिया गया है, जबकि 328 मांग-रहित उपचारों को नए शामिल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इलाज की संख्या 147 बढ़कर 1356 हो गई है। महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना में 1356 उपचारों को शामिल किया जा रहा है। महात्मा फुले जन आरोग्य योजना में इलाज की संख्या 360 बढ़ाई जा रही है। इन 1356 उपचारों में से 119 उपचार केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित होंगे।
-महात्मा फुले जन आरोग्य और आयुष्मान भारत की संयुक्त योजना-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में कुल 1000 अस्पताल हैं। महात्मा फुले जन आरोग्य योजना पहले ही महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा क्षेत्र में लागू की जा चुकी है और सीमावर्ती महाराष्ट्र राज्य के 8 जिलों में 140 अस्पतालों और कर्नाटक राज्य में 10 अतिरिक्त अस्पतालों को अपनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त 200 अस्पतालों को गोद लेने की मंजूरी दी गई है। अब मान्यता प्राप्त अस्पतालों की संख्या 1350 हो जायेगी। इसमें सभी सरकारी अस्पतालों को अपनाया जा रहा है। इसके अलावा, अब से पिछड़े क्षेत्रों में खुले सभी नए अस्पतालों को इस एकीकृत योजना में शामिल किया जाएगा।
-किडनी सर्जरी के लिए महात्मा फुले जन आरोग्य योजना में प्रति मरीज उपचार लागत सीमा 2.5 लाख रुपये है। अब इसे 4.5 लाख रुपये करने का फैसला किया गया है।
बालासाहेब ठाकरे सड़क दुर्घटना बीमा योजना के 14 अक्टूबर 2020 के शासन निर्णय के प्रावधानों में संशोधन कर सड़क दुर्घटनाओं के उपचार की संख्या 74 से बढ़ाकर 184 कर दी गई है। प्रति मरीज प्रति दुर्घटना उपचार लागत सीमा 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। इस योजना को महात्मा फुले जन आरोग्य योजना में शामिल किया गया है। इसमें राज्य के भौगोलिक क्षेत्र, राज्य और देश में सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीज शामिल हैं।
महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना को राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों, अधिवास प्रमाण पत्र धारकों के लिए लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसलिए, राज्य के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रति कुटुंब प्रति वर्ष डेढ़ लाख रुपये से 5 लाख रूपये करने का निर्णय 28 जून, 2023 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था, जिसके अनुसार एकत्रिज योजना पर अमल शासन निर्णय दिनांक 28 जुलाई, 2023 को जारी किया गया है।
सरकारी निर्णय के लाभ और विशेषताएं :
-पहले राज्य में इस योजना का लाभ केवल नारंगी राशन कार्ड और अंत्योदय राशन कार्ड वाले नागरिकों को ही मिल रहा था। हालाँकि, अब से राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों, मूल निवास प्रमाण पत्र वाले नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिल गया है। इस प्रकार, महाराष्ट्र उन राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने केंद्र और राज्य की संयुक्त योजना लागू की है।
-स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये है। अब महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष कर दिया गया है।
-आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के संयुक्त कार्यान्वयन के कारण, लाभार्थी को दोनों योजनाओं में शामिल उपचार का लाभ मिलेगा। साथ ही दोनों योजनाओं के स्वीकृत अस्पतालों में इलाज कराया जा सकेगा। महात्मा फुले जन आरोग्य योजना में 996 उपचार हैं, जबकि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 1209 उपचार हैं। इनमें से 181 गैर-मांग वाले उपचारों को बाहर कर दिया गया है, जबकि 328 मांग-रहित उपचारों को नए शामिल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इलाज की संख्या 147 बढ़कर 1356 हो गई है। महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना में 1356 उपचारों को शामिल किया जा रहा है। महात्मा फुले जन आरोग्य योजना में इलाज की संख्या 360 बढ़ाई जा रही है। इन 1356 उपचारों में से 119 उपचार केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित होंगे।
-महात्मा फुले जन आरोग्य और आयुष्मान भारत की संयुक्त योजना-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में कुल 1000 अस्पताल हैं। महात्मा फुले जन आरोग्य योजना पहले ही महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा क्षेत्र में लागू की जा चुकी है और सीमावर्ती महाराष्ट्र राज्य के 8 जिलों में 140 अस्पतालों और कर्नाटक राज्य में 10 अतिरिक्त अस्पतालों को अपनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त 200 अस्पतालों को गोद लेने की मंजूरी दी गई है। अब मान्यता प्राप्त अस्पतालों की संख्या 1350 हो जायेगी। इसमें सभी सरकारी अस्पतालों को अपनाया जा रहा है। इसके अलावा, अब से पिछड़े क्षेत्रों में खुले सभी नए अस्पतालों को इस एकीकृत योजना में शामिल किया जाएगा।
-किडनी सर्जरी के लिए महात्मा फुले जन आरोग्य योजना में प्रति मरीज उपचार लागत सीमा 2.5 लाख रुपये है। अब इसे 4.5 लाख रुपये करने का फैसला किया गया है।
बालासाहेब ठाकरे सड़क दुर्घटना बीमा योजना के 14 अक्टूबर 2020 के शासन निर्णय के प्रावधानों में संशोधन कर सड़क दुर्घटनाओं के उपचार की संख्या 74 से बढ़ाकर 184 कर दी गई है। प्रति मरीज प्रति दुर्घटना उपचार लागत सीमा 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। इस योजना को महात्मा फुले जन आरोग्य योजना में शामिल किया गया है। इसमें राज्य के भौगोलिक क्षेत्र, राज्य और देश में सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीज शामिल हैं।

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