मुंबई, दिसंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
वर्ष 2020 को कोरोना वैश्विक महामारी के कारण एक असाधारण वर्ष के रूप में इतिहास में दर्ज किया जाएगा। दुनिया भर में इस महामारी के बावजूद भी मध्य रेल ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।
मध्य रेल ने कुछ अभूतपूर्व बुनियादी ढांचे के कार्य तथा कई अभिनव पहल भी किए हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण निम्नलिखित हैं।
-ठाणे-वाशी/पनवेल के बीच ट्रांसहार्बर लाइन पर मध्य रेल पर पहली एसी लोकल का शुभारंभ।
-मुंबई डिवीजन के एक कर्मचारी श्री वीनाधरन पीटी ने केक काटकर 3.2.2020 पर सीएसएमटी के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ईएमयू सेवा के 95 साल पूरे होने पर एक संक्षिप्त समारोह में, सीएसएमटी से ईएमयू सेवा को हरी झंडी दिखाई।
-मध्य रेल ने मार्च 2020 में लॉकडाउन की घोषणा तक अपने यात्रियों को कोविड-19 संक्रमण से बचाने के लिए सक्रिय कदम उठाए।
लॉकडाउन और अनलॉक अवधि के दौरान, मध्य रेल की पहल/उपलब्धियां हैं :
-विभिन्न अवसंरचनात्मक कार्यों को किया गया, जिनको करने के कई ब्लॉक की आवश्यकता पड़ती तथा रेल परिचालन पर भी विपरीत असर होता।
* 14 फुट ओवर ब्रिज और 2 रोड ओवर ब्रिज की गर्डर लॉन्चिंग।
* 9 फुट ओवर ब्रिज की डिस्मेंटलिंग और रोड ओवर ब्रिज की डेक डिस्मेंटलिंग,
* लेवल क्रॉसिंग के बदले 22 स्थानों पर सीमित ऊंचाई वाले सबवे।
* 8 पुलों के पीएससी स्लैब वाले स्टील गर्डर पुलों का प्रतिस्थापन।
* आरसीसी बक्सों के सम्मिलन से 24 पुलों का पुनर्निर्माण।
* माइक्रो टनलिंग द्वारा एक ब्रिज और रेल ओवर ब्रिज पर रेल का एक काम।
-600 से अधिक श्रमिक विशेषों ट्रेनों के चलने से 8.5 लाख लोगों को उनके गृह राज्यों में पहुँचाया गया। 26.5.2020 को, मध्य रेल ने एक दिन में सर्वाधिक 71 श्रमिक स्पेशल चलाने रिकॉर्ड बनाया।
-23 लाख से अधिक जरूरतमंद व्यक्तियों को आईआरसीटीसी, गैर सरकारी संगठनों और विभागों के साथ समन्वय में मुफ्त भोजन / भोजन के पैकेट भी दिए।
-मध्य रेल के भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मेमोरियल अस्पताल, कल्याण, भुसावल, पुणे, नागपुर और सोलापुर के डिवीजनल रेलवे हॉस्पिटल्स में डॉक्टरों और पेरामेडिक्स की टीम ने कोरोना महामारी के खिलाफ सराहनीय काम किया है।
-सोलापुर डिवीजन के अभिनव चिकित्सा सहायक (रो) बोट और मुंबई डिवीजन के रक्षक, परेल कार्यशाला के जीवक विकसित किए गए हैं। जो डॉक्टरों को संक्रमण से बचाते है। ये रोबोटों को पूरी तरह से इन हाउस बनाया गया है, जिससे आत्म निर्भर भारत की संकल्पना को बल मिल रहा है।
-कोरोना वायरस के खिलाफ हर मोर्चे पर बचाव, स्वच्छता और हाउसकीपिंग कर्मचारी रेलवे परिसर, स्टेशनों, रोलिंग स्टॉक, कार्यालयों और कॉलोनियों के रखरखाव और कीटाणुशोधन सुनिश्चित करते हैं।
-माटुंगा कार्यशाला, परेल कार्यशाला और मंडलो ने आपात स्थिति में बहुत जरूरी फेसमास्क, हैंड सैनिटाइजर और पीपीई किट बनाए।
-मध्य रेल द्वारा परिकल्पित रेल परिवार देेखरेख मुहिम को आपातकाल में पर्याप्त सहायता प्रदान करने के लिए प्रत्येक कर्मचारी और उनके परिवार की स्वास्थ्य स्थिति से संपर्क करने और रिकॉर्ड करने के लिए शुरू किया गया था। इस मुहिम की रेलवे बोर्ड ने भी सराहना की है और इसे अन्य रेलवे ने भी अपनाया है।
