रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि उनके मंत्रालय ने 2025 तक एक लाख 75 हजार करोड़ रुपये लागत के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इनमें से 35 हजार करोड़ रूपये लागत के रक्षा साजो समान का निर्यात भी किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सार्वजनिक रक्षा क्षेत्र की ईकाइयों-डी.पी.एस.यू इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ये ईकाइयां रक्षा उत्पादन लक्ष्य का 70 से 80 प्रतिशत योगदान करेंगी।
वे आज नई दिल्ली में रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला के दौरान संबंधित निदेशकों को संबोधित कर रहे थे। श्री सिंह ने डी.पी.एस.यू के गैर सरकारी निदेशकों का आह्वान किया कि वे रक्षा क्षेत्र में आत्म निर्भरता प्राप्त करने की सरकार की विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने को सुनिश्चित बनाए।
श्री सिंह ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि आत्मनिर्भरता की दिशा में देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। इस स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ सामूहिक प्रयास की जरूरत है। रक्षा मंत्री ने गैर सरकारी निदेशकों को प्रहरी बताते हुए कहा कि ये वही अधिकारी हैं जो सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा ईकाइयों की रणनीति, कार्यशैली, प्रबंधन, संसाधनों और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों तथा इन ईकाइयों के उच्च मानकों का पूरा ध्यान रखते हैं। इन ईकाइयों की लक्ष्यों की प्राप्ति में गैर सरकारी निदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। श्री सिंह ने कहा कि निजी क्षेत्र की ईकाइयों में उच्च स्तरीय गुणवत्ता को सरकारी क्षेत्र की ईकाइयों में भी लाया जाना चाहिए और नीति-निर्धारण में भी इसे अपनाना चाहिए। श्री सिंह का कहना था कि गैर-सरकारी निदेशकों को रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक ईकाइयों को अनुसंधान और विकास के लिए प्रेरित करना चाहिए।
वे आज नई दिल्ली में रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला के दौरान संबंधित निदेशकों को संबोधित कर रहे थे। श्री सिंह ने डी.पी.एस.यू के गैर सरकारी निदेशकों का आह्वान किया कि वे रक्षा क्षेत्र में आत्म निर्भरता प्राप्त करने की सरकार की विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने को सुनिश्चित बनाए।
श्री सिंह ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि आत्मनिर्भरता की दिशा में देश परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। इस स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ सामूहिक प्रयास की जरूरत है। रक्षा मंत्री ने गैर सरकारी निदेशकों को प्रहरी बताते हुए कहा कि ये वही अधिकारी हैं जो सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा ईकाइयों की रणनीति, कार्यशैली, प्रबंधन, संसाधनों और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों तथा इन ईकाइयों के उच्च मानकों का पूरा ध्यान रखते हैं। इन ईकाइयों की लक्ष्यों की प्राप्ति में गैर सरकारी निदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। श्री सिंह ने कहा कि निजी क्षेत्र की ईकाइयों में उच्च स्तरीय गुणवत्ता को सरकारी क्षेत्र की ईकाइयों में भी लाया जाना चाहिए और नीति-निर्धारण में भी इसे अपनाना चाहिए। श्री सिंह का कहना था कि गैर-सरकारी निदेशकों को रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक ईकाइयों को अनुसंधान और विकास के लिए प्रेरित करना चाहिए।

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