मुंबई, मई (विप्र)
कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र राज्य है, लेकिन अब आने वाले दिनों में यहाँ के नागरिकों को राहत मिल सकती है। दरअसल हाल ही में मिली जानकारी के तहत राज्य में गैर-जरूरी सामान की दुकानों से प्रतिबंध हटाकर उन्हें फिर से खोलने का फैसला लिया जा सकता है। इसी के साथ अब सरकारी कार्यलयों में अधिक कर्मचारियों की उपस्तिथि की जा सकती है। इसके अलावा ट्रेन नेटवर्क के कुछ और हफ्तों तक आम जनता के लिए खुलने की संभावना नहीं है। वहीं औद्योगिक इकाइयों को भी छूट मिल सकती है। राज्य सरकार लॉकडाउन में धीरे-धीरे ढील देने पर चर्चा कर रही है।
विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सप्ताह के अंत में इस पर फैसला सुनाने की उम्मीद है। हाल ही में इसे लेकर मंत्रालय के एक अधिकारी ने बयान दिया है। उनका कहना है कि औद्योगिक इकाइयों को भी कुछ छूट मिल सकती है, जबकि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या को मौजूदा स्थिति से 15% तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, रेस्तरां, मॉल, मल्टीप्लेक्स जैसे प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
महाराष्ट्र राज्य में 22 हजार नए मामले सामने आए हैं और 42,320 लोग कोरोना को हराकर स्वस्थ हुए हैं। यहाँ कोरोना की वजह से मरीजों की मौत की संख्या में भी तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। बीते 24 घंटे में 361 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि कोरोना के ऐक्टिव केसों की संख्या जहां घटकर 3,27,580 पहुंच चुकी है और कोरोना से मरने वालों का कुल आंकड़ा भी अब 89,212 पहुंच चुका है।
कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र राज्य है, लेकिन अब आने वाले दिनों में यहाँ के नागरिकों को राहत मिल सकती है। दरअसल हाल ही में मिली जानकारी के तहत राज्य में गैर-जरूरी सामान की दुकानों से प्रतिबंध हटाकर उन्हें फिर से खोलने का फैसला लिया जा सकता है। इसी के साथ अब सरकारी कार्यलयों में अधिक कर्मचारियों की उपस्तिथि की जा सकती है। इसके अलावा ट्रेन नेटवर्क के कुछ और हफ्तों तक आम जनता के लिए खुलने की संभावना नहीं है। वहीं औद्योगिक इकाइयों को भी छूट मिल सकती है। राज्य सरकार लॉकडाउन में धीरे-धीरे ढील देने पर चर्चा कर रही है।
विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सप्ताह के अंत में इस पर फैसला सुनाने की उम्मीद है। हाल ही में इसे लेकर मंत्रालय के एक अधिकारी ने बयान दिया है। उनका कहना है कि औद्योगिक इकाइयों को भी कुछ छूट मिल सकती है, जबकि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या को मौजूदा स्थिति से 15% तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, रेस्तरां, मॉल, मल्टीप्लेक्स जैसे प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
महाराष्ट्र राज्य में 22 हजार नए मामले सामने आए हैं और 42,320 लोग कोरोना को हराकर स्वस्थ हुए हैं। यहाँ कोरोना की वजह से मरीजों की मौत की संख्या में भी तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। बीते 24 घंटे में 361 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि कोरोना के ऐक्टिव केसों की संख्या जहां घटकर 3,27,580 पहुंच चुकी है और कोरोना से मरने वालों का कुल आंकड़ा भी अब 89,212 पहुंच चुका है।
राज्य में खत्म हुआ होम आइसोलेशन, नए कोरोना मरीजों को जाना होगा कोविड सेंटर
महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब यहाँ नए मरीजों को कोविड सेंटर जाना होगा। जी हाँ, यानी अब यहाँ होम आइसोलेशन की सहूलियत को खत्म किया जा चुका है। दरअसल, सरकार को जानकारी मिलने लगी थी कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के कारण कई जगह पर कोरोना का प्रसार हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब यह फैसला लिया गया है। बताया जा रहा है महाराष्ट्र के उन जिलों में होम आइसोलेशन की सुविधा बंद की गई है, जहां पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से अधिक है। इस लिस्ट में कोल्हापुर, सांगली, सातारा, यवतमाल, अमरावती, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सोलापुर, अकोला, बुलढाणा, वाशीम, बीड, गडचिरोली, अहमदनगर, उस्मानाबाद जिले शामिल हैं, जहाँ होम आइसोलेशन बंद कर दिया गया है।
दूसरी तरफ महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि भले ही केस कम हो रहे हैं, लेकिन सावधानियां अभी बरतनी हैं, कई बार शिकायत मिल रही थी कि होम आइसोलेशन का पालन मरीज ठीक से नहीं कर रहे हैं, इस वजह से उनके घर वालों के साथ आस-पास के लोग भी संक्रमित हो रहे हैं, ऐसे में बाकी लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए मरीजों को अब कोविड सेंटर में रहना होगा।
होम आइसोलेशन को खत्म करने का फैसला ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में कोरोना का ग्राफ गिर रहा है। इस समय यहाँ अस्पतालों और कोविड सेंटर पर दबाव कम हुआ है और इसी वजह से होम आइसोलेशन को खत्म करके अब नए मरीजों को कोविड सेंटर में एडमिट करने का फैसला लिया गया है, जिससे उन पर ध्यान रखा जाएगा और बाकी लोगों में संक्रमण का खतरा भी कम होगा।

0 टिप्पणियाँ