अभिनव पहल (इनोवेशन्स) :
-मध्य रेल ने यात्रियों और कर्मचारियों को कोविड के संक्रमण से बचाने के लिए कई अभिनव कदम उठाए हैं। आरपीएफ ने पुणे में रोबोटिक कैप्टेन अर्जुन सीएसएमटी और एलटीटी पर फेब्रीऑय और वाणिज्यिक विभाग द्वारा नागपुर डिवीजन पर एटीएमए सुविधा।
-नेकबैंड पीए सिस्टम ने संपर्क रहित संपर्क सुनिश्चित करने के लिए फ्रंटलाइन टिकट चेकिंग स्टाफ को प्रदान किया गया।
-टिकटों की जांच के लिए प्रमुख स्टेशनों पर क्यूआर कोड, प्रमुख स्टेशनों पर बैगेज रैपिंग की सुविधा।
-हेल्थ कियोस्क, प्रमुख स्टेशनों पर मास्क, हैंड सैनिटाइजर के वितरण के लिए ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन।
-लंबी दूरी की विशेष ट्रेनों का परिचालन शुरू।
-रेलवे ने 1.6.2020 से श्रेणीबद्ध तरीके से लंबी दूरी की विशेष ट्रेनें शुरू कीं। इसके बाद, त्यौहार विशेष और विशेष ट्रेनें भी यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को दूर करने के लिए चलने लगीं।
-आवश्यक श्रेणी के कर्मचारियों के लिए उपनगरीय सेवाओं की शुरुआत।
-रेलवे ने 15.6.2020 से आवश्यक श्रेणी के व्यक्तियों के लिए उपनगरीय सेवाएं शुरू कीं। सेवाओं को धीरे-धीरे बढ़ाया गया और आज की तारीख में मध्य रेल प्रतिदिन 1590 उपनगरीय सेवाएं चला रहा है।
-नवंबर 2020 से माथेरान-अमन लॉज खंड पर शटल सेवाओं की बहाली।
किसान रेल : भारत की पहली किसान रेल की शुरुआत देवली से दानापुर साप्ताहिक ट्रेन के रूप मे शुरू हुई जिसे मुजफ्फरपुर तक बढ़ाया गया। किसानों की लोकप्रिय मांग के कारण, किसान रेल की आवृत्ति को पहले द्वि साप्ताहिक और बाद में त्रि-साप्ताहिक किया गया था। ऑरेंज किसान रेल अक्टूबर 2020 में नागपुर से आदर्श नगर दिल्ली तक शुरू हुई। हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा सांगोला से शालिमार तक 100 वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाई गई।
माल ढुलाई और पार्सल संचालन :
-मध्य रेल ने लॉकडाउन और अनलॉक अवधि के दौरान 40.85 मिलियन टन माल का परिवहन किया
-पार्सल यातायात के लिए 16 स्टेशन क्रमशः निफाड़, हिंगनघाट, सांगोला, पंढरपुर, बेलवंडी, मोङलिंब, कोपरगाँव, लासलगाँव, बडनेरा, कलमेश्वर, काटोल, नरखेर, वारुड ऑरेंज सिटी, जेऊर, भिवंडी रोड और बुरहानपुर खोले गए।
-पहली बार लासलगाँव से दरसना बांग्लादेश तक प्याज की लोडिंग की गई।
-घरेलू गंतव्यों के लिए 103 रेक सहित कुल 182 रेक प्याज की लोडिंग की गई।
-ऑटोमोबाइल लोडिंग ने 155 रेक की नई ऊँचाई को छुआ।
-पहली बार रो-रो सेवा की शुरुआत बाले (सोलापुर) से नेलमंगला (बेंगलुरु) तक हुई
-मध्य रेल ने 1.62 लाख टन वस्तुओं को लेकर 649 पार्सल विशेष ट्रेनें चलाईं।
-व्यापार विकास इकाइयों ने आक्रामक तरीके से मार्केटिंग की जिससे डोलोमाइट, कपास की भूसी, कपास के बीज का तेल केक, चावल और फ्लाई-ऐश जैसे नागपुर डिवीजन, भुसावल डिवीजन से भूसी, पुणे डिवीजन से एग्रो आधारित पोटाश जैसे नए ट्रैफिक कैप्चर करने का अवसर प्राप्त हुआ।
