हड़पसर, मई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
महाजनहित प्रतिष्ठान की ओर से हड़पसर में पुणे महानगरपालिका की सीमा के भीतर समस्या व नियोजन शून्य विकास कार्यों के कारण करोड़ों रुपयों की बर्बादी हो रही है इस ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए महाजनहित प्रतिष्ठान के महासचिव हेमंत ढमढेरे की पहल पर विरोध आंदोलन किया गया।
विरोध आंदोलन में हड़पसर विधानसभा चुनाव क्षेत्र के विधायक चेतन तुपे, पूर्व उपमहापौर बंडूतात्या गायकवाड, पूर्व नगरसेवक मारुति आबा तुपे, सुनील बनकर, पुणे शहर कांग्रेस ओबीसी शहराध्यक्ष प्रशांत सुरसे, शिवसेना संघटक नितिन गावडे, महेंद्र बनकर, सुरेश हडदरे, उद्योजक विजय भाडले, पूर्व स्वीकृत नगरसेवक संजय शिंदे, नितिन आरु, सागरराजे भोसले, के.टी. आरु, तुषार गोफने, कन्हेया पालेशा, सतीश भिसे, असलम जमादार, आपचे दिलीप गायकवाड, नामदेव साखरे, मनसे अतिश कुर्हाडे, तुकाराम ससाणे आदि शामिल हुए थे।
पुणे महानगरपालिका में प्रशासन का शासन है, इसलिए उस पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिसके कारण कोई नियोजन न होने के कारण करोड़ों रुपये के विकास कार्य गलत तरीके से किए जा रहे हैं। नागरिकों के कर के पैसों की बर्बादी की जा रहा है। प्रशासन से जवाब पूछने के लिए नागरिकों को सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन करना चाहिए। यह विचार विधायक चेतन तुपे ने व्यक्त किए।
गलत मापदंड तय कर अच्छी सड़कें खोदी जाती हैं, महानगरपालिका व राज्य शासन की निधि का अपव्यय किया जा रहा है। इस पर अंकुश कौन लगाएगा? जहां आवश्यकता होती है वहां नागरिक सुविधाएं प्रदान नहीं की जाती हैं। इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें अगर सुधार नहीं हुआ तो पुणे शहर व जिले के चौक-चौक में आंदोलन किया जाएगा। यह चेतावनी महाजनहित प्रतिष्ठान के महासचिव हेमंत ढमढेरे ने दी है।
आंदोलन का सफलतापूर्वक नियोजन हेमंत ढमढेरे और अशोक राऊत के नेतृत्व में संजय मेहता, शामराव शिंदे, गिरीश टिबे, विपुल भाडले, राजू बोन्डगे, अमर चौधरी और धनंजय पोतदार द्वारा किया गया।
महाजनहित प्रतिष्ठान की ओर से हड़पसर में पुणे महानगरपालिका की सीमा के भीतर समस्या व नियोजन शून्य विकास कार्यों के कारण करोड़ों रुपयों की बर्बादी हो रही है इस ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए महाजनहित प्रतिष्ठान के महासचिव हेमंत ढमढेरे की पहल पर विरोध आंदोलन किया गया।
विरोध आंदोलन में हड़पसर विधानसभा चुनाव क्षेत्र के विधायक चेतन तुपे, पूर्व उपमहापौर बंडूतात्या गायकवाड, पूर्व नगरसेवक मारुति आबा तुपे, सुनील बनकर, पुणे शहर कांग्रेस ओबीसी शहराध्यक्ष प्रशांत सुरसे, शिवसेना संघटक नितिन गावडे, महेंद्र बनकर, सुरेश हडदरे, उद्योजक विजय भाडले, पूर्व स्वीकृत नगरसेवक संजय शिंदे, नितिन आरु, सागरराजे भोसले, के.टी. आरु, तुषार गोफने, कन्हेया पालेशा, सतीश भिसे, असलम जमादार, आपचे दिलीप गायकवाड, नामदेव साखरे, मनसे अतिश कुर्हाडे, तुकाराम ससाणे आदि शामिल हुए थे।
पुणे महानगरपालिका में प्रशासन का शासन है, इसलिए उस पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिसके कारण कोई नियोजन न होने के कारण करोड़ों रुपये के विकास कार्य गलत तरीके से किए जा रहे हैं। नागरिकों के कर के पैसों की बर्बादी की जा रहा है। प्रशासन से जवाब पूछने के लिए नागरिकों को सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन करना चाहिए। यह विचार विधायक चेतन तुपे ने व्यक्त किए।
गलत मापदंड तय कर अच्छी सड़कें खोदी जाती हैं, महानगरपालिका व राज्य शासन की निधि का अपव्यय किया जा रहा है। इस पर अंकुश कौन लगाएगा? जहां आवश्यकता होती है वहां नागरिक सुविधाएं प्रदान नहीं की जाती हैं। इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें अगर सुधार नहीं हुआ तो पुणे शहर व जिले के चौक-चौक में आंदोलन किया जाएगा। यह चेतावनी महाजनहित प्रतिष्ठान के महासचिव हेमंत ढमढेरे ने दी है।
आंदोलन का सफलतापूर्वक नियोजन हेमंत ढमढेरे और अशोक राऊत के नेतृत्व में संजय मेहता, शामराव शिंदे, गिरीश टिबे, विपुल भाडले, राजू बोन्डगे, अमर चौधरी और धनंजय पोतदार द्वारा किया गया।

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