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छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वधर्म, स्वदेश और स्वभाषा के विरासत को लेकर भारत के विकास में योगदान दें : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

महाराष्ट्र राज्यगीत की प्रेरणादायी धुनों से गूंज उठा ज्यूरिख
बृहन महाराष्ट्र मंडल की ओर से मुख्यमंत्री का भव्यदिव्य और भावपूर्ण स्वागत

मुंबई, जनवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क) 
छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा दिए गए स्वधर्मस्वदेश और स्वभाषा के मूल्यों को आत्मसात कर भारत को विकास की ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज स्विट्ज़रलैंड के ज़्यूरिख में बृहन महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में किया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र शीघ्र ही भारत का ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनेगाजिससे विदेशों में रह रहे मराठी समाज का महाराष्ट्र के प्रति गौरव और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने विदेशों में बसे मराठी समुदाय को महाराष्ट्र के सच्चे राजदूत बताया।
मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस आज विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के लिए ज्यूरिख पहुँचे। पाँच दिवसीय दौरे की शुरुआत में ही उनका पारंपरिक महाराष्ट्रीयन शैली में स्वागत किया गया। पारंपरिक वेशभूषारीति-रिवाज़ और उत्साहपूर्ण स्वागत के लिए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। महाराष्ट्र राज्यगीत से ज़्यूरिख का सभागृह गूंज उठा।

मराठी समाज का कार्य ही महाराष्ट्र का पासपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रहने वाले मराठीजन महाराष्ट्र और मराठी भाषा के सांस्कृतिक राजदूत हैं। वे अपनी मेहनतआचरण और कार्य के माध्यम से महाराष्ट्र की सकारात्मक छवि विश्वभर में प्रस्तुत कर रहे हैं।
व्यवसायउद्योग और विभिन्न क्षेत्रों में मराठी समाज के योगदान के कारण उन्हें अनेक देशों में सम्मान प्राप्त हुआ हैजिससे भारत और महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। मराठी समाज की आतिथ्यशीलतापरिश्रम और उद्यमशीलता के कारण वैश्विक उद्योग भारत में निवेश के लिए आकर्षित होते हैं। इसी कारण इस वर्ष भी दावोस निवेश सम्मेलन में महाराष्ट्र की विशेष पहचान रहेगी।

महा-एनआरआई कनेक्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वभर में मराठी और भारतीय समुदाय अनेक अभिनव और परिवर्तनकारी कार्य कर रहा है। इन अनुभवों और विचारों का आदान-प्रदान आवश्यक है। इसके लिए वैश्विक मराठी समाज को व्यापक महाराष्ट्र से जोड़ने वाला मंच अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा दिए गए स्वदेशस्वधर्म और स्वभाषा के मूल्यों के माध्यम से यह मंच वैश्विक मराठी समाज को एक-दूसरे से जोड़ते हुए समन्वय और समृद्धि के नए मार्ग खोलेगा।

सांस्कृतिक समृद्धि से ही महाराष्ट्र समृद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठी भाषा सदैव अभिजात रही हैकिंतु उसे राजकीय मान्यता मिलना आवश्यक थाजो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष प्रयासों से संभव हुआ।
उन्होंने विदेशों में मराठी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना कीविशेष रूप से यूरोप में चलाए जा रहे मराठी विद्यालयों का उल्लेख किया। भाषा संस्कृतिसंस्कारउत्सवसाहित्य और कला से जोड़ने का माध्यम है।
महाराष्ट्र को न केवल भौतिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी समृद्ध राज्य माना जाता है। सांस्कृतिक समृद्धि के कारण ही महाराष्ट्र ने आर्थिक समृद्धि प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगले तीन वर्षों में महाराष्ट्र भारत का पहला ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र विदेशी प्रत्यक्ष निवेशस्टार्टअप्सनिर्यात और मैन्युफैक्चरिंग में अग्रणी है। देश के 60 प्रतिशत डेटा सेंटर्स महाराष्ट्र में स्थित हैं तथा एआई और रक्षा उत्पादन में भी राज्य अग्रणी है।

हर वर्ष बदलती मुंबई… हर शहर में विकास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आइकोनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में महाराष्ट्र अग्रणी है। मुंबई का व्यापक कायाकल्प किया जा रहा है और आने वाले समय में और भी महत्वाकांक्षी परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि जब-जब विदेशों में बसे मराठीजन मुंबई लौटेंगेउन्हें हर वर्ष बदली हुई मुंबई दिखाई देगी। अगले पाँच वर्षों में मुंबई 2030 तक विकसित देशों की राजधानियों से भी बेहतर शहर के रूप में उभरेगी। यह परिवर्तन पुणेछत्रपति संभाजीनगरनागपुरनाशिक और कोल्हापुर में भी दिखाई देगा।
महाराष्ट्र ने विकास की तेज़ रफ्तार पकड़ ली है और महाराष्ट्र थांबणार नाही के संकल्प के अनुरूप निरंतर आगे बढ़ेगा। इसमें विदेशों में बसे मराठी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
स्विट्ज़रलैंड में भारत के राजदूत मृदुलकुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और किंजारापू राम मोहन नायडू ने भी उनसे भेंट कर महाराष्ट्र की नगर निगम चुनावों में मिली प्रचंड सफलता पर बधाई दी।
बृहन महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्वागत देवाभाऊ के फलक लगाए गए थे। अंतरराष्ट्रीय मराठी मंच के संयोजक अमोल सावरकर ने जानकारी दी कि ज्यूरिख मराठी मंच द्वारा स्विट्ज़रलैंड के विभिन्न विद्यालयों में मराठी भाषा कक्षाएँ शुरू की गई हैं।

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