-मध्य रेल परेल वर्कशॉप ने 45 दिनों के कम समय में ऑटोमोबाइल ले जाने के लिए एक प्रोटोटाइप कोच विकसित किया है।
-महाराष्ट्र पोस्टल सर्कल और भारतीय रेल ने 7 स्थानों पर भारत पोस्ट रेलवे पार्सल सेवा का शुभारंभ किया। मुंबई, नागपुर, पुणे, नाशिक, सोलापुर, कोल्हापुर और अकोला।
इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य :
-मध्य रेल पर 68 किमी दोहरीकरण और 134 किमी विद्युतीकरण का कार्य हाल ही में दिसंबर 2020 में, मध्य रेलवे ने सीएसएमटी और कल्याण के बीच मेन लाइन पर एसी उपनगरीय सेवाएं शुरू कीं।
-नागपुर मंडल के खपरी-अजनी खंड में 9 किलोमीटर में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग को चालू किया गया है।
-सुचारू ट्रेन संचालन के लिए 1900 उच्च संवेदनशीलता डिजिटल वॉकी-टॉकी सेट प्रदान किए गए हैं।
-इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग को रे रोड पर चालू किया गया।
सुरक्षा :
-लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर के लिए ‘मेरी सहेली’ की पहल प्राम्भ की गई।
-उपनगरीय ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर के लिए स्मार्ट सहेली पहल की पहल की गई।
मध्य रेल ग्राहकों की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक कुशल, सुगम, सस्ता, आरामदायक परिवहन और यात्रियों का एक आधुनिक वाहक बनने के लिए लगातार काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्य रेल अपने सम्मानित यात्रियों व ग्राहकों को एक समृद्ध, स्वस्थ और सुरक्षित रहने के लिए नव वर्ष की शुभकामना देता है। यह विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।
वर्ष 2020 को कोरोना वैश्विक महामारी के कारण एक असाधारण वर्ष के रूप में इतिहास में दर्ज किया जाएगा। दुनिया भर में इस महामारी के बावजूद भी मध्य रेल ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।
मध्य रेल ने कुछ अभूतपूर्व बुनियादी ढांचे के कार्य तथा कई अभिनव पहल भी किए हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण निम्नलिखित हैं।
-ठाणे-वाशी/पनवेल के बीच ट्रांसहार्बर लाइन पर मध्य रेल पर पहली एसी लोकल का शुभारंभ।
-मुंबई डिवीजन के एक कर्मचारी श्री वीनाधरन पीटी ने केक काटकर 3.2.2020 पर सीएसएमटी के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ईएमयू सेवा के 95 साल पूरे होने पर एक संक्षिप्त समारोह में, सीएसएमटी से ईएमयू सेवा को हरी झंडी दिखाई।
-मध्य रेल ने मार्च 2020 में लॉकडाउन की घोषणा तक अपने यात्रियों को कोविड-19 संक्रमण से बचाने के लिए सक्रिय कदम उठाए।
लॉकडाउन और अनलॉक अवधि के दौरान, मध्य रेल की पहल/उपलब्धियां हैं :
-विभिन्न अवसंरचनात्मक कार्यों को किया गया, जिनको करने के कई ब्लॉक की आवश्यकता पड़ती तथा रेल परिचालन पर भी विपरीत असर होता।
* 14 फुट ओवर ब्रिज और 2 रोड ओवर ब्रिज की गर्डर लॉन्चिंग।
* 9 फुट ओवर ब्रिज की डिस्मेंटलिंग और रोड ओवर ब्रिज की डेक डिस्मेंटलिंग,
* लेवल क्रॉसिंग के बदले 22 स्थानों पर सीमित ऊंचाई वाले सबवे।
* 8 पुलों के पीएससी स्लैब वाले स्टील गर्डर पुलों का प्रतिस्थापन।
* आरसीसी बक्सों के सम्मिलन से 24 पुलों का पुनर्निर्माण।
* माइक्रो टनलिंग द्वारा एक ब्रिज और रेल ओवर ब्रिज पर रेल का एक काम।
