पुणे मेट्रो रेल का वनाज से आयडल कालोनी तक किया गया सफल परीक्षण : पुणे के विकास का एक और सपना साकार
पुणे, अगस्त (जिमाका)
पुणे महाराष्ट्र की शैक्षिक और सांस्कृतिक राजधानी है। पुणे ने खुद को एक औद्योगिक राजधानी के रूप में भी स्थापित किया है। पुणे को एक ऐतिहासिक शहर भी माना जाता है, इस ऐतिहासिक शहर का आधुनिक इतिहास लिखते हुए पुणे मेट्रो रेलवे का कार्य, आज के ट्रायल रन का भी जिक्र करना जरूरी है। ‘मेट्रो’ के कारण पुणे को नयी, एक आधुनिक पहचान मिलेगी। पुणे के विकास का एक और सपना साकार होने के मार्ग पर है। यह विचार उपमुख्यमंत्री तथा पालकमंत्री अजीत पवार ने व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि पुणे मेट्रो का बाकी काम तेजी से पूरा किया जाएगा और किसी भी परिस्थिति में मेट्रो के काम के लिए निधि की कमी नहीं आने दी जाएगी।
पुणे महानगरपालिका क्षेत्र के वनाज से रामवाडी कॉरिडॉर में पूर्ण हुई मार्गिका पर पुणे मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडॉर के ट्रायल रन का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने हरी झंडी दिखाकर सुबह सात बजे किया, तब आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे, महापौर मुरलीधर मोहोल, विधायक सिद्धार्थ शिरोले, सभागृह नेता गणेश बिडकर, विरोधी पार्टी नेता दिपाली धुमाल, जिलाधिकारी डॉ.राजेश देशमुख, महामेट्रो के व्यवस्थापकीय संचालक ब्रिजेश दीक्षित के साथ जनप्रतिनिधि व मेट्रो के अधिकारीगण कोरोना की पाबंदियों के अनुपालन में उपस्थित थे। विधायक चंद्रकांत पाटिल वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा उपस्थित थे।
उपुमख्यमंत्री अजीत पवार ने आगे कहा कि यह ट्रायल रन अत्याधुनिक, आरामदायक, तेज और समय पर परिवहन व्यवस्था के सपने को साकार करेगा। पुणेकरों को निर्धारित समय में वांछित स्थान पर पहुंचानेवाली यातायात व्यवस्था के साथ ही पुणेवासियों को समय का गणित अनुकूल आधुनिक परिवहन व्यवस्था का ट्रायल रन है। इस ट्रायल रन के मौके पर जल्द पुणेकरों का मेट्रो सफर का सपना पूरा होगा। पुणे शहर में महामेट्रो के जरिए शुरू हो रहे मेट्रो रेलवे का काम अहम पड़ाव पर है। लॉकडाउन के दौरान भी काम शुरू था। अब तक करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बड़ी तेजी, विश्वास, दृढ़ संकल्प के साथ बिना किसी दुर्घटना के यह कार्य पूरा होने की ओर है। उन्होंने महामेट्रो और पुणे मेट्रो के सभी इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत की भी प्रशंसा की।
पुणे महाराष्ट्र की शैक्षिक और सांस्कृतिक राजधानी है। पुणे ने खुद को एक औद्योगिक राजधानी के रूप में भी स्थापित किया है। पुणे को एक ऐतिहासिक शहर भी माना जाता है, इस ऐतिहासिक शहर का आधुनिक इतिहास लिखते हुए पुणे मेट्रो रेलवे का कार्य, आज के ट्रायल रन का भी जिक्र करना जरूरी है। ‘मेट्रो’ के कारण पुणे को नयी, एक आधुनिक पहचान मिलेगी। पुणे के विकास का एक और सपना साकार होने के मार्ग पर है। यह विचार उपमुख्यमंत्री तथा पालकमंत्री अजीत पवार ने व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि पुणे मेट्रो का बाकी काम तेजी से पूरा किया जाएगा और किसी भी परिस्थिति में मेट्रो के काम के लिए निधि की कमी नहीं आने दी जाएगी।
