मुंबई, जुलाई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
रेलवे सुरक्षा बल को रेल संपत्ति, यात्री क्षेत्र और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। "ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते" के तहत बच्चों के रेस्क्यू के लिए अन्य हितधारकों के साथ काम कर रहा है।
मध्य रेल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने शासकीय पुलिस के सहयोग से 745 बच्चों को रेस्क्यू किया है। पिछले 6 महीनों में यानी जनवरी 2022 से जून 2022 तक "ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते" के तहत मध्य रेल के रेलवे स्टेशन प्लेटफार्मों से रेलवे पुलिस और अन्य फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारी इसमें 490 लड़के और 255 लड़कियां शामिल हैं और चाइल्डलाइन जैसे गैर सरकारी संगठनों की मदद से अपने माता-पिता के साथ फिर से मिलाया है।
जो बच्चे अपने परिवार को बिना बताए किसी लड़ाई या किसी पारिवारिक समस्या या बेहतर जीवन की तलाश में या शहर की रौनक आदि के कारण रेलवे स्टेशन पर आते हैं, उन्हें प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मियों द्वारा पता लगाया जाता है। ये प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मी बच्चों से जुड़ते हैं, उनकी समस्याओं को समझते हैं और उन्हें अपने माता-पिता के साथ फिर से जुड़ने की सलाह देते हैं। कई माता-पिता रेलवे की इस नेक सेवा के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता और आभार व्यक्त करते हैं।
मध्य रेल पर जनवरी से जून 2022 तक बचाए गए बच्चों का मंडल-वार विवरण निम्नानुसार है :
-मध्य रेल के मुंबई मंडल ने सबसे अधिक 381 बच्चों को पंजीकृत किया, जिसमें 270 लड़के और 111 लड़कियां शामिल हैं।
-भुसावल मंडल ने 138 बच्चों को पंजीकृत किया जिसमें 72 लड़के और 66 लड़कियां शामिल हैं।
-पुणे मंडल ने 136 बच्चों को पंजीकृत किया जिसमें 98 लड़के और 38 लड़कियां शामिल हैं।
नागपुर मंडल ने 56 बच्चों को पंजीकृत किया जिसमें में 30 लड़के और 26 लड़कियां शामिल हैं।
-सोलापुर मंडल में 34 बच्चों को पंजीकृत किया जिसमें 20 लड़के और 14 लड़कियां शामिल हैं।
पिछले साल यानी 2021 के दौरान जनवरी से दिसंबर तक, मध्य रेल आरपीएफ ने जीआरपी और अन्य फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों के समन्वय से 603 लड़कों और 368 लड़कियों सहित 971 बच्चों को रेस्क्यू किया है।
इसके अलावा, रेलवे ने हाल ही में देश में रेलवे के माध्यम से मानव तस्करी को समाप्त करने की परियोजना पर काम करने के लिए एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एसोसिएशन को बचपन बचाओ आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है, जो नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के चिल्ड्रन फाउंडेशन से जुड़ा है। रेल के माध्यम से मानव तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए आरपीएफ ने "ऑपरेशन एएएचटी" (मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई) शुरू किया है और मानव तस्करी के शिकार लोगों को तस्करों के चंगुल से छुड़ा रहा है।
यह प्रेस विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।
रेलवे सुरक्षा बल को रेल संपत्ति, यात्री क्षेत्र और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। "ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते" के तहत बच्चों के रेस्क्यू के लिए अन्य हितधारकों के साथ काम कर रहा है।
मध्य रेल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने शासकीय पुलिस के सहयोग से 745 बच्चों को रेस्क्यू किया है। पिछले 6 महीनों में यानी जनवरी 2022 से जून 2022 तक "ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते" के तहत मध्य रेल के रेलवे स्टेशन प्लेटफार्मों से रेलवे पुलिस और अन्य फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारी इसमें 490 लड़के और 255 लड़कियां शामिल हैं और चाइल्डलाइन जैसे गैर सरकारी संगठनों की मदद से अपने माता-पिता के साथ फिर से मिलाया है।
जो बच्चे अपने परिवार को बिना बताए किसी लड़ाई या किसी पारिवारिक समस्या या बेहतर जीवन की तलाश में या शहर की रौनक आदि के कारण रेलवे स्टेशन पर आते हैं, उन्हें प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मियों द्वारा पता लगाया जाता है। ये प्रशिक्षित आरपीएफ कर्मी बच्चों से जुड़ते हैं, उनकी समस्याओं को समझते हैं और उन्हें अपने माता-पिता के साथ फिर से जुड़ने की सलाह देते हैं। कई माता-पिता रेलवे की इस नेक सेवा के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता और आभार व्यक्त करते हैं।
मध्य रेल पर जनवरी से जून 2022 तक बचाए गए बच्चों का मंडल-वार विवरण निम्नानुसार है :
-मध्य रेल के मुंबई मंडल ने सबसे अधिक 381 बच्चों को पंजीकृत किया, जिसमें 270 लड़के और 111 लड़कियां शामिल हैं।
-भुसावल मंडल ने 138 बच्चों को पंजीकृत किया जिसमें 72 लड़के और 66 लड़कियां शामिल हैं।
-पुणे मंडल ने 136 बच्चों को पंजीकृत किया जिसमें 98 लड़के और 38 लड़कियां शामिल हैं।
नागपुर मंडल ने 56 बच्चों को पंजीकृत किया जिसमें में 30 लड़के और 26 लड़कियां शामिल हैं।
-सोलापुर मंडल में 34 बच्चों को पंजीकृत किया जिसमें 20 लड़के और 14 लड़कियां शामिल हैं।
पिछले साल यानी 2021 के दौरान जनवरी से दिसंबर तक, मध्य रेल आरपीएफ ने जीआरपी और अन्य फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों के समन्वय से 603 लड़कों और 368 लड़कियों सहित 971 बच्चों को रेस्क्यू किया है।
इसके अलावा, रेलवे ने हाल ही में देश में रेलवे के माध्यम से मानव तस्करी को समाप्त करने की परियोजना पर काम करने के लिए एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एसोसिएशन को बचपन बचाओ आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है, जो नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के चिल्ड्रन फाउंडेशन से जुड़ा है। रेल के माध्यम से मानव तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए आरपीएफ ने "ऑपरेशन एएएचटी" (मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई) शुरू किया है और मानव तस्करी के शिकार लोगों को तस्करों के चंगुल से छुड़ा रहा है।
यह प्रेस विज्ञप्ति जनसंपर्क विभाग, मध्य रेल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई द्वारा जारी की गई है।

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