-600 से अधिक श्रमिक विशेषों ट्रेनों के चलने से 8.5 लाख लोगों को उनके गृह राज्यों में पहुँचाया गया। 26.5.2020 को, मध्य रेल ने एक दिन में सर्वाधिक 71 श्रमिक स्पेशल चलाने रिकॉर्ड बनाया।
-23 लाख से अधिक जरूरतमंद व्यक्तियों को आईआरसीटीसी, गैर सरकारी संगठनों और विभागों के साथ समन्वय में मुफ्त भोजन / भोजन के पैकेट भी दिए।
-मध्य रेल के भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मेमोरियल अस्पताल, कल्याण, भुसावल, पुणे, नागपुर और सोलापुर के डिवीजनल रेलवे हॉस्पिटल्स में डॉक्टरों और पेरामेडिक्स की टीम ने कोरोना महामारी के खिलाफ सराहनीय काम किया है।
-सोलापुर डिवीजन के अभिनव चिकित्सा सहायक (रो) बोट और मुंबई डिवीजन के रक्षक, परेल कार्यशाला के जीवक विकसित किए गए हैं। जो डॉक्टरों को संक्रमण से बचाते है। ये रोबोटों को पूरी तरह से इन हाउस बनाया गया है, जिससे आत्म निर्भर भारत की संकल्पना को बल मिल रहा है।
-कोरोना वायरस के खिलाफ हर मोर्चे पर बचाव, स्वच्छता और हाउसकीपिंग कर्मचारी रेलवे परिसर, स्टेशनों, रोलिंग स्टॉक, कार्यालयों और कॉलोनियों के रखरखाव और कीटाणुशोधन सुनिश्चित करते हैं।
-माटुंगा कार्यशाला, परेल कार्यशाला और मंडलो ने आपात स्थिति में बहुत जरूरी फेसमास्क, हैंड सैनिटाइजर और पीपीई किट बनाए।
-मध्य रेल द्वारा परिकल्पित रेल परिवार देेखरेख मुहिम को आपातकाल में पर्याप्त सहायता प्रदान करने के लिए प्रत्येक कर्मचारी और उनके परिवार की स्वास्थ्य स्थिति से संपर्क करने और रिकॉर्ड करने के लिए शुरू किया गया था। इस मुहिम की रेलवे बोर्ड ने भी सराहना की है और इसे अन्य रेलवे ने भी अपनाया है।
अभिनव पहल (इनोवेशन्स) :
-मध्य रेल ने यात्रियों और कर्मचारियों को कोविड के संक्रमण से बचाने के लिए कई अभिनव कदम उठाए हैं। आरपीएफ ने पुणे में रोबोटिक कैप्टेन अर्जुन सीएसएमटी और एलटीटी पर फेब्रीऑय और वाणिज्यिक विभाग द्वारा नागपुर डिवीजन पर एटीएमए सुविधा।
-नेकबैंड पीए सिस्टम ने संपर्क रहित संपर्क सुनिश्चित करने के लिए फ्रंटलाइन टिकट चेकिंग स्टाफ को प्रदान किया गया।
-टिकटों की जांच के लिए प्रमुख स्टेशनों पर क्यूआर कोड, प्रमुख स्टेशनों पर बैगेज रैपिंग की सुविधा।
-हेल्थ कियोस्क, प्रमुख स्टेशनों पर मास्क, हैंड सैनिटाइजर के वितरण के लिए ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन।
-लंबी दूरी की विशेष ट्रेनों का परिचालन शुरू।
-रेलवे ने 1.6.2020 से श्रेणीबद्ध तरीके से लंबी दूरी की विशेष ट्रेनें शुरू कीं। इसके बाद, त्यौहार विशेष और विशेष ट्रेनें भी यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को दूर करने के लिए चलने लगीं।
-आवश्यक श्रेणी के कर्मचारियों के लिए उपनगरीय सेवाओं की शुरुआत।
-रेलवे ने 15.6.2020 से आवश्यक श्रेणी के व्यक्तियों के लिए उपनगरीय सेवाएं शुरू कीं। सेवाओं को धीरे-धीरे बढ़ाया गया और आज की तारीख में मध्य रेल प्रतिदिन 1590 उपनगरीय सेवाएं चला रहा है।
-नवंबर 2020 से माथेरान-अमन लॉज खंड पर शटल सेवाओं की बहाली।
