पुणे, नवंबर (जिमाका)
कन्यादान योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए स्वयंसेवी संस्था, सरकारी यंत्रणाओं से सहायक आयुक्त, समाज कल्याण कार्यालय को निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अपील की गई है।
कन्यादान योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति (नवबौद्ध सहित), विमुक्त जाति, घुमंतू जनजातियों (धनगर एवं वंजारी सहित) एवं विशेष पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े परिवारों के सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेनेवाले पात्र जोड़ों को 20,000 रुपये एवं सामूहिक विवाह आयोजित करनेवाले स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रति पात्र जोड़े को 4,000 रुपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाता है।
सामूहिक विवाह समारोह स्वयंसेवी संस्था के साथ केंद्र, राज्य सरकार के स्वायत्त संगठनों, सरकार साथ ही सार्वजनिक प्राधिकरणों, जिला परिषदों आदि के साथ-साथ आयोजित किया जा सकता है। उन्हें स्वयंसेवी संस्था के जैसी ही शर्तें लागू रहेंगी।
स्वयंसेवी संस्था ने निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्राप्त करने के लिए सहायक आयुक्त, समाज कल्याण, डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर सामाजिक न्याय भवन, विश्रांतवाड़ी पुलिस स्टेशन के सामने, येरवडा-06 पर संपर्क करना चाहिए। यह अपील सहायक आयुक्त समाज कल्याण विशाल लोंढे ने की।
कन्यादान योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए स्वयंसेवी संस्था, सरकारी यंत्रणाओं से सहायक आयुक्त, समाज कल्याण कार्यालय को निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अपील की गई है।
कन्यादान योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति (नवबौद्ध सहित), विमुक्त जाति, घुमंतू जनजातियों (धनगर एवं वंजारी सहित) एवं विशेष पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े परिवारों के सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेनेवाले पात्र जोड़ों को 20,000 रुपये एवं सामूहिक विवाह आयोजित करनेवाले स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रति पात्र जोड़े को 4,000 रुपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाता है।
सामूहिक विवाह समारोह स्वयंसेवी संस्था के साथ केंद्र, राज्य सरकार के स्वायत्त संगठनों, सरकार साथ ही सार्वजनिक प्राधिकरणों, जिला परिषदों आदि के साथ-साथ आयोजित किया जा सकता है। उन्हें स्वयंसेवी संस्था के जैसी ही शर्तें लागू रहेंगी।
स्वयंसेवी संस्था ने निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्राप्त करने के लिए सहायक आयुक्त, समाज कल्याण, डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर सामाजिक न्याय भवन, विश्रांतवाड़ी पुलिस स्टेशन के सामने, येरवडा-06 पर संपर्क करना चाहिए। यह अपील सहायक आयुक्त समाज कल्याण विशाल लोंढे ने की।

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