पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
क्षय रोग मुक्त भारत अभियान के लिए क्षयरोग प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है और प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक कर्मचारियों को शामिल किया जाना चाहिए। यह विचार राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. तानाजी सावंत ने राष्ट्रीय क्षय रोग प्रशिक्षकों के लिए प्रथम प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किए।
औंध के राज्य क्षयरोग नियंत्रण व प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण वर्ग शुरू किया गया। इस अवसर पर यहां केंद्र शासन के अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. संजयकुमार मट्टू, सहसंचालक (क्षय व कुष्ठरोग) डॉ. सुनीता गोल्हाईत, उपसंचालक डॉ. राधाकिसन पवार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केन्द्र के प्राचार्य डॉ. संदीप सांगले, जिला शल्यचिकित्सक डॉ. नागनाथ येमपल्ले, क्षयरोग नियंत्रण व प्रशिक्षण केंद्र के मुख्य वैद्यकीय अधिकारी डॉ. अनिरुद्ध देशपांडे, जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. संजय दराडे आदि उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सावंत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक क्षयरोग मुक्त भारत मिशन के लिए इस तरह का प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। क्षयरोग उन्मूलन के लिए संपूर्ण जानकारी वाले ऐसे क्षयरोग प्रशिक्षकों को तैयार करना आवश्यक है। अतः अधिक से अधिक कर्मचारियों को इस प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान कर राज्य एवं देश को क्षय रोग से मुक्त बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
डॉ. मट्टु ने कहा कि क्षयरोग प्रशिक्षण के लिए देश के अग्रणी संस्थानों का चयन किया गया है। वर्तमान में देश में पांच क्षयरोग प्रशिक्षण केंद्र हैं, जिनमें पुणे में क्षयरोग नियंत्रण और प्रशिक्षण केंद्र भी शामिल है। इस प्रशिक्षण वर्ग के लिए 9 विभिन्न राज्यों के प्रशिक्षुओं ने भाग लिया है।
क्षय रोग मुक्त भारत अभियान के लिए क्षयरोग प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है और प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक कर्मचारियों को शामिल किया जाना चाहिए। यह विचार राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. तानाजी सावंत ने राष्ट्रीय क्षय रोग प्रशिक्षकों के लिए प्रथम प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन के अवसर पर व्यक्त किए।
औंध के राज्य क्षयरोग नियंत्रण व प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण वर्ग शुरू किया गया। इस अवसर पर यहां केंद्र शासन के अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. संजयकुमार मट्टू, सहसंचालक (क्षय व कुष्ठरोग) डॉ. सुनीता गोल्हाईत, उपसंचालक डॉ. राधाकिसन पवार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केन्द्र के प्राचार्य डॉ. संदीप सांगले, जिला शल्यचिकित्सक डॉ. नागनाथ येमपल्ले, क्षयरोग नियंत्रण व प्रशिक्षण केंद्र के मुख्य वैद्यकीय अधिकारी डॉ. अनिरुद्ध देशपांडे, जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. संजय दराडे आदि उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सावंत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक क्षयरोग मुक्त भारत मिशन के लिए इस तरह का प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। क्षयरोग उन्मूलन के लिए संपूर्ण जानकारी वाले ऐसे क्षयरोग प्रशिक्षकों को तैयार करना आवश्यक है। अतः अधिक से अधिक कर्मचारियों को इस प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान कर राज्य एवं देश को क्षय रोग से मुक्त बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
डॉ. मट्टु ने कहा कि क्षयरोग प्रशिक्षण के लिए देश के अग्रणी संस्थानों का चयन किया गया है। वर्तमान में देश में पांच क्षयरोग प्रशिक्षण केंद्र हैं, जिनमें पुणे में क्षयरोग नियंत्रण और प्रशिक्षण केंद्र भी शामिल है। इस प्रशिक्षण वर्ग के लिए 9 विभिन्न राज्यों के प्रशिक्षुओं ने भाग लिया है।

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