महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए जल्द ही किया जाएगा महिला ब्रिगेड का गठन : जनसेविका रेश्मा हाक्के द्वारा जानकारी
राजमाता अहिल्यादेवी होलकर ब्रिगेड व मावला ग्रुप की ओर से जनसेविका रेश्मा घनश्याम हाक्के मांग का निवेदन हड़पसर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक (अपराध) दिगंबर शिंदे को देते हुए, साथ में युवा नेतृत्व घनश्याम हाक्के, सुफियान शेख व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, अक्टूबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं और उन्हें सार्वजनिक जीवन जीते समय खतरा महसूस हो रहा है, इसके लिए हम एक महिला ब्रिगेड का गठन करने जा रहे हैं। इस ब्रिगेड के माध्यम से महिलाओं को अपना बचाव करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि ऐसे आरोपियों को मौके पर ही दंडित किया जा सके। यह विश्वास जनसेविका रेश्मा घनश्याम हाक्के ने व्यक्त किया।
पिछले कई दिनों से राज्य के अनेक जिलों के क्षेत्रों में बलात्कार की भीषण घटनाएं हुई हैं और ये ऐसी घटनाएं हैं जो कानून का उल्लंघन करती हैं। प्रतिवादियों को कानून से डरना चाहिए व हड़पसर में महिलाएं निडर रहें, इस मांग को लेकर व महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ राजमाता अहिल्यादेवी होलकर ब्रिगेड व मावला ग्रुप की ओर से आक्रोश आंदोलन घनश्याम हाक्के व महिला नेतृत्व रेश्मा घनश्याम हाक्के के नेतृत्व में निकाले गए मोर्चा में अनुष्का हाक्के, जनशक्ति विकास संघ महाराष्ट्र प्रदेेश के युवक अध्यक्ष सुफियान शेख, गौस शेख, तुषार आरने, कुमार चक्रे, दीपक वाघमारे, किसन कोलपे, गणेश गोरे, संतोष बिचकुले, विट्ठल मदने, अंजुम शेख, नेहा राजपूत, मनीषा जाधव, हेमलता सरकार, मनीषा लोंढे, पल्लवी गायकवाड, रजनी राठोड, अश्विनी हांडे, भाग्यश्री म्हस्के आदि के साथ राजमाता अहिल्यादेवी होलकर ब्रिगेड व मावला ग्रुप के पदाधिकारीगण व कार्यकर्ता शामिल हुए थे। इस अवसर पर हड़पसर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक (अपराध) दिगंबर शिंदे को जनसेविका रेश्मा घनश्याम हाक्के ने निवेदन दिया।
आगे बोलते हुए रेश्मा हाक्के ने कहा कि नौकरी-शिक्षा के लिए बाहर जानेवाली लड़कियों समेत कई गृहिणियां भी असुरक्षा के साये में जी रही हैं। जब तक कानून को सख्ती से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लगेगा। सामूहिक बलात्कार क्रूरता का प्रदर्शन है। अगर कानून ऐसे क्रूर पुरुषों को सजा नहीं दे सकता तो एक दिन नाराज महिलाएं कानून को हाथ में लिए बिना नहीं रहेंगी, इसलिए सरकार को महिलाओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में खड़ा करना चाहिए। पीड़ित लड़की- महिलाओं को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए।
युवा नेतृत्व घनश्याम हाक्के ने कहा कि राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अत्याचार और बलात्कार के भयावह रूप हमें आश्चर्यचकित करते हैं कि क्या हम बिहार, उत्तर प्रदेश में रहते हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ चल रहे अन्यायपूर्ण अत्याचार ने पूरे राज्य में गुस्से का माहौल हुआ है। दोषियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाना चाहिए व उन्हें तुरंत फांसी दी जानी चाहिए और महाराष्ट्र में कानून का डर पैदा किया जाना चाहिए।

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