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नुकसानग्रस्त किसानों की संवेदनशीलता से मदद की जानी चाहिए : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिए बीमा कंपनियों को निर्देश

मुंबई, अक्टूबर (महासंवाद)
राज्य के नुकसानग्रस्त किसानों को फसल बीमा योजना के माध्यम से मुआवजा दिलाते समय कम्पनियों को संवेदनशील एवं सकारात्मक ढंग से मदद करनी चाहिए। यह निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीमा कंपनियों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वर्षा निवासस्थान पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के खरीफ सीजन के कार्यान्वयन के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कृषि मंत्री धनंजय मुंडे, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री दादाजी भुसे, राहत एवं पुनर्वास मंत्री अनिल पाटिल, मुख्य सचिव मनोज सौनिक, कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपकुमार, कृषि आयुक्त सुनील चव्हाण के साथ बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा कि अगस्त में बारिश के कारण राज्य के किसानों को नुकसान हुआ है। राज्य सरकार उन्हें राहत देने के लिए मजबूती से खड़ी है। बीमा कंपनियों को भी उन किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए जिनका इस दौरान नुकसान हुआ है, इसलिए संकट के समय किसानों की मदद करने की भूमिका को संवेदनशीलता और सकारात्मकता से लिया जाना चाहिए।
किसानों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने एक रुपये में फसल बीमा योजना शुरू की है। यह कहते हुए कि महाराष्ट्र ऐसी बीमा योजना शुरू करने वाला पहला राज्य है। राज्य सरकार बीमा के लिए किसानों द्वारा भुगतान किए जाने वाले हिस्से का भुगतान कर रही है। बीमा कंपनियों को इसमें सरकार की भूमिका समझनी चाहिए। बीमा कंपनियों द्वारा प्रस्तावों पर उठाई गई आपत्तियों की जिलाधिकारी  द्वारा निष्पक्ष जांच करायी जाये। 
मंत्री श्री  मुंडे और मंत्री श्री भुसे ने इस समय कहा कि बीमा कंपनियां समय पर किसानों की मदद करें। खरीफ 2023 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 1 करोड़ 70 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। 113 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा किया गया है। राज्य में काम करनेवाली बीमा कंपनियाँ ओरिएंटल इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, यूनिवर्सल सोम्पो, यूनाइटेड इंडिया, चोलामंडलम एमएस, इंडियन एग्रीकल्चरल इंश्योरेंस कंपनी, एचडीएफसी एगो, रिलायंस जनरल हैं।

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