अगले शैक्षणिक वर्ष से प्रवेश प्रक्रिया के साथ पाठ्यक्रम होेगा शुरू : खेल मंत्री सुनील केदार
विश्वविद्यालय हेतु अलग भवन के निर्माण के लिए 400.00 करोड़ रुपये का खर्च अपेक्षित
विश्वविद्यालय हेतु अलग भवन के निर्माण के लिए 400.00 करोड़ रुपये का खर्च अपेक्षित
एक संवाददाता संमेलन में अंतर्राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी देते हुए खेल मंत्री सुनील केदार व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
मुंबई, दिसंबर (महासंवाद)
विकास के मामले में एक कदम आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र में एक अंतर्राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा वर्ष 2020-21 के बजट में की गई थी। विधेयक को शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था, जिसे दोनों सदनों द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। खेल मंत्री सुनील केदार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विश्वविद्यालय अगले शैक्षणिक वर्ष से प्रवेश प्रक्रिया के साथ पाठ्यक्रम शुरू करेगा।
खेल मंत्री श्री सुनील केदार ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद पहले वर्ष में 3 पाठ्यक्रम जैसे खेल विज्ञान, खेल प्रौद्योगिकी, खेल कोचिंग और प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इसके लिए, प्रत्येक पाठ्यक्रम में 50 छात्रों के प्रवेश की संख्या निर्धारित की गई है। उसके बाद अगले वर्ष मांग और आवश्यकता के अनुसार अधिक पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। यह शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा, खेल प्रौद्योगिकी, खेल प्रशासन, खेल प्रबंधन, खेल मीडिया और संचार, खेल प्रशिक्षण में शिक्षा और नौकरी के अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, खेल के क्षेत्र में तकनीकी जनशक्ति बड़ी मात्रा में उपलब्ध होगी। शारीरिक शिक्षा, खेल शिक्षा में अनुसंधान और विकास बेहतर होगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में शिवछत्रपति क्रीड़ा संकुल पुणे जिले के बालेवाड़ी में शुरू है। इस खेल परिसर में विभिन्न खेलों की अंतर्राष्ट्रीय मानक खेल सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इन सुविधाओं को लगातार अद्यतन किया जा रहा है और नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नतीजतन, विश्वविद्यालय शिवछत्रपति क्रीड़ा संकुल, बालेवाड़ी में शुरू किया जाएगा और निकट भविष्य में विश्वविद्यालय के लिए एक अलग भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए अनावर्ती रुपये 200.00 करोड़ व विश्वविद्यालय कॉर्पस फंड के लिए 200.00 करोड़ रुपये इस प्रकार 400.00 रुपयों का खर्च अपेक्षित है।
बालेवाड़ी में शिवछत्रपति क्रीड़ा संकुल, जो मूलभूत सुविधाओं सहित इसके लिए उपयुक्त है और केंद्र सरकार के मानकों को पूरा करता है। इसी पृष्ठभूमि पर बालेवाड़ी में एक अंतर्राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। इसके साथ ही इस जगह को प्राथमिकता दी गई है। मराठवाड़ा और विदर्भ में अलग-अलग चरणों में विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी।
श्री केदारी ने आगे बताया कि कई देश खेल के प्रति व्यापक दृष्टिकोण रखते हुए स्कूली शिक्षा के साथ-साथ खेलों को महत्व दे रहे हैं। जापान, कोरिया, जर्मनी और न्यूजीलैंड जैसे देश इस संबंध में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। इसी तरह महाराष्ट्र भी विकास के लिए प्रयास कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय स्थापना के पीछे ओलंपिक खेलों में विजय हासिल करने का लक्ष्य है। ओलंपिक सहित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मैचों में अधिक स्वर्ण पदक जीतने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कोचों को भी आमंत्रित किया जाएगा और अंतर्राष्ट्रीय दर्जे की सुविधाएं निर्माण की जाएंगी।
watchमुंबई, दिसंबर (महासंवाद)
विकास के मामले में एक कदम आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र में एक अंतर्राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा वर्ष 2020-21 के बजट में की गई थी। विधेयक को शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था, जिसे दोनों सदनों द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। खेल मंत्री सुनील केदार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विश्वविद्यालय अगले शैक्षणिक वर्ष से प्रवेश प्रक्रिया के साथ पाठ्यक्रम शुरू करेगा।
खेल मंत्री श्री सुनील केदार ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद पहले वर्ष में 3 पाठ्यक्रम जैसे खेल विज्ञान, खेल प्रौद्योगिकी, खेल कोचिंग और प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इसके लिए, प्रत्येक पाठ्यक्रम में 50 छात्रों के प्रवेश की संख्या निर्धारित की गई है। उसके बाद अगले वर्ष मांग और आवश्यकता के अनुसार अधिक पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। यह शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा, खेल प्रौद्योगिकी, खेल प्रशासन, खेल प्रबंधन, खेल मीडिया और संचार, खेल प्रशिक्षण में शिक्षा और नौकरी के अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, खेल के क्षेत्र में तकनीकी जनशक्ति बड़ी मात्रा में उपलब्ध होगी। शारीरिक शिक्षा, खेल शिक्षा में अनुसंधान और विकास बेहतर होगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में शिवछत्रपति क्रीड़ा संकुल पुणे जिले के बालेवाड़ी में शुरू है। इस खेल परिसर में विभिन्न खेलों की अंतर्राष्ट्रीय मानक खेल सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इन सुविधाओं को लगातार अद्यतन किया जा रहा है और नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नतीजतन, विश्वविद्यालय शिवछत्रपति क्रीड़ा संकुल, बालेवाड़ी में शुरू किया जाएगा और निकट भविष्य में विश्वविद्यालय के लिए एक अलग भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए अनावर्ती रुपये 200.00 करोड़ व विश्वविद्यालय कॉर्पस फंड के लिए 200.00 करोड़ रुपये इस प्रकार 400.00 रुपयों का खर्च अपेक्षित है।
बालेवाड़ी में शिवछत्रपति क्रीड़ा संकुल, जो मूलभूत सुविधाओं सहित इसके लिए उपयुक्त है और केंद्र सरकार के मानकों को पूरा करता है। इसी पृष्ठभूमि पर बालेवाड़ी में एक अंतर्राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। इसके साथ ही इस जगह को प्राथमिकता दी गई है। मराठवाड़ा और विदर्भ में अलग-अलग चरणों में विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी।
श्री केदारी ने आगे बताया कि कई देश खेल के प्रति व्यापक दृष्टिकोण रखते हुए स्कूली शिक्षा के साथ-साथ खेलों को महत्व दे रहे हैं। जापान, कोरिया, जर्मनी और न्यूजीलैंड जैसे देश इस संबंध में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। इसी तरह महाराष्ट्र भी विकास के लिए प्रयास कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय स्थापना के पीछे ओलंपिक खेलों में विजय हासिल करने का लक्ष्य है। ओलंपिक सहित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मैचों में अधिक स्वर्ण पदक जीतने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कोचों को भी आमंत्रित किया जाएगा और अंतर्राष्ट्रीय दर्जे की सुविधाएं निर्माण की जाएंगी।

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