पुणे, जनवरी (हड़पसर एक्सप्रेस नेटवर्क न्यूज)
सैन्य प्रौद्योगिकी संस्थान (MILIT) पुणे, सशस्त्र बलों के प्रमुख त्रि सेवा प्रौद्योगिकी संस्थान ने अपने 10वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 19 जनवरी 2022 को ‘अंतरिक्ष सुरक्षा : राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां और सामरिक प्रभाव’ पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। एयर वाइस मार्शल वी. राजशेखर ने कार्यवाही शुरू की। संगोष्ठी में पूरे देश में विभिन्न रक्षा प्रतिष्ठानों से 400 से अधिक ऑनलाइन प्रतिभागियों ने भाग लिया।
मौजूदा कोविड परिस्थिति के कारण संगोष्ठी वर्चुअल मोड में आयोजित की गई थी। संगोष्ठी में भाग लेने वाले प्रख्यात वक्ताओं और गणमान्य व्यक्तियों में एयर मार्शल बी.आर. कृष्णा, एवीएसएम, एससी, सीआईएससी, मुख्यालय आईडीएस, डॉ. वी.आर. ललिताम्बिका, विशिष्ट वैज्ञानिक और निदेशक, मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम निदेशालय इसरो, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल के. भट्ट पीवीएसएम, यूवाईएसएम, शामिल थे। एवीएसएम, एसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त), महानिदेशक, भारतीय अंतरिक्ष संघ, एवीएम डी.व.ी खोत, एवीएसएम, वीएम, महानिदेशक रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी, मेजर जनरल ध्रुव सी. कटोच, एसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त), भूमि युद्ध के लिए अतिरिक्त निदेशक केंद्र स्टडीज, और ग्रुप कैप्टन अजय लेले (सेवानिवृत्त), सीनियर फेलो, मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डेफ स्टडीज एंड एनालिसिस, सीआईएससी ने अपने मुख्य भाषण के दौरान भारतीय परिप्रेक्ष्य से अंतरिक्ष सुरक्षा की आवश्यकता और विकल्पों पर बात की।
संगोष्ठी में अंतरिक्ष के सामरिक उत्थान, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और अंतरिक्ष क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को मजबूत करने और अंतरिक्ष के शस्त्रीकरण और सैन्यीकरण पर विचार-विमर्श किया गया। पैनल चर्चा को एयर वाइस मार्शल डी.वी. खोत, एवीएसएम, वीएम, महानिदेशक रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा संचालित किया गया। अंततः ग्रुप कैप्टन जी. महेश कुमार द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह जानकारी पुणे रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी श्री महेश अय्यंगार द्वारा दी गई है।
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