हड़पसर, नवंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
मराठा समुदाय को आरक्षण के लिए आंतरवाली सराटी (जिला- जालना) में मनोज जरांगे पाटिल ने भूख हड़ताल शुरू करने पर मराठा समुदाय के आरक्षण को लेकर पूरे राज्य में आंदोलन की आग भड़क उठी है। इसमें कूदते हुए पूरे हड़पसर मराठा समाज की ओर से हड़पसर फ्लाईओवर के नीचे आंदोलन का आयोजन किया गया। गत गुरुवार, 2 नवंबर की शाम सरकार की अस्थियों को एकत्र कर दफनाया और जब तक कौवा छुएगा नहीं तब तक कोई नहीं हटेगा, यह रुख आंदोलनकारियों ने अपनाया।
हड़पसर फ्लाईओवर के नीचे बालासाहब भिसे, हेमंत ढमढेरे, संदीप लहाने पाटिल व अनिल मोरे के नेतृत्व में आंदोलन किया गया। इस अवसर पर हड़पसर परिसर के साथ शहर की सभी पार्टियों के पदाधिकारियों ने आंदोलन में भाग लिया और एक ही रुख अपनाया कि मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। यहां पूर्व महापौर प्रशांत जगताप, डॉ. शंतनु जगदाले, विजय देशमुख, वंदना मोडक, रुपेश तुपे, अजय न्हावले, प्रशांत पवार, सुमित घुले, सागरराजे भोसले, बालासाहब घुले, शंकर घुले, बाबासाहेब शिंगोटे, हनुमंत मोटे, विजय भाडले, रवि तुपे, गुलाब सैयद, जयश्री चव्हाण, सविता भिसे ने आंदोलन में भाग लिया।
संदीप लहाने पाटिल ने कहा कि मराठा समुदाय ने अब तक शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया है। आगे भी शांतिपूर्ण आंदोलन करने की भूमिका है, सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई अप्रिय घटना न हो।
बालासाहब भिसे ने कहा कि सभी समुदायों से मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। ऐसी भूमिका के बावजूद शासकों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इस मरी हुए सरकार की अस्थियों को दफनाया और जब तक कौवा छुएगा नहीं तब तक कोई भी आंदोलनकारी नहीं हटेगा।
आरक्षण नहीं मिलने पर हेमंत ढमढेरे ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
मराठा समुदाय को आरक्षण के लिए आंतरवाली सराटी (जिला- जालना) में मनोज जरांगे पाटिल ने भूख हड़ताल शुरू करने पर मराठा समुदाय के आरक्षण को लेकर पूरे राज्य में आंदोलन की आग भड़क उठी है। इसमें कूदते हुए पूरे हड़पसर मराठा समाज की ओर से हड़पसर फ्लाईओवर के नीचे आंदोलन का आयोजन किया गया। गत गुरुवार, 2 नवंबर की शाम सरकार की अस्थियों को एकत्र कर दफनाया और जब तक कौवा छुएगा नहीं तब तक कोई नहीं हटेगा, यह रुख आंदोलनकारियों ने अपनाया।
हड़पसर फ्लाईओवर के नीचे बालासाहब भिसे, हेमंत ढमढेरे, संदीप लहाने पाटिल व अनिल मोरे के नेतृत्व में आंदोलन किया गया। इस अवसर पर हड़पसर परिसर के साथ शहर की सभी पार्टियों के पदाधिकारियों ने आंदोलन में भाग लिया और एक ही रुख अपनाया कि मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। यहां पूर्व महापौर प्रशांत जगताप, डॉ. शंतनु जगदाले, विजय देशमुख, वंदना मोडक, रुपेश तुपे, अजय न्हावले, प्रशांत पवार, सुमित घुले, सागरराजे भोसले, बालासाहब घुले, शंकर घुले, बाबासाहेब शिंगोटे, हनुमंत मोटे, विजय भाडले, रवि तुपे, गुलाब सैयद, जयश्री चव्हाण, सविता भिसे ने आंदोलन में भाग लिया।
संदीप लहाने पाटिल ने कहा कि मराठा समुदाय ने अब तक शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया है। आगे भी शांतिपूर्ण आंदोलन करने की भूमिका है, सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई अप्रिय घटना न हो।
बालासाहब भिसे ने कहा कि सभी समुदायों से मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। ऐसी भूमिका के बावजूद शासकों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इस मरी हुए सरकार की अस्थियों को दफनाया और जब तक कौवा छुएगा नहीं तब तक कोई भी आंदोलनकारी नहीं हटेगा।
आरक्षण नहीं मिलने पर हेमंत ढमढेरे ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

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