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पुणे में 6,500 नए पौधे लगाए जाएंगे, 500 पेड़ों का होगा पुनर्रोपण; कोथरूड डीपी रोड की राह हुई आसान

पुणे मनपा और आनंदवन फाउंडेशन की पहल; येवलेवाड़ी में 7 हेक्टेयर जमीन पर होगा वृक्षारोपण और पुनर्रोपण

पुणे, 3 अक्टूबर 2026: पुणे महानगरपालिका (PMC) और आनंदवन फाउंडेशन ने शहर में वृक्षारोपण और पुनर्रोपण को लेकर संयुक्त पहल शुरू की है। इसके तहत पुणे में 6,500 नए पेड़ लगाए जाएंगे, जबकि 500 मौजूदा पेड़ों का पुनर्रोपण किया जाएगा। इस काम के लिए येवलेवाड़ी स्थित 7 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई है।

आनंदवन फाउंडेशन ने सर्वे नंबर 18, येवलेवाड़ी स्थित अपनी देखरेख वाली जमीन पर वृक्षारोपण और पुनर्रोपण के लिए पुणे महानगरपालिका को सहमति दी है। वृक्षारोपण का काम पूरा होने के बाद इन पेड़ों की देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी पुणे महानगरपालिका की रहेगी। इस संबंध में दिए गए सहमति पत्र की एक प्रति पुणे के उपवनसंरक्षक को भी भेजी गई है।

इस पहल से कोथरूड में प्रस्तावित ग. अ. कुलकर्णी पथ से कर्वे पुतला तक डीपी रोड जोड़ने की परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय उपायों को भी मदद मिलेगी। इससे सड़क परियोजना की आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

कोथरूड में यातायात का दबाव कम करने की योजना

कोथरूड क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से पुनर्विकास हुआ है। इसके चलते क्षेत्र की आबादी के साथ-साथ वाहनों की संख्या और यातायात का दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में स्थानीय आवागमन को आसान बनाने और प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य से इस नए सड़क संपर्क की योजना बनाई गई है।

प्रस्तावित सड़क के निर्माण से कुछ पेड़ प्रभावित होंगे। इनमें से पुनर्रोपण के लिए उपयुक्त पेड़ों को दूसरी जगह लगाया जाएगा। इसके साथ ही तय की गई 7 हेक्टेयर जमीन पर बड़े पैमाने पर नए पेड़ लगाए जाएंगे।

पर्यावरण और सड़क विकास दोनों पर जोर

पुणे महानगरपालिका के पथ विभाग के अधिकारी राजेश बनकर ने बताया कि प्रस्तावित कर्वे पुतला रोड कनेक्शन का उद्देश्य कोथरूड में आंतरिक आवागमन को बेहतर करना और मौजूदा सड़कों तथा चौराहों पर यातायात का दबाव कम करना है।

उन्होंने कहा कि पुनर्विकास और बढ़ते यातायात को देखते हुए यह अतिरिक्त मार्ग स्थानीय यातायात को अलग-अलग रास्तों पर बांटने में मदद करेगा। इससे क्षेत्र में ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ को भी बेहतर किया जा सकेगा। शहर के विकास के साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण, दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है।


बनकर ने कहा कि वृक्षारोपण और पुनर्रोपण के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर आनंदवन फाउंडेशन का आभार है। इससे वृक्षारोपण का काम व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि केवल पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके लंबे समय तक संरक्षण और देखभाल पर भी ध्यान देना जरूरी है। पुणे महानगरपालिका इन पेड़ों के दीर्घकालीन रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी।

आनंदवन फाउंडेशन ने जताई खुशी

आनंदवन फाउंडेशन के संस्थापक सचिव भूपेश शर्मा ने कहा कि वृक्षारोपण और पुनर्रोपण के लिए जमीन पुणे महानगरपालिका को उपलब्ध कराते हुए फाउंडेशन को खुशी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से पुणे के हरित क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी और लंबे समय तक उचित देखभाल के कारण यह उपक्रम टिकाऊ साबित होगा।

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी मिलेगा लाभ

कोथरूड में प्रस्तावित नया सड़क संपर्क क्षेत्र के आंतरिक आवागमन के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए भी उपयोगी माना जा रहा है। पुणे में सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विस्तार की योजनाओं के बीच नल स्टॉप से वारजे और माणिकबाग तक प्रस्तावित पुणे मेट्रो के नए 4A विस्तार का भी उल्लेख किया गया है।

इस तरह सड़क संपर्क और हरित क्षेत्र से जुड़े उपायों को साथ लेकर चलने की कोशिश के तहत यह पहल सामने आई है।



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