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कोरोना काल में वृद्ध नागरिकों की सेवा कर अहम भूमिका निभा रही हैं नीता भोसले और लक्ष्मी माने : अशोक बालगुडे

गंगा-तारा वृद्धाश्रम के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अशोक बालगुडे, साथ में दलित पैंथर महाराष्ट्र प्रदेश के अध्यक्ष यशवंतभाऊ नडगम, वेंकीज फाउंडर की मेघा शर्मा, गंगा-तारा वृद्धाश्रम की अध्यक्षा नीता भोसले, सचिव एडवोकेट लक्ष्मी माने व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
वडकीगांव, मई (ह.ए. प्रतिनिधि)

कोरोना महामारी में भी पूरी लगन व अपनेपन का जज्बा गंगा-तारा वृद्धाश्रम में आश्रित वृद्ध नागरिकों की आंखों में साफ दिखाई दे रहा है। कोरोना महामारी में हर कोई एक-दूसरे की ओर शक की निगाहों से देखने लगा है। ऐसी परिस्थिति में भी वृद्ध नागरिकों की देखभाल बड़े ही प्यार व अपनेपन से करते हुए उन्हें प्यार से संभालने की अहम भूमिका गंगा-तारा वृद्धाश्रम की अध्यक्षा एवं समाजसेविका नीता भोसले व सचिव एडवोकेट लक्ष्मी माने निभा रही हैं। सही मायने में वृद्ध नागरिकों की हो रही सेवा को देखते हुए वृद्धाश्रम नहीं बल्कि आनंदाश्रम नाम देना चाहिए। यह विचार वरिष्ठ पत्रकार अशोक बालगुडे ने व्यक्त किए। 
वडकीनाला (ता. हवेली) स्थित गंगा-तारा वृद्धाश्रम को दलित पैंथर महाराष्ट्र प्रदेश के अध्यक्ष यशवंतभाऊ नडगम, वेंकीज फाउंडर की मेघा शर्मा और न्यायाधीश किरण चक्रनारायण ने भेंट दी। इनकी प्रमुख उपस्थिति में राजू लांडगे ने ऑक्सिजन निर्मिती करने वाले 29 पौधों के साथ वृद्धाश्रम को आम की पेटी उपहार में दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अशोक बालगुडे बोल रहे थे। यहां शान सर, के. के. डिजे, किरण ठोंबे, लहू लांडगे, अजय वंदगल, मार्टिन जोसेफ आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 
न्यायाधीश किरण चक्रनारायण ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के डर से हर कोई संकट में आ गया है। कोरोना महामारी में खुद के परिवारों को दूर करनेवालों की कमी नहीं है, लेकिन संकट में भी गंगा-तारा वृद्धाश्रम शुरू करके वृद्ध नागरिकों को संभालनेवाली गंगा-तारा की नीता भोसले व लक्ष्मी माने का कार्य काबिले तारीफ है। इस कठिन समय में भी प्यार का निवाला  देकर वृद्ध नागरिकों का तिरस्कार करनेवालों के सामने एक नया आदर्श इन्होंने निर्माण किया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी वृद्धाश्रम के उद्घाटन के लिए बुलाया गया था, परंतु उन्होंने उद्घाटन के लिए नहीं बल्कि बंद करने के लिए जरूर आऊंगा, इसकी याद उन्होंने दिलाई। 
दलित पैंथर महाराष्ट्र राज्य के अध्यक्ष यशवंत नडगम ने कहा कि लावारिस वृद्ध नागरिकों के लिए कहीं ना कहीं आधार होना ही चाहिए। वृद्ध मां-बाप को संभालने के बजाए उन्हें वृद्धाश्रम में भेजा जाता है, निश्चित रूप से उनके साथ किया जा रहा है यह बर्ताव अशोभनीय है। समाज की मानसिकता बदलनी होगी। 
गंगा-तारा वृद्धाश्रम की अध्यक्षा नीता भोसले और सचिव एडवोकेट लक्ष्मी माने ने उपस्थित अतिथिगणों को वृद्धाश्रम की पूरी जानकारी दी।

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