पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
विकास को मानवीय स्वरूप देकर मानव जीवन में बदलाव लाने का और देश के युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य उद्योग और स्वयंसेवी संस्थाओं ने करना चाहिए। यह अपील उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की है।
‘वाय4डी’ फाउंडेशन द्वारा आयोजित इंडियाज मोमेंट कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस बोल रहे थे। यहां ‘वाय4डी’ फाउंडेशन’ के अध्यक्ष प्रफुल्ल निकम, हिंदुस्तान कोको कोला बिवरेजेस के उपाध्यक्ष हिमांशु प्रियदर्शनी, ऑलिम्पिक पदक विजेता पहलवान पद्मश्री योगेश्वर दत्त, ‘वाय4डी’ के सह सचिव अभिषेक तिवारी, बजाज फिन्सर्व के अध्यक्ष कुरुश इराणी आदि उपस्थित थे।
विकास को मानवीय स्वरूप देकर मानव जीवन में बदलाव लाने का और देश के युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य उद्योग और स्वयंसेवी संस्थाओं ने करना चाहिए। यह अपील उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की है।
‘वाय4डी’ फाउंडेशन द्वारा आयोजित इंडियाज मोमेंट कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस बोल रहे थे। यहां ‘वाय4डी’ फाउंडेशन’ के अध्यक्ष प्रफुल्ल निकम, हिंदुस्तान कोको कोला बिवरेजेस के उपाध्यक्ष हिमांशु प्रियदर्शनी, ऑलिम्पिक पदक विजेता पहलवान पद्मश्री योगेश्वर दत्त, ‘वाय4डी’ के सह सचिव अभिषेक तिवारी, बजाज फिन्सर्व के अध्यक्ष कुरुश इराणी आदि उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि देश में युवा शक्ति कई बड़े बदलाव ला रही है। स्टार्टअप में 60% युवा छोटे शहरों से आ रहे हैं। ये स्टार्टअप लोगों की जिंदगी भी बदल रहे हैं। ये युवा रोजगार ढूंढने की बजाय रोजगार दिलाने पर ध्यान देते हैं। देश में सबसे ज्यादा पंजीकृत स्टार्टअप, यूनिकॉर्न महाराष्ट्र में हैं। इन युवाओं की प्रगति को देखकर हमें विश्वास है कि महाराष्ट्र का एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना साकार होगा।
हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं जहां कौशल मायने रखता है। आज शिक्षा से अधिक कौशल को महत्व दिया जाता है। युवाओं में अच्छा काम करने की क्षमता है, वे कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं। यदि उन्हें हुनर मिले तो रोजगार के अवसर मिल सकते हैं, इसलिए व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक जोर देना होगा। उद्योग और गैर सरकारी संगठनों से युवाशक्ति को ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए आगे आने की अपील उन्होंने की। उद्योग जगत कौशल विकास के सहयोग के लिए आगे आ रहा है इस बात पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
किसानों तक आधुनिक कौशल पहुंचाएं
हमारी अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान है। 40 प्रतिशत स्टार्टअप कृषि क्षेत्र में हैं, लेकिन कृषि के क्षेत्र में कौशल की एक सीमा होती है, इसलिए इस क्षेत्र को गति देने के लिए आधुनिकता लाकर किसान को भी कौशल देना होगा। महाराष्ट्र में विश्व बैंक के माध्यम से लगभग 10,000 गाँवों में कृषि उद्योग संगठन बनाये जा रहे हैं। किसानों के हाथ में बाजार देने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें उद्योग और गैर सरकारी संगठनों की अहम भूमिका है। उन्हें सरकारी योजना के साथ-साथ ऐसे क्षेत्रों में तकनीक की कमी को भी पूरा करना चाहिए। इससे बड़ा बदलाव संभव होगा। यह विश्वास उपमुख्यमंत्री श्री फडनवीस ने व्यक्त किया।
पिछले 10 वर्षों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत के चंद्रयान मिशन की चर्चा दुनिया भर में है। देश में आर्थिक प्रगति के लिए कई फैसले लिए गए। ‘वन नेशन वन टैक्स’ जैसी व्यवस्था सामने आई है जो प्रगति के लिए जरूरी है। डिजिटल प्रणाली के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण करके हम डिजिटल लेनदेन में अमेरिका और चीन से भी आगे निकल गए हैं। 2030 तक हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे।
भारत एक लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून का शासन और उद्योग अनुकूल देश है। कई उद्योग देश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। एक तरफ जब देश इस तरह प्रगति कर रहा है तो हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। ऐसी अर्थव्यवस्था के अनुरूप कुशल जनशक्ति तैयार करना हमारी जिम्मेदारी है। देश में उद्योग जगत इस ओर ध्यान दे रहा है, यह संतोष की बात है।
उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इच्छाशक्ति अगर हो तो बदलाव संभव है यह अपने काम से ‘वाय4डी’ फाउंडेशन ने साबित कर दिया है। 20 राज्यों में संस्था काम कर रही है और इसके 7 लाख से ज्यादा लाभार्थी दिखाई दे रहे हैं। यह कार्य विभिन्न क्षेत्रों में चल रहा है। खासकर उद्योग जगत के सहयोग से निर्माण किया गया सकारात्मक माहौल महत्वपूर्ण है। इन शब्दों में फाउंडेशन के काम की सराहना की।
प्रफुल्ल निकम ने फाउंडेशन की प्रगति की समीक्षा कर कार्य एवं परियोजनाओं की जानकारी दी। हिमांशु प्रियदर्शनी ने भी अपना मनोगत व्यक्त किया।
इस अवसर पर फाउंडेशन और कोका कोला बिवरेजेस के बीच गांवों की कायापलट के काम के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही फाउंडेशन और एलटीआईमाइंडट्री के बीच युवाओं के प्रशिक्षण के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। फाउंडेशन की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रकाशित की गई।
इस अवसर पर कंपनियों और गैर सरकारी संगठनों को सामाजिक विकास कार्यों में उनकी पहल के लिए सम्मानित किया गया।
हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं जहां कौशल मायने रखता है। आज शिक्षा से अधिक कौशल को महत्व दिया जाता है। युवाओं में अच्छा काम करने की क्षमता है, वे कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं। यदि उन्हें हुनर मिले तो रोजगार के अवसर मिल सकते हैं, इसलिए व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक जोर देना होगा। उद्योग और गैर सरकारी संगठनों से युवाशक्ति को ज्ञान और कौशल प्रदान करने के लिए आगे आने की अपील उन्होंने की। उद्योग जगत कौशल विकास के सहयोग के लिए आगे आ रहा है इस बात पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
किसानों तक आधुनिक कौशल पहुंचाएं
हमारी अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान है। 40 प्रतिशत स्टार्टअप कृषि क्षेत्र में हैं, लेकिन कृषि के क्षेत्र में कौशल की एक सीमा होती है, इसलिए इस क्षेत्र को गति देने के लिए आधुनिकता लाकर किसान को भी कौशल देना होगा। महाराष्ट्र में विश्व बैंक के माध्यम से लगभग 10,000 गाँवों में कृषि उद्योग संगठन बनाये जा रहे हैं। किसानों के हाथ में बाजार देने की व्यवस्था की जा रही है। इसमें उद्योग और गैर सरकारी संगठनों की अहम भूमिका है। उन्हें सरकारी योजना के साथ-साथ ऐसे क्षेत्रों में तकनीक की कमी को भी पूरा करना चाहिए। इससे बड़ा बदलाव संभव होगा। यह विश्वास उपमुख्यमंत्री श्री फडनवीस ने व्यक्त किया।
पिछले 10 वर्षों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत के चंद्रयान मिशन की चर्चा दुनिया भर में है। देश में आर्थिक प्रगति के लिए कई फैसले लिए गए। ‘वन नेशन वन टैक्स’ जैसी व्यवस्था सामने आई है जो प्रगति के लिए जरूरी है। डिजिटल प्रणाली के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण करके हम डिजिटल लेनदेन में अमेरिका और चीन से भी आगे निकल गए हैं। 2030 तक हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे।
भारत एक लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून का शासन और उद्योग अनुकूल देश है। कई उद्योग देश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। एक तरफ जब देश इस तरह प्रगति कर रहा है तो हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। ऐसी अर्थव्यवस्था के अनुरूप कुशल जनशक्ति तैयार करना हमारी जिम्मेदारी है। देश में उद्योग जगत इस ओर ध्यान दे रहा है, यह संतोष की बात है।
उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इच्छाशक्ति अगर हो तो बदलाव संभव है यह अपने काम से ‘वाय4डी’ फाउंडेशन ने साबित कर दिया है। 20 राज्यों में संस्था काम कर रही है और इसके 7 लाख से ज्यादा लाभार्थी दिखाई दे रहे हैं। यह कार्य विभिन्न क्षेत्रों में चल रहा है। खासकर उद्योग जगत के सहयोग से निर्माण किया गया सकारात्मक माहौल महत्वपूर्ण है। इन शब्दों में फाउंडेशन के काम की सराहना की।
प्रफुल्ल निकम ने फाउंडेशन की प्रगति की समीक्षा कर कार्य एवं परियोजनाओं की जानकारी दी। हिमांशु प्रियदर्शनी ने भी अपना मनोगत व्यक्त किया।
इस अवसर पर फाउंडेशन और कोका कोला बिवरेजेस के बीच गांवों की कायापलट के काम के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही फाउंडेशन और एलटीआईमाइंडट्री के बीच युवाओं के प्रशिक्षण के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। फाउंडेशन की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रकाशित की गई।
इस अवसर पर कंपनियों और गैर सरकारी संगठनों को सामाजिक विकास कार्यों में उनकी पहल के लिए सम्मानित किया गया।






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