कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता अभियान बेटी बचाओ जन आंदोलन सामाजिक क्रांति का 15 वां पर्व
डॉ. गणेश राख की अवधारणा एवं सक्षम नेतृत्व में शुरू किये गये, बेटी बचाओ जन आंदोलन / सेव द गर्ल चाइल्ड मूवमेंट ने समर्पित सामाजिक कार्य के 14 यशस्वी शानदार साल पूरे कर लिए हैं और अब लगातार सामाजिक क्रांति के अपने 15वें साल में प्रवेश कर रहा है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य लड़कियों की रक्षा, सम्मान एवं उनके जन्म का उत्साह एवं हर्षोल्लास से स्वागत करना और लड़कियों को सशक्त बनाना है। यह आंदोलन, लिंग भेदभाव के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ भेदभाव से लड़ने के पक्के इरादे से शुरू हुआ था। आज देश और दुनिया भर में इस पहल ने एक मानवीय पहल का रूप ले लिया है। यह आंदोलन लैंगिक समानता, बालिकाओं का सम्मान और हर लड़की के जीवन और पढ़ने के अधिकार को पुरस्कृत करता है।इस अभियान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से मान्यता व पहचान मिली है, जिससे हज़ारों परिवारों को लड़कियों का गर्व से स्वागत करने और समाज में गहरी सोच को चुनौती देने की प्रेरणा मिली है। इस मुहिम में 4 लाख से ज़्यादा डॉक्टर, 13 हज़ार सामाजिक संस्थाएँ और 25 लाख से ज़्यादा स्वयंसेवक शामिल हुए हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में लड़कियों के लिए सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
इस अवधि के दौरान भारत के साथ ही कई अफ्रीकी देशों (ज़ाम्बिया, सूडान, कांगो, नाइजीरिया, मलावी, ज़िम्बाब्वे), कई अरब देशों, साथ ही कनाडा, बांग्लादेश और नेपाल में 1000 से ज़्यादा रैलियां और सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है। बेटी बचाओ जन आंदोलन अपने 15वें साल में प्रवेश कर रहा है और यह आंदोलन एक बार फिर दृढ़ निश्चय दिखाता है कि वह हर लड़की का जन्म सुरक्षित हो, उसे समान सम्मान प्राप्त करना और उसके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह से सक्षम बनाने के लिए अपनी लगातार कोशिशें जारी रखेगा।
पिछले 14 सालों में, बेटी बचाओ जन आंदोलन लगातार ज़मीनी स्तर पर काम किया है :
-कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता अभियान
-बेटी के जन्म का उत्सव
-मुफ़्त और नैतिक मातृत्व सेवाएँ
(पिछले 14 सालों में, पुणे में हमारे मेडिकेयर हॉस्पिटल में फ्री डिलीवरी द्वारा 2500 से ज़्यादा बच्चियों का स्वागत किया गया है)
सामुदायिक समाज भागीदारी, शिक्षा और सामाजिक रक्षक
समाज में अच्छे सामाजिक और व्यवहारिक बदलाव लाने की प्रेरणा
बेटी बचाओ जन आंदोलन स़िर्फ एक आंदोलन नहीं है बल्कि समाज की नैतिक ज़िम्मेदारी एवं सामूहिक चेतना है। यह 14 साल का सफ़र हमें इस मुहिम को और ज़्यादा प्रतिबद्धता, दया और हिम्मत के साथ आगे बढ़ाने की ताकत देता है। यह मंच उन सभी समर्थक, स्वास्थ्य सेवक, स्वयंसेवक, सामाजिक संस्था, माध्यम प्रतिनिधि व जागरूक नागरिकों को पूरी तरह से समर्पित है। जो लोग दृढ़ता से मानते हैं कि एक लड़की को बचाना इंसानियत को बचाना है।
- डॉ. गणेश राख
(प्रवर्तक जनक)
बेटी बचाओ जनआंदोलन सामाजिक क्रांति

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