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जलापूर्ति की मांग को लेकर शिवसेना ने हड़पसर क्षेत्रीय कार्यालय पर निकाला भव्य मोर्चा

केशवनगर में आठ दिन में पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो कर कार्यालय को ताला लगा दिया जाएगा : शिवसेना नगरसेवक प्रमोद नाना भानगिरे द्वारा चेतावनी

केशवनगर क्षेत्र में जलापूर्ति समस्या हल करने के लिए महानगरपालिका के उप अभियंता संजय पोल को निवेदन देते हुए नगरसेवक प्रमोद नाना भानगिरे व युवा नेता देवेंद्र भट, साथ में उपशहर संघटिका प्रा. विद्या संतोष होडे व अन्य। दूसरे चित्र में हड़पसर सहायक आयुक्त कार्यालय पर निकाले गए भव्य मोर्चा में शामिल प्रदर्शनकारी दिखाई दे रहे हैं।

हड़पसर, फरवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)

केशवनगर में महानगरपालिका के अवांछित प्रकल्प लाए जाते हैं, लेकिन जलापूर्ति नहीं की जाती है। न्याय मांगने पर विरोध प्रदर्शन करने पर अपराध दाखिल किया जाता है? कर वसूल किया जाता है और मूलभूत सुविधाएं प्रदान नहीं की जातीं। चूंकि यह एक धोखाधड़ी है, इसलिए पुणे महानगरपालिका और अधिकारियों पर मामले दर्ज किए जाएं। आठ दिन में पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो कर कार्यालय को ताला लगा दिया जाएगा। यह चेतावनी शिवसेना नगरसेवक प्रमोद नाना भानगिरे ने दी। केशवनगर क्षेत्र में जलापूर्ति नहीं होने के कारण शिवसेना नगरसेवक प्रमोद नाना भानगिरे व युवा नेता देवेंद्र भट के नेतृत्व में हड़पसर सहायक आयुक्त कार्यालय में भव्य मोर्चा का आयोजन किया गया था, तब वे बोल रहे थे। 
आंदोलन में नगरसेवक प्रमोद नाना भानगिरे के साथ दिलीप व्यवहारे, उपशहर संघटिका प्रा.विद्या संतोष होडे, अशोक येवले, मुकुंद माने, मयूर मुंगसे, विलास लोणकर, प्रकाश अहिरे, राजू शेखर नायर, गिरीश दिवाने, सचिन खंडागले, वर्षा खंडागले, उमेश टापरे, माधव पंडित, विजय सकटे, विनय गायकवाड, सोमनाथ कांबले, विजय अशवानी रावत, आदित्य भाट, पूजा शर्मा, मीना पाठक, ममता विश्वकर्मी के    साथ महिला व कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
महानगरपालिका के उप अभियंता संजय पोल ने निवेदन को स्वीकार करते हुए दो दिन में टैंकर से जलापूर्ति बहाल करने का लिखित आश्वासन दिया है।
अधिकारी क्यों चकमा दे रहे हैं? हजारों फ्लैट बने, साढ़े तीन लाख की वसूली, करोड़ों रुपये वसूले, फिर मूलभूत सुविधा क्यों नहीं? यह सवाल नाराज प्रदर्शनकारियों ने महानगरपालिका प्रशासन से करते हुए आगे कहा कि टैक्स महानगरपालिका का और अगर ग्रामपंचायत की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तो वे कुर्सियों से नीचे उतर जाओ। 
पुणे महानगरपालिका में गांवों को शामिल किया गया, इस परिसर से आप टैक्स वसूल कर रहे हो, टैक्स समय पर अदा नहीं किया गया तो उसका ब्याज देना पड़ता है। पानी, रास्ते, ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं महानगरपालिका आपूर्ति नहीं कर रही है, यह हमारी शोकांतिका है। भैंस झुंड परियोजना पूर्वी भाग के पास केशवनगर क्षेत्र में शुरू की गई, क्या यहां लोग नहीं रहते हैं? क्या जानवर रहते हैं? केशवनगर में पेयजल आपूर्ति नहीं, महिलाओं को दर दर भटकना पड़ता है। यदि महानगरपालिका के अधिकारी व नगरसेवक जल आपूर्ति बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं करते हैं तो जेल भरो आंदोलन होगा। यह  चेतावनी आयोजक देवेंद्र भट ने   दी है।

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