किसान रेल : भारत की पहली किसान रेल की शुरुआत देवली से दानापुर साप्ताहिक ट्रेन के रूप मे शुरू हुई जिसे मुजफ्फरपुर तक बढ़ाया गया। किसानों की लोकप्रिय मांग के कारण, किसान रेल की आवृत्ति को पहले द्वि साप्ताहिक और बाद में त्रि-साप्ताहिक किया गया था। ऑरेंज किसान रेल अक्टूबर 2020 में नागपुर से आदर्श नगर दिल्ली तक शुरू हुई। हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा सांगोला से शालिमार तक 100 वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाई गई।
माल ढुलाई और पार्सल संचालन :
-मध्य रेल ने लॉकडाउन और अनलॉक अवधि के दौरान 40.85 मिलियन टन माल का परिवहन किया
-पार्सल यातायात के लिए 16 स्टेशन क्रमशः निफाड़, हिंगनघाट, सांगोला, पंढरपुर, बेलवंडी, मोङलिंब, कोपरगाँव, लासलगाँव, बडनेरा, कलमेश्वर, काटोल, नरखेर, वारुड ऑरेंज सिटी, जेऊर, भिवंडी रोड और बुरहानपुर खोले गए।
-पहली बार लासलगाँव से दरसना बांग्लादेश तक प्याज की लोडिंग की गई।
-घरेलू गंतव्यों के लिए 103 रेक सहित कुल 182 रेक प्याज की लोडिंग की गई।
-ऑटोमोबाइल लोडिंग ने 155 रेक की नई ऊँचाई को छुआ।
-पहली बार रो-रो सेवा की शुरुआत बाले (सोलापुर) से नेलमंगला (बेंगलुरु) तक हुई
-मध्य रेल ने 1.62 लाख टन वस्तुओं को लेकर 649 पार्सल विशेष ट्रेनें चलाईं।
-व्यापार विकास इकाइयों ने आक्रामक तरीके से मार्केटिंग की जिससे डोलोमाइट, कपास की भूसी, कपास के बीज का तेल केक, चावल और फ्लाई-ऐश जैसे नागपुर डिवीजन, भुसावल डिवीजन से भूसी, पुणे डिवीजन से एग्रो आधारित पोटाश जैसे नए ट्रैफिक कैप्चर करने का अवसर प्राप्त हुआ।
-मध्य रेल परेल वर्कशॉप ने 45 दिनों के कम समय में ऑटोमोबाइल ले जाने के लिए एक प्रोटोटाइप कोच विकसित किया है।
-महाराष्ट्र पोस्टल सर्कल और भारतीय रेल ने 7 स्थानों पर भारत पोस्ट रेलवे पार्सल सेवा का शुभारंभ किया। मुंबई, नागपुर, पुणे, नाशिक, सोलापुर, कोल्हापुर और अकोला।
इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य :
-मध्य रेल पर 68 किमी दोहरीकरण और 134 किमी विद्युतीकरण का कार्य हाल ही में दिसंबर 2020 में, मध्य रेलवे ने सीएसएमटी और कल्याण के बीच मेन लाइन पर एसी उपनगरीय सेवाएं शुरू कीं।
-नागपुर मंडल के खपरी-अजनी खंड में 9 किलोमीटर में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग को चालू किया गया है।
-सुचारू ट्रेन संचालन के लिए 1900 उच्च संवेदनशीलता डिजिटल वॉकी-टॉकी सेट प्रदान किए गए हैं।
-इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग को रे रोड पर चालू किया गया।
सुरक्षा :
-लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर के लिए ‘मेरी सहेली’ की पहल प्राम्भ की गई।
-उपनगरीय ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर के लिए स्मार्ट सहेली पहल की पहल की गई।
मध्य रेल ग्राहकों की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक कुशल, सुगम, सस्ता, आरामदायक परिवहन और यात्रियों का एक आधुनिक वाहक बनने के लिए लगातार काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्य रेल अपने सम्मानित यात्रियों व ग्राहकों को एक समृद्ध, स्वस्थ और सुरक्षित रहने के लिए नव वर्ष की शुभकामना देता है। यह विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।

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