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पूरी तरह से सुरक्षित है अंडा और मुर्गी खाना : पशुसंवर्धन आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह द्वारा जानकारी

गलतफहमी और अफवाहें न फैलाने का भी किया आह्वान

बर्ड फ्लू के बारे में जानकारी देते हुए शुसंवर्धन आयक्त सचिंद्र प्रताप सिंह, साथ में जिला सूचना अधिकारी राजेंद्र सरग व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
पुणे, जनवरी (जिमाका)
हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, केरल और मध्य प्रदेश में प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू के प्रकोप की सूचना मिली है। महाराष्ट्र में भी कुछ स्थानों पर जांच के निष्कर्ष सकारात्मक पाये गए हैं, परंतु अंडे और पोल्ट्री मांस को 70 डिग्री सेल्सियस पर 30 मिनट तक पकाने के बाद खाया जाये तो उसमें वायरस निष्क्रिय हो जाता है, इसलिए अंडे और पोल्ट्री मांस खाना पूरी तरह से सुरक्षित है। बर्ड फ्लू रोग के बारे में वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर गलतफहमी और अफवाहें नहीं फैलाई जानी चाहिए। यह अपील पशुसंवर्धन आयक्त सचिंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से की है।
पशुसंवर्धन आयुक्त कार्यालय में बर्ड फ्लू के बारे में पशुसंवर्धन आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह बोल रहे थे। यहां पशुसंवर्धन विभाग के अतिरिक्त आयुक्त डॉ.धनंजय परकले, सहआयुक्त डॉ.विनायक लिमये, डॉ. राऊतमारे, जिला सूचना अधिकारी तथा उपसंचालक राजेंद्र सरग उपस्थित थे।
महाराष्ट्र राज्य में अब तक मुर्गी पालन में यवतमाल जिले में 200, अमरावती जिले में 11 व अकोला जिले में 3 कुल 214 मृत पक्षी पाए गए हैं। अकोला जिले में 4 कौवे मृत पाए गए हैं। महाराष्ट्र राज्य में 12 जनवरी 2021 तक कुल 218 पक्षी मृत पाये गए हैं।
इनके नमूनों को जांच के लिए पुणे स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है। जांच के निष्कर्ष प्राप्त होने में 48 से 72 घंटे लग सकते हैं।  8 जनवरी 2021 से आज तक एक हजार 839 विभिन्न पक्षियों की मृत्यु दर्ज की गई है। पहले भेजे गए नमूनों के परीक्षण के परिणाम हाल ही में राष्ट्रीय पशु चिकित्सा सुरक्षा संस्थान, भोपाल से प्राप्त हुए हैं, जिसके अनुसार मुंबई, ठाणे जिले के मुरुंबा में पोल्ट्री फार्म के नमूने हायली पॅथोजेनिक एवीयन एन्फ्ल्यूएन्झा (एच 5एन 1 या स्ट्रेन) और बीड के नमूने (एच 5एन 8 या स्ट्रेन) सकारात्मक आए हैं।
लातूर से प्राप्त नमूने भी सकारात्मक आने से इस क्षेत्र को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया गय है, यहां निर्धारित निवारक निर्देशों को लागू करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। 
इन प्रतिबंधों के अनुसार, परभणी जिले के मुरुंबा से लगभग 5,500 मुर्गी व केंद्रेवादी,  लातूर जिले के अहमदपुर तालुका से लगभग 10,000 मुर्गे, इन जगहों के जिन पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू का संक्रमण पाया गया है, उन पोल्ट्री फार्म से 1 किलोमीटर के दायरे में सभी मुर्गियों को नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, सर्वेक्षण केवल मुंबई और ठाणे जिलों के घोडबंदर, दापोली और बीड में शुरू रखा जाएगा।
पशुसंवर्धन आयुक्त सचिंद्र प्रताप सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि अगर राज्य के किसी भी गाँव में कौवे, तोते, बगुले या प्रवासी पक्षी मृत पाए जाते हैं या व्यावसायिक पोल्ट्री फार्मों पर सामान्य से अधिक मौतें देखी जाती हैं, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय को दी जाए। इसके साथ ही पशुसंवर्धन आयुक्तालय के टोल फ्री दूरध्वनि क्रमांक 18002330418 पर तुरंत फोन कर जानकारी दी जाए। मृत पक्षियों से हाथ न लगाया जाए या उन्हें नष्ट भी न किया जाए। प्राणियों में संक्रामक व संक्रामक रोगों की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम, 2009 की धारा 4 (1) अन्वये राज्य के प्रत्येक पशुपालक अथवा अन्य कोई भी व्यक्ति, गैर-सरकारी संस्थान, सार्वजनिक संस्थान या ग्राम पंचायत, पशुपालक जिन्हें कानून से संलग्न अनुसूचित रोगों से संक्रमित होने की संभावना होने पर उसकी वस्तुस्थिति की जानकारी निकटतम ग्राम अधिकारी या ग्राम पंचायत प्रभारी को इस तथ्य से अवगत कराना व उन्हें ध्यान देना चाहिए कि इस जानकारी को निकटतम उपलब्ध पशुचिकित्सा को लिखित रूप में सूचित करना अनिवार्य है। राज्य में हर किसी को बर्ड फ्लू के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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