पुणे महानगरपालिका क्षेत्र के वनाज से रामवाडी कॉरिडॉर में पूर्ण हुई मार्गिका पर पुणे मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडॉर के ट्रायल रन का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने हरी झंडी दिखाकर सुबह सात बजे किया, तब आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे, महापौर मुरलीधर मोहोल, विधायक सिद्धार्थ शिरोले, सभागृह नेता गणेश बिडकर, विरोधी पार्टी नेता दिपाली धुमाल, जिलाधिकारी डॉ.राजेश देशमुख, महामेट्रो के व्यवस्थापकीय संचालक ब्रिजेश दीक्षित के साथ जनप्रतिनिधि व मेट्रो के अधिकारीगण कोरोना की पाबंदियों के अनुपालन में उपस्थित थे। विधायक चंद्रकांत पाटिल वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा उपस्थित थे।
उपुमख्यमंत्री अजीत पवार ने आगे कहा कि यह ट्रायल रन अत्याधुनिक, आरामदायक, तेज और समय पर परिवहन व्यवस्था के सपने को साकार करेगा। पुणेकरों को निर्धारित समय में वांछित स्थान पर पहुंचानेवाली यातायात व्यवस्था के साथ ही पुणेवासियों को समय का गणित अनुकूल आधुनिक परिवहन व्यवस्था का ट्रायल रन है। इस ट्रायल रन के मौके पर जल्द पुणेकरों का मेट्रो सफर का सपना पूरा होगा। पुणे शहर में महामेट्रो के जरिए शुरू हो रहे मेट्रो रेलवे का काम अहम पड़ाव पर है। लॉकडाउन के दौरान भी काम शुरू था। अब तक करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बड़ी तेजी, विश्वास, दृढ़ संकल्प के साथ बिना किसी दुर्घटना के यह कार्य पूरा होने की ओर है। उन्होंने महामेट्रो और पुणे मेट्रो के सभी इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत की भी प्रशंसा की।
उन्होंने बताया कि पुणे मेट्रो के सभी रूट पूरे होने के बाद मेट्रो की यह सेवा पूरी क्षमता से शुरू होने के बाद पुणे शहर, जिसे साइकिल, मोटरसाइकिल और दोपहिया वाहनों के शहर के रूप में जाना जाता है, उस पुणे शहर को मेट्रो परिवहन के शहर के रूप में जाना जाएगा। पुणे मेट्रो सड़कों पर वाहनों, यातायात और प्रदूषण के तनाव को कम करेगी। इससे ट्रैफिक जाम से बचने में मदद मिलेगी। पुणे निवासी समय पर अपने निर्धारित स्थान, निर्धारित समय पर पहुंच सकेंगे, दूसरे को दिया समय और समय का गणित, पुणेकर भविष्य में पालन कर सकेंगे। मेट्रो रेल सेवा प्रदूषण मुक्त सेवा है इसलिए प्रदूषण नहीं होगा। सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी, इनसे होने वाला प्रदूषण भी कम होगा।
पुणे शहर और उसके आसपास यातायात की समस्या को हल करने के लिए पुणे के आसपास एक रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। यातायात की समस्या पुणे शहर की सबसे बड़ी समस्या है। पुणे मेट्रो के माध्यम से वह कुछ मात्रा में निश्चित रूप से हल होगी।
पुणे शहर और उसके आसपास यातायात की समस्या को हल करने के लिए पुणे के आसपास एक रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। यातायात की समस्या पुणे शहर की सबसे बड़ी समस्या है। पुणे मेट्रो के माध्यम से वह कुछ मात्रा में निश्चित रूप से हल होगी।
अंत में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि पुणे मेट्रो पुणे शहर में 33.20 किलोमीटर तक दौड़ेगी। इस मेट्रो लाइन पर 30 मेट्रो स्टेशनों का समावेश है। इसकी कुल लंबाई में से 27.28 किमी मेट्रो रोड के समानांतर पुल पर चलेगी। पुणे के नीचे सुरंग के जरिए मेट्रो 6 किमी चलेगी। अब तक, पुणे मेट्रो ने कुल काम का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुणे मेट्रो का बाकी काम तेजी से पूरा किया जाए। प्रास्ताविक महामेट्रो के व्यवस्थापकीय संचालक ब्रिजेश दीक्षित ने किया।



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