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मतदाता सूचियों को अधिक शुद्धिकरण करने पर जोर दें : जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख

पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
आगामी चुनावी वर्ष को देखते हुए चुनावी प्रक्रिया को अधिक आसान और सुलभ बनाने के लिए मतदाता सूची के शुद्धिकरण पर अधिक ध्यान दें। यह निर्देश जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने दिए। 
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समन्वयक अधिकारी, सभी निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों की बैठक में वे बोल रहे थे। बैठक में उपजिला चुनाव अधिकारी मीनल कलसकर, चुनावी जनशक्ति प्रबंधन समन्वयक अधिकारी तथा पुणे महानगरपालिका के उपायुक्त सचिन इथापे, स्वीप समन्वयक अधिकारी उपजिलाधिकारी अर्चना तांबे आदि उपस्थित थे। 
जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के लिए मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची का शुद्धिकरण और सटीकता, मतदान केंद्रों का सुसूत्रीकरण, जनशक्ति प्रबंधन और सभी घटकों की भागीदारी यह मामले सबसे महत्वपूर्ण हैं। जिले में 18 से 19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या वास्तविक जनसंख्या से काफी कम है, साथ ही 19 से 29 आयु वर्ग के युवाओं की जनसंख्या 26 लाख के लगभग है। वास्तविक मतदाता सूची में 13 लाख मतदाताओं की संख्या इतना बड़ा अंतर है। यदि यह नए मतदाता पंजीकृत हो गये तो मतदान प्रतिशत निश्चित रूप से बढ़ेगा। साथ ही मतदाता सूची में 80 साल से अधिक और 100 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या भी बड़ी है, इसलिए सभी प्रक्रियाओं के बाद सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मृत मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर निकालने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
मृत मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर करने हेतु आवश्यक कार्यवाही समुचित ढंग से की जाये। मतदाता सूची से नाम हटाने के दौरान पंचनामा, संबंधित को नोटिस देने जैसी सभी कार्रवाई की जानी चाहिए। गलत तरीके से बहिष्करण के मामले में एक नया आवेदन भरकर नामांकित किया जाना चाहिए। मतदाता पहचान पत्र की छपाई और वितरण को नियंत्रित करें व इसके लिए पोस्ट के साथ समन्वय होना चाहिए। सभी मतदाताओं को उनके मतदाता पहचान पत्र समय पर मिल जाएं यह सुनिश्चित करें।
सभी मतदान केंद्रों का सत्यापन मतदाता पंजीकरण अधिकारियों द्वारा स्वयं किया जाना चाहिए। शहर में मतदान केन्द्र व्यवस्थित करते समय यह प्रयास किया जाएं कि एक ही स्थान पर 4 से अधिक मतदान केन्द्र न हों। शहर में जहां हजार से अधिक मतदाताओंवाली हाउसिंग सोसायटी हों, उसी जगह पर मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि नए मतदाताओं को पंजीकृत करने के लिए निर्वाचन क्षेत्र के महाविद्यालयों में कैंपस एंबेसडर नियुक्त किया जाना चाहिए। उन्हें प्रमाणपत्र के रूप में प्रोत्साहन दें। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला मतदाता पंजीकरण के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जाए। दिव्यांग, तृतीयपंथीय के मतदाताओं के पंजीकरण हेतु समाज कल्याण विभाग से इस घटक की संख्या, पता आदि की जानकारी प्राप्त करने का विशेष प्रयास करें। वेश्यावृत्ति व्यवसाय की महिलाओं के पंजीकरण के लिए नॅको जैसी संस्था की जानकारी उपयोगी होगी। मजदूर आदि घुमंतू मतदाताओं के पंजीकरण के लिए भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। चुनाव प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जोनल अधिकारियों की नियुक्ति अभी की जानी चाहिए।

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