हड़पसर, जुलाई (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
11 जुलाई 1987 को दुनिया में 5 अरबवें बच्चे का जन्म हुआ। तभी से इस दिन को विश्व जनसंख्या वृद्धि एवं जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व की जनसंख्या अब 8 अरब से अधिक हो गई है। 2023 में भारत की जनसंख्या बढ़कर 142 करोड़ 86 लाख हो गई है। जनसंख्या वृद्धि के फायदे और नुकसान दोनों हैं।
अतः जनसंख्या सीमित रहना आवश्यक है। किसी देश के विकास में गुणवत्तापूर्ण जनसंख्या का होना एक महत्वपूर्ण कारक है अन्यथा बढ़ती जनसंख्या एक वैश्विक समस्या बन सकती है। यह विचार रयत शिक्षण संस्था के आजीवन सदस्य बोर्ड के सचिव प्राचार्य दत्तात्रय जाधव ने व्यक्त किये।
साधना विद्यालय व आर.आर. शिंदे जूनियर कॉलेज हड़पसर में जनसंख्या वृद्धि एवं जागरूकता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां उपप्राचार्य डॉ. अमिरुद्दीन सिद्दीकी, उपमुख्याध्यापिका योजना निकम, पर्यवेक्षक शिवाजी मोहिते, कुमार बनसोडे, माधुरी राऊत, आजीवन सेवक अनिल मेमाणे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। सबसे पहले प्रतिमा का पूजन किया गया। स्कूल की उप शिक्षिका चित्रा हेंद्रे द्वारा जनसंख्या पर आधारित गीत प्रस्तुत किया गया। छात्र गंधर्व वाव्हल ने जनसंख्या वृद्धि एवं जागरूकता दिवस के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षक मनोगत में अनिल वाव्हल ने जनसंख्या वृद्धि एवं जागरूकता दिवस मनाने एवं जनसंख्या पक्ष-विपक्ष का उल्लेख संक्षिप्त रूप में विवरण किया।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक गणेश निचले ने किया। सूत्र-संचालन सविता पाषाणकर और आभार प्रदर्शन कोमल जायभाय ने किया।
11 जुलाई 1987 को दुनिया में 5 अरबवें बच्चे का जन्म हुआ। तभी से इस दिन को विश्व जनसंख्या वृद्धि एवं जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व की जनसंख्या अब 8 अरब से अधिक हो गई है। 2023 में भारत की जनसंख्या बढ़कर 142 करोड़ 86 लाख हो गई है। जनसंख्या वृद्धि के फायदे और नुकसान दोनों हैं।
अतः जनसंख्या सीमित रहना आवश्यक है। किसी देश के विकास में गुणवत्तापूर्ण जनसंख्या का होना एक महत्वपूर्ण कारक है अन्यथा बढ़ती जनसंख्या एक वैश्विक समस्या बन सकती है। यह विचार रयत शिक्षण संस्था के आजीवन सदस्य बोर्ड के सचिव प्राचार्य दत्तात्रय जाधव ने व्यक्त किये।
साधना विद्यालय व आर.आर. शिंदे जूनियर कॉलेज हड़पसर में जनसंख्या वृद्धि एवं जागरूकता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां उपप्राचार्य डॉ. अमिरुद्दीन सिद्दीकी, उपमुख्याध्यापिका योजना निकम, पर्यवेक्षक शिवाजी मोहिते, कुमार बनसोडे, माधुरी राऊत, आजीवन सेवक अनिल मेमाणे आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। सबसे पहले प्रतिमा का पूजन किया गया। स्कूल की उप शिक्षिका चित्रा हेंद्रे द्वारा जनसंख्या पर आधारित गीत प्रस्तुत किया गया। छात्र गंधर्व वाव्हल ने जनसंख्या वृद्धि एवं जागरूकता दिवस के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षक मनोगत में अनिल वाव्हल ने जनसंख्या वृद्धि एवं जागरूकता दिवस मनाने एवं जनसंख्या पक्ष-विपक्ष का उल्लेख संक्षिप्त रूप में विवरण किया।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक गणेश निचले ने किया। सूत्र-संचालन सविता पाषाणकर और आभार प्रदर्शन कोमल जायभाय ने किया।

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