कोंढवा, अक्टूबर, (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
अगर चाह है तो राह भी निकलेगी। अपनी इच्छा शक्ति के हौसले पर उड़ान भरने की कोशिश करते हुए अपने लक्ष्य को साकार करें। माता-पिता द्वारा आप आज इस स्थान तक पहुंच गए हो उनके योगदान को भी जरूर ध्यान में रखिए। मिसाइल मैन भारतरत्न डॉ. ए. पी.जे. अब्दुल कलाम को अपने जीवन का आयडॉल छात्रों को बनाना चाहिए। उनके जीवन चरित्र का अध्ययन करना चाहिए। यह विचार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.शरद कांदे ने व्यक्त किए।
ट्रिनिटी पॉलिटेक्निक में पठन प्रेरणा दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। संपूर्ण भारत में डॉ. ए. पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती को पठन प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पांच घंटे तक पठन कर उत्साहपूर्वक पठन प्रेरणा दिवस मनाया, तब छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए वे बोल रहे थे। यहां के.जे. इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष कल्याणराव जाधव, संकुल संचालक समीर कल्ला, प्रा. प्रतीक्षा सणस प्रा. युवराज पवार, प्रा.स्मिता जगताप, प्रा. संतोष डोईफोडे और विद्यार्थी उपस्थित थे।
अगर चाह है तो राह भी निकलेगी। अपनी इच्छा शक्ति के हौसले पर उड़ान भरने की कोशिश करते हुए अपने लक्ष्य को साकार करें। माता-पिता द्वारा आप आज इस स्थान तक पहुंच गए हो उनके योगदान को भी जरूर ध्यान में रखिए। मिसाइल मैन भारतरत्न डॉ. ए. पी.जे. अब्दुल कलाम को अपने जीवन का आयडॉल छात्रों को बनाना चाहिए। उनके जीवन चरित्र का अध्ययन करना चाहिए। यह विचार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.शरद कांदे ने व्यक्त किए।
ट्रिनिटी पॉलिटेक्निक में पठन प्रेरणा दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। संपूर्ण भारत में डॉ. ए. पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती को पठन प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पांच घंटे तक पठन कर उत्साहपूर्वक पठन प्रेरणा दिवस मनाया, तब छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए वे बोल रहे थे। यहां के.जे. इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष कल्याणराव जाधव, संकुल संचालक समीर कल्ला, प्रा. प्रतीक्षा सणस प्रा. युवराज पवार, प्रा.स्मिता जगताप, प्रा. संतोष डोईफोडे और विद्यार्थी उपस्थित थे।
इस अवसर पर के.जे. इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष कल्याणराव जाधव व संकुल संचालक समीर कल्ला ने उपस्थित छात्रों को मार्गदर्शन किया। विभाग प्रमुख हनुमंत इंगले ने अपने विचार व्यक्त करते हुए पढ़ने के महत्व के बारे में बताते हुए डॉ. अब्दुल कलाम के जीवन एवं कार्यों की समीक्षा की। साथ ही छात्र पार्थ सोनवणे (कंप्यूटर प्रथम वर्ष) ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक ग्रंथपाल श्रीमती स्वाति मते और आभार प्रदर्शन प्रा. स्मिता जगताप ने किया।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक ग्रंथपाल श्रीमती स्वाति मते और आभार प्रदर्शन प्रा. स्मिता जगताप ने किया।


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