मुंबई, मार्च (ह.ए. प्रतिनिधि)
मध्य रेल ने क्षेत्रीय और मंडल स्तर पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स की स्थापना की है। ये बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स स्थानीय उद्योगों के साथ नए प्रस्तावों और लचीली योजनाओं को आक्रामक रूप से मार्केटिंग करते हैं और उनकी मांगों को एकत्र करते हैं। इस तरह की पहल में कार, पिक-अप वैन, ट्रैक्टर, जीप आदि के परिवहन के लिए प्रमुख ऑटोमोबाइल उद्योगों जैसे कि मेसर्स महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, मारुति उद्योग आदि के साथ वन-टू-वन मीटिंग आयोजित की गई हैं।
नतीजतन, ऑटोमोबाइल उद्योग रेल से परिवहन के लिए अधिक इच्छुक है। यह चालू वित्त वर्ष के दौरान ऑटोमोबाइल के लोडिंग आंकड़ों से स्पष्ट देखा जा सकता है। मुंबई मंडल के कलंबोली, भुसावल मंडल के नासिक रोड, पुणे मंडल के चिंचवड़ स्टेशन, सोलापुर मंडल के बाले स्टेशन और नागपुर मंडल के अजनी स्टेशन पर ऑटोमोबाइल्स के परिवहन लोडिंग के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मध्य रेल ने क्षेत्रीय और मंडल स्तर पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स की स्थापना की है। ये बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स स्थानीय उद्योगों के साथ नए प्रस्तावों और लचीली योजनाओं को आक्रामक रूप से मार्केटिंग करते हैं और उनकी मांगों को एकत्र करते हैं। इस तरह की पहल में कार, पिक-अप वैन, ट्रैक्टर, जीप आदि के परिवहन के लिए प्रमुख ऑटोमोबाइल उद्योगों जैसे कि मेसर्स महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, मारुति उद्योग आदि के साथ वन-टू-वन मीटिंग आयोजित की गई हैं।
नतीजतन, ऑटोमोबाइल उद्योग रेल से परिवहन के लिए अधिक इच्छुक है। यह चालू वित्त वर्ष के दौरान ऑटोमोबाइल के लोडिंग आंकड़ों से स्पष्ट देखा जा सकता है। मुंबई मंडल के कलंबोली, भुसावल मंडल के नासिक रोड, पुणे मंडल के चिंचवड़ स्टेशन, सोलापुर मंडल के बाले स्टेशन और नागपुर मंडल के अजनी स्टेशन पर ऑटोमोबाइल्स के परिवहन लोडिंग के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मध्य रेल ने फरवरी 2021 के दौरान ऑटोमोबाइल के 32 रेक लोड किए हैं, जबकि पिछले साल के इसी महीने के दौरान 12 रेक लोड किए गए थे, यानि फरवरी 2020 में 166% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। चालू वित्त वर्ष के दौरान यानि अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 तक ऑटोमोबाइल लोडिंग में पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 118 रेक के मुकाबले 246 रेक की लोडिंग दर्ज की गई, जो कि 146% की वृद्धि दर्शाती है। पिछले साल से अधिक ऑटोमोबाइल के प्रेषण देश के विभिन्न हिस्सों में किए गए और यहां तक कि बांग्लादेश को निर्यात किया गया। रेलवे के इस कदम से कीमती ईंधन और कार्बन फुटप्रिंट की बचत होती है।
ऑटोमोबाइल के निर्माताओं के साथ बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स के इस तरह के एक बातचीत के दौरान, उनके सुझावों का भी स्वागत किया गया। इस दिशा में, मध्य रेल की परेल कार्यशाला ने ऑटोमोबाइल के आसान लोडिंग के लिए ऑटोमोबाइल ले जाने के लिए एक प्रोटोटाइप कोच विकसित किया है और निर्माताओं द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करके गति क्षमता में वृद्धि की है।
यह विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।
ऑटोमोबाइल के निर्माताओं के साथ बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स के इस तरह के एक बातचीत के दौरान, उनके सुझावों का भी स्वागत किया गया। इस दिशा में, मध्य रेल की परेल कार्यशाला ने ऑटोमोबाइल के आसान लोडिंग के लिए ऑटोमोबाइल ले जाने के लिए एक प्रोटोटाइप कोच विकसित किया है और निर्माताओं द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करके गति क्षमता में वृद्धि की है।
यह विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।


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