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मराठी को डिजिटल युग की ज्ञानभाषा बनाएंगे : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 AI, डिजिटल तकनीक, क्वांटम कंप्यूटिंग और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे आधुनिक क्षेत्रों में मराठी के इस्तेमाल पर जोर


मराठी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की समृद्ध संस्कृति और इतिहास की पहचान है। अपनी समृद्ध शब्द-संपदा, साहित्य परंपरा और विभिन्न बोलियों के कारण मराठी की अलग पहचान है। 21वीं सदी में मराठी को डिजिटल और ज्ञान की भाषा के रूप में और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही।

उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के जीवन में मराठी के इस्तेमाल को बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी मराठी का उपयोग बढ़ना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में मराठी को अधिक जगह देने की जरूरत है।

मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के बाद आयोजित ‘अभिजात मराठी भाषा सप्ताह’ और ‘अभिजात मराठी भाषा सम्मान दिवस’ कार्यक्रम की शुरुआत मुंबई के चर्चगेट स्थित श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकर्सी महिला विश्वविद्यालय के पाटकर सभागृह में हुई। इसी अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस संबोधित कर रहे थे।

आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मराठी की समृद्ध परंपरा को बनाए रखते हुए इसे आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना समय की जरूरत है। डिजिटल दौर में भाषा का इस्तेमाल केवल बातचीत तक सीमित न रहकर शिक्षा, ज्ञान, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्रों में भी होना चाहिए।

उन्होंने मराठी के दैनिक व्यवहार में अधिक से अधिक इस्तेमाल का आह्वान करते हुए आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में भी मराठी के प्रयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।

मुंबई में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम

‘अभिजात मराठी भाषा सप्ताह’ और ‘अभिजात मराठी भाषा सम्मान दिवस’ के शुभारंभ अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मराठी भाषा एवं उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत, मुंबई की महापौर रितू तावडे, विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. हेमलता बागला और मराठी भाषा विभाग के सचिव किरण कुलकर्णी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में मराठी भाषा प्रेमियों ने भी भाग लिया।

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